13 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बीरभूम फरार खदान मालिक तुलु मंडल के घर चस्पा हुआ कोर्ट समन, 14 अगस्त तक पेशी का आदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बीरभूम फरार खदान मालिक तुलु मंडल के घर चस्पा हुआ कोर्ट समन, 14 अगस्त तक पेशी का आदेश

सारांश

बीरभूम का फरार खदान मालिक तुलु मंडल अब 'भगोड़ा' घोषित है — घर पर कोर्ट समन चस्पा, रेड-कॉर्नर नोटिस जारी। रिश्तेदार के घर से ₹50 करोड़ से अधिक की नकदी और सोना बरामद होने के बाद ED और पुलिस दोनों उसकी तलाश में हैं।

मुख्य बातें

बीरभूम पुलिस ने 13 अगस्त को फरार तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के घर की दीवार पर जिला अदालत का समन चस्पा किया।
आरोपी को 14 अगस्त सुबह 10 बजे तक बीरभूम जिला अदालत में हाज़िर होने का आदेश दिया गया है।
तुलु मंडल पर संगठित अपराध , सबूत नष्ट करने और आपराधिक विश्वासघात के आरोप हैं; अदालत उसे 'भगोड़ा' घोषित कर चुकी है।
उसके रिश्तेदार मीनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और ₹22 करोड़ मूल्य का सोना बरामद हुआ था।
रेड-कॉर्नर नोटिस जारी होने से तुलु का विदेश भागना कानूनी तौर पर संभव नहीं; पेश न होने पर संपत्ति जब्ती की कार्रवाई होगी।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में बीरभूम पुलिस ने गुरुवार, 13 अगस्त को फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के घर की दीवार पर जिला अदालत का समन चस्पा किया। आरोपी को 14 अगस्त की सुबह 10 बजे तक बीरभूम जिला अदालत में हाज़िर होने का निर्देश दिया गया है। नजीबुद्दीन के विरुद्ध पिछले सप्ताह ही रेड-कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है और जिला अदालत उसे आधिकारिक रूप से 'भगोड़ा' घोषित कर चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस की एक टीम गुरुवार को तुलु मंडल के आवास पर पहुँची और दीवार पर समन चिपकाया। समन में स्पष्ट किया गया है कि संगठित अपराध, सबूत नष्ट करने और आपराधिक विश्वासघात के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी नजीबुद्दीन फरार है। अदालत ने उसे 'भगोड़ा' घोषित करते हुए यह कानूनी कदम उठाया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "चूँकि रेड-कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी हो चुका है, इसलिए वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा से कानूनी तौर पर विदेश नहीं भाग सकता। एक बार जब उसे आधिकारिक तौर पर 'घोषित अपराधी' करार दिया जाएगा, तो अगली प्रक्रिया उसकी सभी संपत्तियों को जब्त करने की होगी।"

करोड़ों की नकदी और सोने की बरामदगी

इस महीने की शुरुआत में तुलु मंडल के करीबी रिश्तेदार मीनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और लगभग ₹22 करोड़ मूल्य का सोना बरामद हुआ था। पूछताछ के दौरान मीनार मंडल ने स्वीकार किया कि यह संपत्ति तुलु की थी और उसे केवल सुरक्षित रखने के लिए सौंपी गई थी।

इस खुलासे के बाद से तुलु मंडल लगातार पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रडार पर है। मीनार मंडल की गिरफ्तारी के तुरंत बाद तुलु फरार हो गया, जिसके बाद जिला अदालत से नोटिस और फिर रेड-कॉर्नर नोटिस जारी किया गया।

तुलु मंडल की पृष्ठभूमि

बताया जाता है कि तुलु मंडल ने अपना जीवन एक दिहाड़ी मजदूर के रूप में शुरू किया था। कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल का करीबी सहयोगी बनने के बाद वह तेजी से धनवान हुआ। गौरतलब है कि तुलु मंडल का नाम 2022 के मवेशी तस्करी मामले में भी सामने आया था, जो बीरभूम में व्यापक जाँच का विषय बना था।

आगे क्या होगा

यदि 14 अगस्त को तुलु मंडल अदालत में पेश नहीं होता, तो उसे औपचारिक रूप से 'घोषित अपराधी' (Proclaimed Offender) घोषित किया जा सकता है, जिसके बाद उसकी चल-अचल संपत्तियाँ जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। रेड-कॉर्नर नोटिस के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उसकी गिरफ्तारी की कोशिश जारी रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन कौन है?
तुलु मंडल पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले का एक पत्थर खदान मालिक है, जो कथित तौर पर TMC नेता अनुब्रत मंडल का करीबी सहयोगी रहा है। वह दिहाड़ी मजदूर से तेजी से धनवान बना और 2022 के मवेशी तस्करी मामले में भी उसका नाम आया था।
तुलु मंडल के खिलाफ क्या आरोप हैं?
उस पर संगठित अपराध, सबूत नष्ट करने और आपराधिक विश्वासघात के आरोप हैं। इन्हीं आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद वह फरार हो गया, जिसके बाद बीरभूम जिला अदालत ने उसे 'भगोड़ा' घोषित किया।
मीनार मंडल के घर से क्या बरामद हुआ था?
तुलु मंडल के करीबी रिश्तेदार मीनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और लगभग ₹22 करोड़ मूल्य का सोना बरामद हुआ था। पूछताछ में मीनार ने बताया कि यह संपत्ति तुलु की थी और उसे सुरक्षित रखने के लिए सौंपी गई थी।
रेड-कॉर्नर नोटिस का क्या मतलब है और इससे तुलु पर क्या असर होगा?
रेड-कॉर्नर नोटिस अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग संगठन (इंटरपोल) के माध्यम से जारी होता है, जिससे आरोपी किसी भी देश की सीमा से कानूनी रूप से प्रवेश या निकास नहीं कर सकता। पुलिस के अनुसार, 'घोषित अपराधी' बनने के बाद तुलु की सभी संपत्तियाँ जब्त की जा सकती हैं।
14 अगस्त को अदालत में पेश न होने पर क्या होगा?
यदि तुलु मंडल 14 अगस्त की सुबह 10 बजे तक बीरभूम जिला अदालत में हाज़िर नहीं होता, तो उसे औपचारिक रूप से 'घोषित अपराधी' (Proclaimed Offender) घोषित किया जा सकता है। इसके बाद उसकी चल-अचल संपत्तियाँ जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले