मालदा में बांग्लादेश कफ सिरप तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, व्यापारी के घर से ₹2.40 करोड़ नकद और सोना जब्त
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में पुलिस ने 3 अगस्त 2026 को बांग्लादेश में प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया। मंगलहाट इलाके में दवा व्यापारी के किराये के फ्लैट पर छापेमारी में पुलिस ने ₹2,40,97,380 नकद, लगभग 20 ग्राम सोना (अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹2.80 लाख) और एक लैपटॉप ज़ब्त किया। इस मामले में कुल तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तारी और छापेमारी का विवरण
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान पिंटू सरकार, गोपाल चाकी और सुशांत हलदर के रूप में हुई है — ये सभी स्थानीय निवासी हैं। जिस फ्लैट से नकदी और सोना बरामद हुआ, वह दिलीप साहा के स्वामित्व में है, लेकिन पेशे से दवा व्यापारी पिंटू सरकार लंबे समय से इसे किराये पर लेकर उपयोग कर रहा था। जब्त नकदी की गिनती के लिए तीन नोट-गिनने वाली मशीनों का सहारा लेना पड़ा, जो रकम की विशालता को दर्शाता है।
इसी अभियान के तहत मालदा जिला पुलिस की एक अलग टीम ने खैहट्टा इलाके में सोमवार सुबह 4 बजे तक तलाशी अभियान चलाया और प्रतिबंधित कफ सिरप की 9,000 बोतलें ज़ब्त कीं।
पिछले महीने की कार्रवाई से जुड़ा तार
मालदा जिला पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, मंगलहाट में की गई छापेमारी उसी जाँच की अगली कड़ी है जो पिछले महीने दक्षिण दिनाजपुर जिले के मेहंदीपाड़ा इलाके में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप की बरामदगी के बाद शुरू हुई थी। उस मामले में करीब 1,500 बोतलें ज़ब्त की गई थीं। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में नशे के रूप में कफ सिरप की माँग तेज़ी से बढ़ रही है, और सीमापार तस्करी के नेटवर्क अधिक संगठित होते जा रहे हैं।
बीरभूम में बड़ी बरामदगी से संबंध
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते बीरभूम जिला पुलिस ने मिनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और करीब ₹22 करोड़ मूल्य के 15 किलोग्राम सोने के बिस्कुट ज़ब्त किए थे। मिनार मंडल, बीरभूम के पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल (उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन) के करीबी रिश्तेदार हैं, जो अभी फरार हैं।
तुलु मंडल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल के करीबी सहयोगी के रूप में जाने जाते थे। अनुब्रत मंडल को 2022 में मवेशी तस्करी मामले में पहले केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) और बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। उसी मामले में तुलु मंडल का नाम भी सामने आया था और 2022 में केंद्रीय जाँच एजेंसियों ने उनके घर व कार्यालय पर छापेमारी की थी।
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
प्रतिबंधित कफ सिरप की सीमापार तस्करी केवल एक आर्थिक अपराध नहीं है — यह बांग्लादेश में नशे की लत को बढ़ावा देने वाला एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट भी है। पश्चिम बंगाल की सीमा बांग्लादेश से लगती है, जिससे यह क्षेत्र तस्करों के लिए एक संवेदनशील मार्ग बन गया है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के नेटवर्क बिना स्थानीय राजनीतिक संरक्षण के इतने संगठित नहीं हो सकते।
आगे की जाँच
मालदा पुलिस ने संकेत दिया है कि जाँच अभी जारी है और और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। लैपटॉप और वित्तीय दस्तावेज़ों की जाँच से तस्करी नेटवर्क की पूरी श्रृंखला उजागर होने की उम्मीद है।