30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बीरभूम छापेमारी: मीनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना जब्त, गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बीरभूम छापेमारी: मीनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना जब्त, गिरफ्तार

सारांश

बीरभूम में 24 घंटे की छापेमारी में पुलिस ने मीनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना — कुल करीब ₹50 करोड़ — बरामद किया। TMC के पूर्व जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल के करीबी तुलु मंडल का यह रिश्तेदार संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ाव स्वीकार कर चुका है।

मुख्य बातें

बीरभूम पुलिस ने 30 जुलाई 2026 को मीनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ से अधिक नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया।
बरामद नकदी और सोने की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹50 करोड़ बताई गई है।
मीनार मंडल पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल का रिश्तेदार है, जो TMC के पूर्व जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल का करीबी माना जाता है।
मीनार मंडल ने स्वीकार किया कि बरामद संपत्ति एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ी है — इसकी पुष्टि पुलिस अधीक्षक बिदित राज बुंदेश ने की।
छापेमारी का सुराग सात डकैतों की गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी से मिला था।
मीनार मंडल को सूरी जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ पुलिस हिरासत की माँग की जाएगी।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में 30 जुलाई 2026 को पुलिस ने करीब 24 घंटे तक चले छापेमारी अभियान के बाद पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल के रिश्तेदार मीनार मंडल को गिरफ्तार किया। उसके घर से ₹28 करोड़ से अधिक नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया गया, जिनकी कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹50 करोड़ बताई जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

यह अभियान बुधवार दोपहर शुरू हुआ और गुरुवार सुबह तक जारी रहा। बरामद नकदी की मात्रा इतनी अधिक थी कि गिनती के लिए पुलिस को स्थानीय बैंक शाखा से करेंसी काउंटिंग मशीनें मँगवानी पड़ीं। जाँच दल के एक सदस्य के अनुसार, नकदी की दोबारा गिनती के बाद कुल राशि ₹28 करोड़ से कुछ अधिक पाई गई। इसके अतिरिक्त, 15 किलोग्राम सोने की अनुमानित बाजार कीमत ₹21 करोड़ से अधिक आँकी गई है।

गुरुवार सुबह मीनार मंडल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पहले स्थानीय पुलिस थाने ले जाया गया। नकदी और सोने से भरे दो ट्रंक भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए।

सुराग कहाँ से मिला

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इससे पहले मंगलवार को बीरभूम के मोहम्मद बाजार थाना पुलिस ने सात डकैतों को गिरफ्तार किया था। उन्हीं डकैतों से मिली जानकारी के आधार पर जाँचकर्ताओं को मीनार मंडल के घर में छुपे इस बड़े जखीरे का पता चला, जिसके बाद बुधवार दोपहर छापेमारी शुरू की गई।

संगठित अपराध से जुड़ाव की स्वीकृति

शुरुआत में मीनार मंडल ने नकदी और सोने के स्रोत के बारे में पुलिस के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। हालाँकि, बाद में उसने स्वीकार किया कि यह संपत्ति एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ी हुई थी। इस बात की पुष्टि बीरभूम के पुलिस अधीक्षक बिदित राज बुंदेश ने की।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

मीनार मंडल कथित तौर पर राज्य परिवहन निगम में बस चालक था, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि वह तुलु मंडल के पत्थर खदान कारोबार में बड़े स्तर पर शामिल था। तुलु मंडल को बीरभूम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल का करीबी माना जाता है। गौरतलब है कि इससे पहले भी तुलु मंडल पर अवैध पत्थर खनन के आरोप लग चुके हैं।

आगे क्या होगा

मीनार मंडल को सूरी स्थित जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की माँग करेंगे। इस बरामदगी ने उसके पड़ोसियों को भी चौंका दिया है, और जाँच अब सिंडिकेट के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संगठित अपराध और राजनीतिक संरक्षण के उस पुराने गठजोड़ की एक और कड़ी है जो वर्षों से चर्चा में है। एक कथित बस चालक के घर से इतनी संपत्ति का मिलना यह सवाल उठाता है कि प्रशासनिक निगरानी तंत्र इतने लंबे समय तक कहाँ था। अनुव्रत मंडल से जुड़े नाम फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन असली जाँच तब सार्थक होगी जब सिंडिकेट की पूरी शृंखला — न सिर्फ एक रिश्तेदार — कानून की जद में आए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीरभूम छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मीनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ से अधिक नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया गया, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹50 करोड़ है। नकदी गिनने के लिए पुलिस को बैंक से करेंसी काउंटिंग मशीनें मँगवानी पड़ीं।
मीनार मंडल कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
मीनार मंडल बीरभूम के पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल का रिश्तेदार है। उसे ₹28 करोड़ नकद और 15 किलो सोने की बरामदगी के बाद गिरफ्तार किया गया, और उसने खुद स्वीकार किया कि यह संपत्ति एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ी है।
पुलिस को मीनार मंडल के घर छापेमारी का सुराग कैसे मिला?
मंगलवार को बीरभूम के मोहम्मद बाजार थाना पुलिस ने सात डकैतों को गिरफ्तार किया था। उन्हीं से मिली जानकारी के आधार पर जाँचकर्ताओं को मीनार मंडल के घर में छुपे नकद और सोने का पता चला, जिसके बाद बुधवार दोपहर छापेमारी शुरू की गई।
तुलु मंडल और अनुव्रत मंडल का इस मामले से क्या संबंध है?
तुलु मंडल बीरभूम के पत्थर खदान कारोबारी हैं, जिन पर पहले भी अवैध खनन के आरोप लग चुके हैं। उन्हें TMC के पूर्व जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल का करीबी माना जाता है। मीनार मंडल तुलु मंडल का रिश्तेदार है और स्थानीय लोगों के अनुसार उनके खदान कारोबार में बड़े स्तर पर शामिल था।
मीनार मंडल के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी?
मीनार मंडल को सूरी स्थित जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की माँग करेंगे। जाँच संगठित अपराध सिंडिकेट के अन्य सदस्यों तक पहुँचाने की दिशा में जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 23 घंटे पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले