मिजोरम-मणिपुर में ₹3.68 करोड़ की मेथम्फेटामाइन और हेरोइन जब्त, 5 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
सुरक्षा बलों ने 20 सितंबर 2026 को मिजोरम और मणिपुर में अलग-अलग संयुक्त अभियानों के दौरान ₹3.68 करोड़ से अधिक मूल्य की मेथम्फेटामाइन टैबलेट और हेरोइन बरामद की तथा 5 नशा तस्करों को हिरासत में लिया। असम राइफल्स, मिजोरम पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीमों ने ये कार्रवाइयाँ खुफिया सूचनाओं के आधार पर की।
मिजोरम में अभियान: सैतुअल और चम्फाई जिले
सैतुअल जिले के मिम्बुंग-कावलबेम-गोपा के टी-जंक्शन क्षेत्र में असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस की संयुक्त टीम ने नशीले पदार्थों की अवैध आवाजाही की विशिष्ट खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को दबोचा। गिरफ्तार व्यक्ति के पास से 2.285 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन टैबलेट बरामद हुईं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹1.83 करोड़ है। गिरफ्तार व्यक्ति और जब्त सामग्री को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत आगे की जाँच के लिए न्गोपा पुलिस स्टेशन को सौंपा गया।
चम्फाई जिले के सीमावर्ती क्षेत्र जोखावथर के आयरन गेट पर एक अन्य अभियान में, जो म्यांमार से होने वाली अवैध मादक पदार्थों की तस्करी का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है, असम राइफल्स ने मिजोरम पुलिस के साथ मिलकर एक तस्कर को पकड़ा। उसके पास से 28 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹5.6 लाख है। गिरफ्तार व्यक्ति और जब्त हेरोइन को जोखावथर पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया।
मणिपुर में कार्रवाई: सेनापति जिले में तीन गिरफ्तार
मणिपुर के सेनापति जिले में राज्य पुलिस, CRPF और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने असम के गोलपारा जिले के मूल निवासी दो तस्करों — रोहिम अली (23 वर्ष) और अनवर हुसैन लस्कर (48 वर्ष) — को गिरफ्तार किया। उनके पास से 10 पैकेटों में 2.3 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन टैबलेट बरामद हुईं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹1.80 करोड़ है। आगे की जाँच में उनके एक साथी मोहम्मद नवाज खान, जो इम्फाल के मयाई लीकाई का निवासी है, को भी गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक बोलेरो वाहन और ₹5,000 नकद भी ज़ब्त किए गए।
गोल्डन ट्रायंगल और पूर्वोत्तर: तस्करी का संदर्भ
पूर्वोत्तर भारत की भौगोलिक स्थिति इसे मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के लिए संवेदनशील बनाती है। मिजोरम के 6 जिले और मणिपुर के 5 जिले मिलकर म्यांमार के साथ लगभग 910 किलोमीटर की बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। यह क्षेत्र विश्व के सबसे बड़े अवैध मादक पदार्थ उत्पादन क्षेत्रों में से एक, गोल्डन ट्रायंगल, की निकटता के कारण तस्करों के लिए एक प्रमुख मार्ग बन गया है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र वर्षों से मेथम्फेटामाइन — जिसे स्थानीय रूप से 'याबा' या 'WY टैबलेट' भी कहा जाता है — की आवाजाही का प्रमुख गलियारा बना हुआ है।
सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
एक आधिकारिक बयान में असम राइफल्स ने कहा कि यह सफल अभियान मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने और क्षेत्र की सीमावर्ती आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सुरक्षा बलों की परिचालन क्षमता, सतर्कता और खुफिया-आधारित दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। सभी गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं और जाँच जारी है। यह कार्रवाई पूर्वोत्तर में मादक पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने के व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो आने वाले समय में और तेज़ होने की संभावना है।