लखनऊ में ₹13.95 लाख की नकली करेंसी के साथ तीन गिरफ्तार, सरगना मंजीत फरार
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने 9 जून 2026 को नकली नोटों के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से ₹13,95,600 मूल्य के जाली नोट बरामद किए गए हैं। मामले का मुख्य सरगना मंजीत और उसका साथी संतोष फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
डीसीपी नॉर्थ गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि सोमवार को मड़ियांव पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति क्षेत्र में असली नोटों के बदले बड़ी मात्रा में नकली नोटों का लेन-देन करने की फिराक में हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने संदिग्धों पर निगरानी शुरू की।
देर रात पुलिस को जानकारी मिली कि घैला पुल के पास एक खाली मैदान में बने टीन शेड के निकट तीन युवक संदिग्ध परिस्थितियों में किसी का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस दल ने तत्काल मौके पर पहुँचकर घेराबंदी की और तीनों को हिरासत में ले लिया।
बरामदगी का विवरण
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से ₹500 के 1,402 जाली नोट और ₹100 के 6,946 जाली नोट मिले। कुल बरामद नकली करेंसी की अंकित कीमत ₹13,95,600 बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार तीनों आरोपी आजमगढ़ जिले के निवासी हैं। इनमें आलोक सिंह (21) निवासी जहानागंज, सोनू गौंड उर्फ गोलू (25) निवासी मुबारकपुर, और बृजेश विश्वकर्मा (35) निवासी सिधारी शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नकली नोटों को असली मुद्रा में बदलने के काम के बदले कमीशन लेते थे।
गिरोह का नेटवर्क
आरोपियों के बयान के अनुसार, आजमगढ़ निवासी मंजीत इस गिरोह का सरगना है और उसका साथी संतोष भी इस नेटवर्क से जुड़ा है। दोनों फिलहाल फरार हैं। आरोपियों ने बताया कि मंजीत ने उन्हें नकली नोटों की खेप लेकर लखनऊ भेजा था, जहाँ उन्हें एक व्यक्ति को यह रकम सौंपनी थी।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है। फरार सरगना मंजीत और उसके सहयोगी संतोष की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश पुलिस नकली नोटों के अंतरजिला नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कस रही है।