असम राइफल्स और कछार पुलिस ने हेरोइन की तस्करी में दो लोगों को गिरफ्तार किया, जब्त की गई राशि ₹7 करोड़
सारांश
Key Takeaways
- असम राइफल्स और कछार पुलिस का संयुक्त अभियान सफल रहा।
- ₹7 करोड़ की हेरोइन जब्त की गई।
- दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
- नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
- म्यांमार से तस्करी के प्रयासों का पता लगाया गया।
सिलचर, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध असम राइफल्स ने कछार जिला पुलिस के साथ मिलकर एक प्रभावी संयुक्त अभियान में सात करोड़ रुपए की हेरोइन जब्त की है।
कछार जिले के एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह ऑपरेशन उस विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था, जो जिले में नशीले पदार्थों की आवाजाही के संबंध में मिली थी। इस जिले की सीमाएं मिजोरम और मणिपुर राज्यों से लगती हैं।
जानकारी मिलने के तुरंत बाद, संयुक्त टीम ने मंगलवार रात भास्करखंडी के पास दो संदिग्ध ड्रग पेडलर्स को रोका। गहन तलाशी में उनके पास से हेरोइन की बड़ी खेप बरामद हुई। टीम ने मौके पर ही तस्करी में शामिल दोनों व्यक्तियों को पकड़ लिया। आरोपियों से एक गाड़ी और दो मोबाइल भी जब्त किए गए।
जब्त की गई सभी वस्तुओं को आगे की जांच और कानूनी कार्यवाही के लिए संबंधित अधिकारियों के हवाले किया गया है। अधिकारी ने बताया कि इस तस्करी के प्रयास के पीछे के बड़े नेटवर्क का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
असम राइफल्स और कछार जिला पुलिस ने क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए अपने समन्वित प्रयासों को तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह ताजा बरामदगी नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि ये ड्रग्स म्यांमार से तस्करी करके लाए गए थे और इन्हें असम या मेघालय के रास्ते बांग्लादेश या भारत के अन्य भागों में भेजने की योजना थी।
यह जान लेना महत्वपूर्ण है कि पड़ोसी राज्य मिजोरम की म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा और बांग्लादेश के साथ 318 किलोमीटर लंबी खुली पहाड़ी सीमा है। इस कारण यह क्षेत्र ड्रग्स की सीमा पार तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है।
म्यांमार से तस्करी के दौरान लाए जाने वाले सबसे सामान्य पदार्थों में अत्यधिक नशीली मेथामफेटामाइन गोलियां शामिल हैं, जिन्हें आमतौर पर 'याबा' या 'पार्टी टैबलेट' के नाम से जाना जाता है।
इन गोलियों को अक्सर 'क्रेजी ड्रग्स' कहा जाता है। इनमें मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है। भारत में इन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।