मिजोरम में असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई: ₹1.34 करोड़ की हेरोइन जब्त, 3 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स ने 24 जून 2026 को मिजोरम में मिजोरम पुलिस और एक्साइज विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए ₹1.34 करोड़ से अधिक मूल्य की हेरोइन जब्त की और तीन कथित नशा तस्करों को अलग-अलग स्थानों पर गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई राज्य में सीमा पार नशा तस्करी के विरुद्ध चल रहे खुफिया-आधारित अभियानों की कड़ी में नवीनतम है।
चम्फाई जिले में पहला अभियान
एक रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर असम राइफल्स के जवानों और मिजोरम पुलिस ने चम्फाई जिले के जोते इलाके में एक लक्षित अभियान चलाया। संयुक्त टीम ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका, जिनकी गतिविधियाँ संदिग्ध पाई गईं।
तलाशी के दौरान उनके पास से 141.42 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत लगभग ₹1.06 करोड़ बताई गई है। दोनों आरोपियों और बरामद नशीले पदार्थ को आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए चम्फाई एक्साइज एवं नारकोटिक्स विभाग को सौंप दिया गया।
आइजोल जिले में दूसरी कार्रवाई
इसी दिन आइजोल जिले के बवंगकावन इलाके में नशीले पदार्थों की आवाजाही की सूचना पर असम राइफल्स और एक्साइज विभाग ने एक और संयुक्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया, जिसके पास तीन डिब्बों में लगभग 38 ग्राम हेरोइन मिली — जिसकी कीमत करीब ₹28.5 लाख आँकी गई है।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान लालवुंगा (41 वर्ष) के रूप में हुई है, जो चम्फाई जिले के मुआलकावी का निवासी है। उसे नशीला पदार्थ पहुँचाने की कोशिश के दौरान पकड़ा गया। बरामद हेरोइन और आरोपी को आगे की जाँच के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है।
म्यांमार सीमा और तस्करी का संवेदनशील मार्ग
अधिकारियों के अनुसार, म्यांमार का चिन राज्य लंबे समय से भारत में नशीले पदार्थों, वन्यजीवों और अन्य अवैध वस्तुओं की तस्करी का प्रमुख मार्ग रहा है — खासकर मिजोरम के सीमावर्ती जिलों के ज़रिए। यह क्षेत्र 510 किलोमीटर लंबी खुली और पहाड़ी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जो इसे तस्करी के लिए अत्यंत संवेदनशील बनाती है। गौरतलब है कि मिजोरम के सीमावर्ती जिले 'गोल्डन ट्राएंगल' से आने वाले नशीले पदार्थों के पारगमन मार्ग पर स्थित हैं, जिससे यहाँ तस्करी की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं।
अंतर-एजेंसी समन्वय का महत्व
सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि ये सफल कार्रवाइयाँ असम राइफल्स और अन्य एजेंसियों के बीच मज़बूत समन्वय को दर्शाती हैं। लगातार खुफिया-आधारित अभियान और अंतर-एजेंसी सहयोग के ज़रिए नशा तस्करी पर रोक लगाने के प्रयास जारी रहेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें पूर्वोत्तर भारत में नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सक्रिय अभियान चला रही हैं।