बीरभूम छापेमारी: मीनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना जब्त, गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में 30 जुलाई 2026 को पुलिस ने करीब 24 घंटे तक चले छापेमारी अभियान के बाद पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल के रिश्तेदार मीनार मंडल को गिरफ्तार किया। उसके घर से ₹28 करोड़ से अधिक नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया गया, जिनकी कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹50 करोड़ बताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
यह अभियान बुधवार दोपहर शुरू हुआ और गुरुवार सुबह तक जारी रहा। बरामद नकदी की मात्रा इतनी अधिक थी कि गिनती के लिए पुलिस को स्थानीय बैंक शाखा से करेंसी काउंटिंग मशीनें मँगवानी पड़ीं। जाँच दल के एक सदस्य के अनुसार, नकदी की दोबारा गिनती के बाद कुल राशि ₹28 करोड़ से कुछ अधिक पाई गई। इसके अतिरिक्त, 15 किलोग्राम सोने की अनुमानित बाजार कीमत ₹21 करोड़ से अधिक आँकी गई है।
गुरुवार सुबह मीनार मंडल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पहले स्थानीय पुलिस थाने ले जाया गया। नकदी और सोने से भरे दो ट्रंक भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए।
सुराग कहाँ से मिला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इससे पहले मंगलवार को बीरभूम के मोहम्मद बाजार थाना पुलिस ने सात डकैतों को गिरफ्तार किया था। उन्हीं डकैतों से मिली जानकारी के आधार पर जाँचकर्ताओं को मीनार मंडल के घर में छुपे इस बड़े जखीरे का पता चला, जिसके बाद बुधवार दोपहर छापेमारी शुरू की गई।
संगठित अपराध से जुड़ाव की स्वीकृति
शुरुआत में मीनार मंडल ने नकदी और सोने के स्रोत के बारे में पुलिस के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। हालाँकि, बाद में उसने स्वीकार किया कि यह संपत्ति एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ी हुई थी। इस बात की पुष्टि बीरभूम के पुलिस अधीक्षक बिदित राज बुंदेश ने की।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
मीनार मंडल कथित तौर पर राज्य परिवहन निगम में बस चालक था, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि वह तुलु मंडल के पत्थर खदान कारोबार में बड़े स्तर पर शामिल था। तुलु मंडल को बीरभूम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल का करीबी माना जाता है। गौरतलब है कि इससे पहले भी तुलु मंडल पर अवैध पत्थर खनन के आरोप लग चुके हैं।
आगे क्या होगा
मीनार मंडल को सूरी स्थित जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की माँग करेंगे। इस बरामदगी ने उसके पड़ोसियों को भी चौंका दिया है, और जाँच अब सिंडिकेट के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।