औरंगाबाद में जाली नोट सिंडिकेट का भंडाफोड़: ₹2.48 लाख के नकली नोटों के साथ दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के औरंगाबाद जिले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय जाली नोट सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 15 अगस्त को दो तस्करों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के कब्जे से ₹2,48,500 मूल्य के नकली नोट बरामद किए गए — सभी ₹500 के नोट। इसके साथ ही पुलिस ने एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद को जिले में जाली नोटों के परिवहन की सूचना मिली थी। इसके बाद मदनपुर थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिलों सहित अन्य वाहनों की सघन जाँच शुरू की गई। रात करीब 8 बजकर 10 मिनट पर मदनपुर थाना मोड़ के पास जाँच के दौरान गया की दिशा से आ रहा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा।
पुलिस बल ने पीछा कर उसे दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से ₹500 के 297 जाली नोट मिले, जिनकी कुल कीमत ₹1,48,500 थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 45 वर्षीय सुरेंद्र कुमार, निवासी बाबू बांध, थाना मदनपुर, औरंगाबाद के रूप में हुई।
दूसरी गिरफ्तारी
पूछताछ के दौरान सुरेंद्र कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने मिठाइयां मोड़ के पास छापेमारी कर एक अन्य संदिग्ध को पकड़ा। उसके पास से ₹500 के 200 जाली नोट बरामद हुए, जिनकी कीमत ₹1 लाख थी। इस आरोपी की पहचान 45 वर्षीय विजय यादव, निवासी सोमिया, थाना बाराचट्टी, जिला गया के रूप में हुई।
आरोपियों की स्वीकारोक्ति और कानूनी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार किया है। मदनपुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
आगे की जाँच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोटों की यह खेप कहाँ से लाई गई थी और इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में नकली नोटों की तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती बने हुए हैं।