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मिजोरम में 4 ड्रग तस्कर गिरफ्तार, तीन अभियानों में ₹8.54 करोड़ का मेथ और हेरोइन जब्त

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मिजोरम में 4 ड्रग तस्कर गिरफ्तार, तीन अभियानों में ₹8.54 करोड़ का मेथ और हेरोइन जब्त

सारांश

मिजोरम STF और नारकोटिक्स पुलिस के तीन समन्वित अभियानों में ₹8.54 करोड़ का मेथ और हेरोइन जब्त हुआ, म्यांमार नागरिक सहित चार गिरफ्तार। चम्फाई की खुली सीमा एक बार फिर तस्करी नेटवर्क के केंद्र में।

मुख्य बातें

मिजोरम पुलिस STF और स्पेशल नारकोटिक्स टीम ने 3 अगस्त 2026 को तीन अलग-अलग अभियान चलाए।
कुल ₹8.54 करोड़ से अधिक मूल्य की मेथामफेटामाइन गोलियाँ और हेरोइन बरामद।
म्यांमार के ताहान निवासी वनलालमुआना (27) सहित चार आरोपी गिरफ्तार।
चम्फाई से आइजोल जा रहे ट्रक से 9.796 किलोग्राम मेथ, कीमत ₹7.83 करोड़ ।
साबुन की डिब्बियों में छिपाकर ले जाई जा रही 241.21 ग्राम व 118 ग्राम हेरोइन भी जब्त।
NDPS अधिनियम, 1985 के तहत तीन अलग मुकदमे दर्ज।

मिजोरम पुलिस ने 3 अगस्त 2026 को तीन समन्वित अभियानों में म्यांमार के एक नागरिक सहित चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया और ₹8.54 करोड़ से अधिक मूल्य की मेथामफेटामाइन गोलियाँ तथा हेरोइन बरामद की। यह कार्रवाई चम्फाई और जेमाबॉक क्षेत्रों में की गई, जो म्यांमार से लगी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट हैं।

पहला अभियान: ट्रक से ₹7.83 करोड़ का मेथ बरामद

मिजोरम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने रिक्रूट कांस्टेबलों की सहायता से चम्फाई से आइजोल जा रहे एक ट्रक को रोका। तलाशी में 9.796 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियों के 10 बंडल मिले, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹7.83 करोड़ आँकी गई है। ट्रक चालक वनलालरुत्साका (32), जो चम्फाई जिले का निवासी है, को हिरासत में लिया गया। उल्लेखनीय है कि चम्फाई जिले की सीमा म्यांमार के साथ बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगती है, जो इसे तस्करी का एक संवेदनशील मार्ग बनाती है।

दूसरा अभियान: साबुन की डिब्बियों में छिपाई हेरोइन

स्पेशल नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन की एक टीम ने जेमाबॉक में साबुन की 20 डिब्बियों में छिपाई गई 241.21 ग्राम हेरोइन जब्त की। यह नशीला सामान कथित तौर पर असम के कछार जिले के निवासी हुसैन अहमद लस्कर (23) और नूर अहमद लस्कर (34) द्वारा ले जाया जा रहा था। दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने एक महिंद्रा बोलेरो पिक-अप वैन भी जब्त की, जिसका कथित तौर पर नशीले पदार्थ ढोने के लिए उपयोग किया जा रहा था।

तीसरा अभियान: म्यांमार नागरिक से हेरोइन बरामद

STF ने खानकॉन चेक गेट पर आइजोल की ओर जा रही एक गाड़ी रोकी। साबुन के 10 केस में छिपाई गई 118 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अवैध बाज़ार में कीमत लगभग ₹23.60 लाख बताई गई है। हेरोइन कथित तौर पर म्यांमार के ताहान के निवासी वनलालमुआना (27) के पास से मिली, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने तीनों मामलों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। सभी चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

सीमावर्ती तस्करी का बड़ा खतरा

यह ऐसे समय में आया है जब मिजोरम, म्यांमार से लगी खुली सीमा के कारण 'गोल्डन ट्राएंगल' से आने वाले नशीले पदार्थों का प्रमुख पारगमन मार्ग बना हुआ है। गौरतलब है कि इस वर्ष राज्य में ड्रग जब्ती की यह एक और बड़ी कार्रवाई है, जो दर्शाती है कि सीमा पार तस्करी नेटवर्क सक्रिय हैं। STF और स्पेशल नारकोटिक्स पुलिस की संयुक्त भूमिका इस अभियान की व्यापकता को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह तीन-अभियान कार्रवाई उस समस्या की गहराई को उजागर करती है। साबुन की डिब्बियों जैसी सामान्य वस्तुओं में नशा छिपाने की तकनीक बताती है कि तस्करी नेटवर्क परिष्कृत और अनुकूलनशील हैं। असली सवाल यह है कि बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जब्ती तो होती है, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला के ऊपरी सिरे — म्यांमार में बैठे आपूर्तिकर्ता — तक कब पहुँचा जाएगा।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिजोरम में 3 अगस्त को क्या हुआ?
मिजोरम पुलिस STF और स्पेशल नारकोटिक्स टीम ने तीन अलग-अलग अभियानों में ₹8.54 करोड़ से अधिक मूल्य की मेथामफेटामाइन गोलियाँ और हेरोइन जब्त की तथा म्यांमार के एक नागरिक सहित चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया।
कितनी मात्रा में नशीला सामान जब्त हुआ?
कुल जब्ती में 9.796 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियाँ (₹7.83 करोड़), 241.21 ग्राम हेरोइन और 118 ग्राम हेरोइन (₹23.60 लाख) शामिल हैं। सभी मिलाकर अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹8.54 करोड़ से अधिक है।
गिरफ्तार तस्कर कौन हैं?
गिरफ्तार चार आरोपियों में चम्फाई के वनलालरुत्साका (32), असम के कछार जिले के हुसैन अहमद लस्कर (23) और नूर अहमद लस्कर (34), तथा म्यांमार के ताहान के वनलालमुआना (27) शामिल हैं।
मिजोरम ड्रग तस्करी का प्रमुख मार्ग क्यों बना हुआ है?
चम्फाई जिले की सीमा म्यांमार के साथ बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगती है, जो 'गोल्डन ट्राएंगल' से आने वाले नशीले पदार्थों के लिए एक सुलभ पारगमन मार्ग बनाती है।
इस मामले में कौन-सा कानून लागू हुआ?
पुलिस ने तीनों घटनाओं में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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