बीरभूम: फरार तुलु मंडल के तीन रिश्तेदार हिरासत में, कार से विदेशी मुद्रा और नकदी बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने 31 अगस्त 2026 को फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल के तीन करीबी रिश्तेदारों को हिरासत में लिया। बोलपुर के महिदापुर रोड पर गुप्त सूचना के आधार पर एक चार पहिया वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में नकदी और पश्चिम एशियाई देशों की विदेशी मुद्रा बरामद हुई। पुलिस के अनुसार कुल रकम की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
छापेमारी का घटनाक्रम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गुप्त सूचना मिलने पर बोलपुर के महिदापुर रोड पर वाहन रोका गया। कार में सवार तीन लोगों में शांतो शेख भी था, जो तुलु मंडल के बहनोई मिंटू शेख का साला है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि बरामद धनराशि तुलु मंडल के नेटवर्क से जुड़ी है। उसी दिन पुलिस की एक अलग टीम ने बीरभूम के पारुई में तुलु के ससुराल पक्ष के घर भी छापेमारी की।
तुलु मंडल पर लगे आरोप और फरारी
तुलु मंडल पर बेहिसाब नकदी रखने, किसी रिश्तेदार के घर से भारी मात्रा में सोना बरामद होने और संगठित अपराध से जुड़े होने जैसे गंभीर आरोप हैं। वह अभी भी फरार है और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। उसने कलकत्ता उच्च न्यायालय में जांच के दौरान सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने उसकी याचिका खारिज कर दी और जांच में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
पहले की बरामदगी और जांच का विस्तार
इससे पहले, पुलिस ने बीरभूम के मोहम्मदबाजार थाना क्षेत्र के देउचा गांव में तुलु के रिश्तेदार मिनार मंडल के घर से ₹28.5 करोड़ नकद और लगभग 15 किलोग्राम सोना बरामद किया था। उस बरामदगी के बाद से जांचकर्ताओं ने तुलु से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी का दायरा लगातार बढ़ाया है। पुलिस ने उसके कई रिश्तेदारों और परिचितों को पहले ही गिरफ्तार किया हुआ है।
आगे की जांच
जांचकर्ता अब बरामद विदेशी मुद्रा के स्रोत और उसके संभावित गंतव्य का पता लगा रहे हैं। यह मामला ऐसे समय में और उलझता दिख रहा है जब न्यायालय की ओर से तुलु को कोई राहत नहीं मिली है और पुलिस उसके नेटवर्क को एक-एक कर खंगाल रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।