14 अगस्त 2026
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मिजोरम में ₹6.51 करोड़ की हेरोइन बरामद: असम राइफल्स-पुलिस के संयुक्त अभियान में 2 तस्कर गिरफ्तार

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मिजोरम में ₹6.51 करोड़ की हेरोइन बरामद: असम राइफल्स-पुलिस के संयुक्त अभियान में 2 तस्कर गिरफ्तार

सारांश

मिजोरम के सैतुअल जिले में असम राइफल्स और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ट्रक के मॉडिफाइड टूलबॉक्स में छिपाई गई ₹6.51 करोड़ की 868 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। साबुन के 73 डिब्बों में छिपाई गई इस खेप ने तस्करों की शातिर तकनीक को उजागर किया। दो आरोपी गिरफ्तार, NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज।

मुख्य बातें

असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस के संयुक्त अभियान में 13 अगस्त 2026 को सैतुअल जिले के केइफांग क्षेत्र से 868 ग्राम हेरोइन नंबर 4 बरामद की गई।
बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत ₹6.51 करोड़ आँकी गई है।
हेरोइन को ट्रक के मॉडिफाइड टूलबॉक्स में बने गुप्त कम्पार्टमेंट में 73 साबुन के डिब्बों के भीतर छिपाकर रखा गया था।
ट्रक में सवार दो तस्करों को मौके से गिरफ्तार कर सैतुअल पुलिस के हवाले किया गया।
NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज; पुलिस तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी।

असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस की संयुक्त टीम ने 13 अगस्त 2026 को सैतुअल जिले के केइफांग क्षेत्र में एक ट्रक से 868 ग्राम हेरोइन नंबर 4 जब्त की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत ₹6.51 करोड़ आँकी गई है। इस कार्रवाई में दो तस्करों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

ऑपरेशन का घटनाक्रम

खुफिया सूचना के आधार पर बुधवार सुबह संयुक्त दल ने केइफांग इलाके में एक संदिग्ध ट्रक को रोका। गहन तलाशी के दौरान जवानों को वाहन में एक मॉडिफाइड और सील किया हुआ टूलबॉक्स मिला, जिसके भीतर एक विशेष रूप से निर्मित छिपा हुआ कम्पार्टमेंट था।

उस गुप्त खाने में 73 साबुन के डिब्बे रखे हुए थे। जब डिब्बों को खोला गया तो उनमें कुल 868 ग्राम हेरोइन नंबर 4 भरी मिली। अधिकारियों के अनुसार, सामान छिपाने की यह तकनीक इतनी परिष्कृत थी कि सामान्य जाँच में इसे पकड़ पाना लगभग असंभव था।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

ट्रक में सवार दोनों व्यक्तियों को मौके से ही पकड़ लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए सैतुअल पुलिस के हवाले कर दिया गया। सैतुअल पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

जाँच का दायरा

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप कहाँ से लाई जा रही थी और इसकी डिलीवरी का गंतव्य क्या था। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की भी तलाश की जाएगी।

आम जनता और क्षेत्र पर असर

यह जब्ती मिजोरम के रास्ते सक्रिय नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है। गौरतलब है कि मिजोरम म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं से लगा राज्य है, जो इसे तस्करी के लिए एक संवेदनशील गलियारा बनाता है। यह ऑपरेशन दर्शाता है कि सटीक खुफिया जानकारी और समन्वित अभियान किस तरह परिष्कृत तस्करी तकनीकों को भी नाकाम कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल एक कड़ी को हटाती हैं जिसकी जगह जल्द भर ली जाती है। उत्तर-पूर्व में नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए खुफिया-आधारित अभियानों के साथ-साथ सीमा प्रबंधन और पुनर्वास नीति दोनों स्तरों पर दीर्घकालिक रणनीति की ज़रूरत है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिजोरम में हेरोइन बरामदगी की यह कार्रवाई कहाँ और कब हुई?
यह कार्रवाई 13 अगस्त 2026 को मिजोरम के सैतुअल जिले के केइफांग क्षेत्र में हुई। असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह एक ट्रक को रोककर उसमें से 868 ग्राम हेरोइन नंबर 4 बरामद की।
हेरोइन को ट्रक में कैसे छिपाया गया था?
तस्करों ने ट्रक के टूलबॉक्स को मॉडिफाई कर उसमें एक गुप्त कम्पार्टमेंट बनाया था। उस छिपे हुए खाने में 73 साबुन के डिब्बे रखे गए थे, जिनके भीतर 868 ग्राम हेरोइन भरी हुई थी। अधिकारियों के अनुसार यह तकनीक इतनी परिष्कृत थी कि सामान्य जाँच में पकड़ में नहीं आती।
गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई है?
दोनों गिरफ्तार आरोपियों को सैतुअल पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।
बरामद हेरोइन की कीमत कितनी है और जाँच आगे कहाँ जाएगी?
बरामद 868 ग्राम हेरोइन नंबर 4 की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत ₹6.51 करोड़ आँकी गई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि खेप का स्रोत और गंतव्य क्या था, और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
मिजोरम नशा तस्करी के लिए संवेदनशील क्षेत्र क्यों माना जाता है?
मिजोरम म्यांमार और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगा राज्य है, जो इसे 'गोल्डन ट्राएंगल' से भारत के भीतरी हिस्सों तक नशीले पदार्थ पहुँचाने के लिए एक प्रमुख तस्करी गलियारा बनाता है। इस कारण यहाँ सुरक्षा बलों द्वारा नियमित संयुक्त अभियान चलाए जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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