असम-मिजोरम बॉर्डर पर ₹5 करोड़ की ड्रग्स जब्त, असम राइफल्स-पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में 2 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स और असम पुलिस ने 28 जून को असम-मिजोरम सीमा पर कछार जिले के लैलापुर इलाके में एक संयुक्त ड्रग-रोधी अभियान के दौरान लगभग ₹5 करोड़ मूल्य की नशीली दवाएं जब्त कीं और दो कथित ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार यह ऑपरेशन अंतर-राज्यीय सीमा से नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी पक्की खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था।
ऑपरेशन का घटनाक्रम
शनिवार देर रात सुरक्षाकर्मियों ने लैलापुर क्षेत्र में घेराबंदी की। जैसे ही संयुक्त दल आगे बढ़ा, दो संदिग्धों ने कथित तौर पर मौके से भागने की कोशिश की। सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उनका पीछा किया और थोड़ी देर में दोनों को दबोच लिया।
तलाशी के दौरान साबुन की 42 डिब्बियों में छुपाई गई संदिग्ध हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹2 करोड़ बताई गई है। इसके अलावा 10,000 याबा गोलियां भी जब्त की गईं, जिनका बाज़ार मूल्य लगभग ₹3 करोड़ आंका गया है।
बरामदगी का विवरण
जब्त सामग्री में संदिग्ध हेरोइन, याबा (मेथामफेटामाइन) गोलियां और दो मोबाइल फोन शामिल हैं। माना जा रहा है कि ये मोबाइल फोन तस्करी नेटवर्क से संपर्क के लिए उपयोग किए जाते थे। सभी बरामद सामग्री, दोनों आरोपियों के साथ, आगे की कानूनी कार्रवाई और मामला दर्ज करने के लिए कछार पुलिस को सौंप दी गई।
जांच की दिशा
पुलिस ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि ये नशीले पदार्थ कहाँ से आए, इन्हें कहाँ पहुंचाया जाना था, और क्या गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े अंतर-राज्यीय या सीमा-पार ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच में आपूर्ति श्रृंखला की पूरी कड़ी को उजागर करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
पूर्वोत्तर में ड्रग तस्करी की चुनौती
यह ऐसे समय में आया है जब असम-मिजोरम सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रही हैं। ड्रग सिंडिकेट इस मार्ग से हेरोइन, मेथामफेटामाइन और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी की बार-बार कोशिश करते रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत 'गोल्डन ट्रायंगल' से आने वाली ड्रग्स के लिए एक प्रमुख पारगमन मार्ग रहा है।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने इस बरामदगी को पूर्वोत्तर में ड्रग तस्करी के विरुद्ध चल रहे अभियान की एक बड़ी सफलता बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि असम राइफल्स और कछार पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के साथ खुफिया जानकारी पर आधारित ऐसे ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे, ताकि इस इलाके में सक्रिय संगठित तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।