31 अगस्त 2026
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बीरभूम: फरार तुलु मंडल के तीन रिश्तेदार हिरासत में, कार से विदेशी मुद्रा और नकदी बरामद

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बीरभूम: फरार तुलु मंडल के तीन रिश्तेदार हिरासत में, कार से विदेशी मुद्रा और नकदी बरामद

सारांश

बीरभूम के फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल की तलाश में पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाया — उसके तीन रिश्तेदार हिरासत में, कार से विदेशी मुद्रा बरामद। ₹28.5 करोड़ नकद और 15 किलो सोने की पिछली बरामदगी के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

पुलिस ने 31 अगस्त 2026 को बोलपुर, बीरभूम में फरार तुलु मंडल के तीन रिश्तेदारों को हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए गए लोगों की कार से नकदी और पश्चिम एशियाई देशों की विदेशी मुद्रा बरामद; कुल रकम की पुष्टि बाकी।
हिरासत में लिए गए लोगों में शांतो शेख शामिल, जो तुलु के बहनोई मिंटू शेख का साला है।
इससे पहले देउचा गांव में रिश्तेदार मिनार मंडल के घर से ₹28.5 करोड़ नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद हो चुका है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तुलु की सुरक्षा याचिका खारिज की; रेड कॉर्नर नोटिस पहले से जारी।
पुलिस ने पारुई में तुलु के ससुराल पर भी एक साथ छापेमारी की।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने 31 अगस्त 2026 को फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल के तीन करीबी रिश्तेदारों को हिरासत में लिया। बोलपुर के महिदापुर रोड पर गुप्त सूचना के आधार पर एक चार पहिया वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में नकदी और पश्चिम एशियाई देशों की विदेशी मुद्रा बरामद हुई। पुलिस के अनुसार कुल रकम की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

छापेमारी का घटनाक्रम

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गुप्त सूचना मिलने पर बोलपुर के महिदापुर रोड पर वाहन रोका गया। कार में सवार तीन लोगों में शांतो शेख भी था, जो तुलु मंडल के बहनोई मिंटू शेख का साला है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि बरामद धनराशि तुलु मंडल के नेटवर्क से जुड़ी है। उसी दिन पुलिस की एक अलग टीम ने बीरभूम के पारुई में तुलु के ससुराल पक्ष के घर भी छापेमारी की।

तुलु मंडल पर लगे आरोप और फरारी

तुलु मंडल पर बेहिसाब नकदी रखने, किसी रिश्तेदार के घर से भारी मात्रा में सोना बरामद होने और संगठित अपराध से जुड़े होने जैसे गंभीर आरोप हैं। वह अभी भी फरार है और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। उसने कलकत्ता उच्च न्यायालय में जांच के दौरान सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने उसकी याचिका खारिज कर दी और जांच में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।

पहले की बरामदगी और जांच का विस्तार

इससे पहले, पुलिस ने बीरभूम के मोहम्मदबाजार थाना क्षेत्र के देउचा गांव में तुलु के रिश्तेदार मिनार मंडल के घर से ₹28.5 करोड़ नकद और लगभग 15 किलोग्राम सोना बरामद किया था। उस बरामदगी के बाद से जांचकर्ताओं ने तुलु से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी का दायरा लगातार बढ़ाया है। पुलिस ने उसके कई रिश्तेदारों और परिचितों को पहले ही गिरफ्तार किया हुआ है।

आगे की जांच

जांचकर्ता अब बरामद विदेशी मुद्रा के स्रोत और उसके संभावित गंतव्य का पता लगा रहे हैं। यह मामला ऐसे समय में और उलझता दिख रहा है जब न्यायालय की ओर से तुलु को कोई राहत नहीं मिली है और पुलिस उसके नेटवर्क को एक-एक कर खंगाल रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

15 किलो सोना और अब विदेशी मुद्रा — हर बरामदगी यह सवाल उठाती है कि इतने बड़े नेटवर्क को इतने लंबे समय तक कैसे नजरअंदाज किया गया। कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा याचिका खारिज होने के बाद पुलिस की सक्रियता स्वागत योग्य है, लेकिन मुख्य आरोपी की फरारी यह संकेत देती है कि जांच अभी अपने निर्णायक मोड़ से दूर है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुलु मंडल कौन है और वह फरार क्यों है?
तुलु मंडल पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले का एक पत्थर खदान मालिक है, जिस पर बेहिसाब नकदी रखने, संगठित अपराध और भारी मात्रा में सोना छुपाने जैसे गंभीर आरोप हैं। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी है और वह अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
31 अगस्त को बोलपुर में क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने बोलपुर के महिदापुर रोड पर एक चार पहिया वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें नकदी और पश्चिम एशियाई देशों की विदेशी मुद्रा मिली। कुल रकम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इससे पहले तुलु मंडल के नेटवर्क से क्या बरामद हुआ था?
पुलिस ने बीरभूम के देउचा गांव में तुलु के रिश्तेदार मिनार मंडल के घर से ₹28.5 करोड़ नकद और लगभग 15 किलोग्राम सोना बरामद किया था। उसी के बाद से जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तुलु मंडल की याचिका पर क्या फैसला दिया?
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने तुलु मंडल की जांच के दौरान सुरक्षा की माँग वाली याचिका खारिज कर दी और जांच में हस्तक्षेप से इनकार किया। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी और गिरफ्तारियों की गति तेज कर दी।
तुलु मंडल मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
जांचकर्ता बरामद विदेशी मुद्रा के स्रोत और गंतव्य का पता लगा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार तुलु से जुड़े और ठिकानों पर छापेमारी जारी रहेगी और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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