मिजोरम के सैतुअल में ₹12.09 करोड़ की हेरोइन जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को सैतुअल जिले के न्गोपा इलाके में दो अलग-अलग संयुक्त अभियानों में ₹12.09 करोड़ मूल्य की हेरोइन जब्त की और दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया। खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए इन अभियानों में तस्करों द्वारा अपनाई गई परिष्कृत छुपाने की तकनीक का भी पर्दाफाश हुआ।
पहला अभियान: साबुन की टिकियों में छिपी हेरोइन
एक सहयोगी एजेंसी से मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर असम राइफल्स ने मिजोरम पुलिस के साथ मिलकर न्गोपा इलाके में पहला संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान संयुक्त दल ने एक संदिग्ध वाहन की जाँच की, जिसमें गाड़ी की पिछली नंबर प्लेट के पीछे विशेष रूप से बनाए गए एक खाने में 109 साबुन की टिकियाँ मिलीं। इन टिकियों में कुल 1.180 किलोग्राम हेरोइन छिपाई गई थी, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹8.85 करोड़ आँकी गई है। वाहन को जब्त कर लिया गया और उसमें सवार एक तस्कर को हिरासत में लिया गया।
दूसरा अभियान: ट्रक में मिला ड्रग पैकेट
उसी दिन, उसी न्गोपा इलाके में एक अन्य संयुक्त अभियान के दौरान एक ट्रक की जाँच में एक छिपा हुआ पैकेट मिला, जिसमें 40 साबुन की टिकियाँ थीं और उनमें 432 ग्राम हेरोइन भरी हुई थी। इस खेप की अनुमानित कीमत ₹3.24 करोड़ बताई गई है। ट्रक भी जब्त किया गया और गिरफ्तार तस्कर की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के निवासी 57 वर्षीय देवेंद्र सिंह के रूप में हुई।
कानूनी कार्रवाई
दोनों मामलों में बरामद हेरोइन, जब्त वाहन और गिरफ्तार तस्करों को आगे की जाँच और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए मिजोरम पुलिस को सौंप दिया गया है।
मिजोरम क्यों बना तस्करी का गलियारा
सैतुअल जिला मिजोरम के उत्तरी हिस्से में स्थित है और यह पहाड़ी जिला मणिपुर तथा म्यांमार के साथ सीमा साझा करता है। मिजोरम, म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर और बांग्लादेश के साथ 318 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जो इसे पूर्वोत्तर भारत में ड्रग तस्करी का एक संवेदनशील मार्ग बनाती है। म्यांमार का चिन राज्य, सैतुअल, चम्फाई, सियाहा, लॉंगत्लाई, हनाहथियाल और सेरछिप जिलों के रास्ते विभिन्न प्रकार के ड्रग्स और प्रतिबंधित सामानों की तस्करी का एक प्रमुख स्रोत माना जाता है।
सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई
असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस अंतरराष्ट्रीय सीमा और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार खुफिया-आधारित अभियान चला रही हैं, ताकि तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। यह ताज़ा कार्रवाई इस क्षेत्र में बढ़ती सतर्कता का संकेत देती है और आने वाले समय में और अधिक समन्वित अभियानों की संभावना जताती है।