6 अगस्त 2026
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मालदा में ₹41 लाख नकद और 568 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो बाइक सवार गिरफ्तार

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मालदा में ₹41 लाख नकद और 568 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो बाइक सवार गिरफ्तार

सारांश

पश्चिम बंगाल के मालदा में पुलिस ने ₹41 लाख नकद और 568 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो बाइक सवारों को पकड़ा। यह गिरफ्तारी राज्य में बेहिसाब नकदी और नशे की तस्करी की बढ़ती घटनाओं की कड़ी में ताज़ा मामला है, जिसमें बीरभूम का ₹28 करोड़ कैश कांड और ईडी की जाँच भी शामिल है।

मुख्य बातें

मालदा जिले के गाजोल में 6 अगस्त 2026 को नेशनल हाईवे-12 पर दो बाइक सवार गिरफ्तार।
बरामदगी में ₹41 लाख बेहिसाब नकद और 568 ग्राम ब्राउन शुगर शामिल।
गिरफ्तार आरोपी: किशोर मंडल और सिद्धार्थ मंडल ; दोनों की मोटरसाइकिलें भी ज़ब्त।
पुलिस के अनुसार दोनों एक संगठित तस्करी गिरोह के सदस्य हो सकते हैं; पूछताछ जारी।
बीरभूम में अलग मामले में ₹28 करोड़ नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद; ईडी ने पीएमएलए के तहत जाँच शुरू की।
दुर्गापुर में बंद ईंट भट्टी से ₹48 लाख से अधिक नकद भी मिले।

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के गाजोल में 6 अगस्त 2026 को पुलिस ने नेशनल हाईवे-12 पर दो मोटरसाइकिल सवारों को गिरफ्तार किया। उनके पास से ₹41 लाख की बिना हिसाब-किताब वाली नकदी और 568 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई — जो एक प्रतिबंधित नशीला पदार्थ है। मालदा जिला पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी एक संगठित तस्करी गिरोह के सदस्य हो सकते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस को सूत्रों से सूचना मिली थी कि दो युवक गाजोल से मालदा शहर की ओर भारी मात्रा में नकद और नशीला पदार्थ ले जा रहे हैं। इस पर मालदा जिला पुलिस की एक टीम ने गाजोल के रंगविटा इलाके में नेशनल हाईवे-12 पर संदिग्ध बाइक सवारों को रोका। गहन तलाशी के बाद दोनों के पास से ₹41 लाख नकद और 568 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई। यात्रा में इस्तेमाल की जा रही दोनों मोटरसाइकिलें भी ज़ब्त कर ली गई हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, 'गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों की पहचान किशोर मंडल और सिद्धार्थ मंडल के तौर पर हुई है। दोनों नकद और नशीले पदार्थों की खेप गाजोल से मालदा शहर ले जा रहे थे।' पुलिस का मानना है कि ये दोनों नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके।

पश्चिम बंगाल में बेहिसाब नकदी की बढ़ती घटनाएँ

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों से बेहिसाब नकदी बरामद होने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। बुधवार को पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर में एक बंद ईंट भट्टी से नकदी से भरी एक ट्रॉली बरामद हुई, जिसमें ₹48 लाख से अधिक नकद थे। इससे पहले बीरभूम जिले की पुलिस ने मिनार मंडल नाम के एक व्यक्ति के घर से ₹28 करोड़ नकद और 15 किलोग्राम सोना — जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹22 करोड़ है — बरामद किया था।

ईडी की जाँच और बड़े गिरोह का सिरा

बीरभूम मामले में मिनार मंडल, जिले के प्रभावशाली पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल (जिनका असली नाम मोहम्मद नजीबुद्दीन बताया जाता है) का करीबी रिश्तेदार है। तुलु मंडल कथित तौर पर अभी फरार हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत तुलु मंडल के खिलाफ जाँच शुरू करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। गाजोल की ताज़ा गिरफ्तारी इस व्यापक नेटवर्क से जुड़ी है या नहीं, यह पूछताछ के बाद स्पष्ट होगा।

आगे क्या होगा

पुलिस किशोर मंडल और सिद्धार्थ मंडल से पूछताछ जारी रखे हुए है। जाँचकर्ताओं का फोकस तस्करी नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला और नकदी के स्रोत का पता लगाने पर है। राज्य में बेहिसाब नकदी और नशीले पदार्थों की बरामदगी की बढ़ती घटनाएँ कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दुर्गापुर की ट्रॉली और अब गाजोल की बरामदगी मिलकर एक स्पष्ट तस्वीर बनाती हैं कि पश्चिम बंगाल में नकदी और नशे की तस्करी का नेटवर्क गहरी जड़ें जमा चुका है। सवाल यह है कि ईडी की पीएमएलए जाँच केवल एक नाम तक सीमित रहेगी या पूरी आपूर्ति श्रृंखला को उजागर करेगी। राज्य पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन बड़े गिरोह के सरगना तब तक बेदाग रह सकते हैं जब तक केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ राज्य पुलिस के साथ समन्वित रूप से काम नहीं करतीं।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालदा में क्या बरामद हुआ और किसे गिरफ्तार किया गया?
मालदा के गाजोल में पुलिस ने दो बाइक सवारों — किशोर मंडल और सिद्धार्थ मंडल — को गिरफ्तार किया। उनके पास से ₹41 लाख बेहिसाब नकद और 568 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई, साथ ही दोनों मोटरसाइकिलें भी ज़ब्त की गईं।
ब्राउन शुगर क्या होती है और यह प्रतिबंधित क्यों है?
ब्राउन शुगर हेरोइन का एक अशुद्ध रूप है, जो भारत में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसकी तस्करी और कब्ज़ा दोनों ही गंभीर आपराधिक अपराध हैं।
पश्चिम बंगाल में हाल ही में और कौन-सी बड़ी नकदी बरामदगी हुई हैं?
बुधवार को दुर्गापुर की एक बंद ईंट भट्टी से ₹48 लाख से अधिक नकद मिले। इससे पहले बीरभूम जिले में मिनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और 15 किलोग्राम सोना — जिसकी बाज़ार कीमत लगभग ₹22 करोड़ है — बरामद हुआ था।
ईडी इस मामले में क्यों शामिल हुई है?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीरभूम मामले में पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल (मोहम्मद नजीबुद्दीन) के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जाँच शुरू की है। तुलु मंडल कथित तौर पर फरार हैं और मिनार मंडल उनके करीबी रिश्तेदार बताए जाते हैं।
अब आगे जाँच में क्या होगा?
पुलिस किशोर मंडल और सिद्धार्थ मंडल से पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। नकदी के स्रोत और गिरोह की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाना जाँच का मुख्य लक्ष्य है।
राष्ट्र प्रेस
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