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जामनगर में मिलावटी दूध फैक्ट्री पर SOG का छापा, 1,200 लीटर दूध और 75 किलो वनस्पति घी नष्ट

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जामनगर में मिलावटी दूध फैक्ट्री पर SOG का छापा, 1,200 लीटर दूध और 75 किलो वनस्पति घी नष्ट

सारांश

जामनगर SOG ने कलावद के एक रिहायशी मकान पर छापा मारकर 1,200 लीटर संदिग्ध मिलावटी दूध, 75 किलो वनस्पति घी और 75 किलो दूध पाउडर नष्ट कर दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने परिसर सील किया और संदिग्ध व्यापारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।

मुख्य बातें

जामनगर SOG ने 29 सितंबर 2026 को कलावद में संदिग्ध मिलावटी दूध इकाई पर छापा मारा।
लगभग 1,200 लीटर मिलावटी दूध, 75 किलो वनस्पति घी और 75 किलो दूध पाउडर नष्ट किया गया।
संदिग्ध दूध व्यापारी कांजीभाई उर्फ कानो देपालभाई मलानी के घर पर की गई छापेमारी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) ने नमूने एकत्र किए और परिसर सील किया।
कार्रवाई डीआईजी निर्लिप्त राय और SP डॉ.
रवि मोहन सैनी के निर्देश पर हुई।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही प्रारंभ।

जामनगर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने 29 सितंबर 2026 को कलावद स्थित एक रिहायशी मकान पर छापा मारकर लगभग 1,200 लीटर संदिग्ध मिलावटी दूध, 75 किलो वनस्पति घी और 75 किलो दूध बनाने वाला पाउडर नष्ट किया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने परिसर को सील कर दिया और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

कार्रवाई का विवरण

SOG कर्मियों को सूचना मिली थी कि कलावड़ तालुका के जलसाना गाँव में संदिग्ध दूध व्यापारी कांजीभाई उर्फ कानो देपालभाई मलानी के घर पर मिलावटी दूध तैयार किया जा रहा है। यह परिसर कलावद में कपूरिया की कथा के पास स्थित शीतला माताजी मंदिर क्षेत्र में है।

पुलिस के अनुसार, SOG के कर्मचारी तोशिफभाई तयानी, रमेशभाई चावड़ा और फिरोजभाई खफी कलावद टाउन और ग्रामीण पुलिस स्टेशनों के क्षेत्र में गश्त कर रहे थे, तभी उन्हें दूध में संदिग्ध मिलावट की सूचना प्राप्त हुई।

खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका

SOG की सूचना पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) तत्काल मौके पर पहुँचे। उन्होंने संदिग्ध मिलावटी दूध के आवश्यक नमूने एकत्र किए, परिसर को सील कर दिया और नमूनों को आगे की जाँच के लिए अपने कब्जे में ले लिया।

अधिकारियों ने बताया, "खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने संदिग्ध मिलावटी दूध, वनस्पति घी और दूध बनाने वाले पाउडर के शेष भाग को ऐसे स्थान पर और इस प्रकार नष्ट किया, जिससे मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को कोई नुकसान न हो।"

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश

यह कार्रवाई राजकोट डिवीजन के पुलिस उप महानिरीक्षक निर्लिप्त राय और जामनगर के पुलिस अधीक्षक डॉ. रवि मोहन सैनी के निर्देशों के बाद की गई। दोनों अधिकारियों ने रोज़मर्रा की उपभोग वस्तुओं में मिलावट करने वाले व्यापारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया था।

गौरतलब है कि गुजरात में खाद्य मिलावट के मामले बीते कुछ वर्षों में चिंता का विषय बने हैं, और राज्य पुलिस समय समय पर ऐसी अवैध इकाइयों के विरुद्ध अभियान चलाती रही है।

आगे क्या होगा

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने लागू प्रावधानों के तहत दूध के व्यापार में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही आरंभ कर दी है। नमूनों की प्रयोगशाला जाँच के बाद मिलावट की प्रकृति और उसमें प्रयुक्त रसायनों की पुष्टि होने पर आरोपियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अभियोजन की कार्रवाई हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सार्वजनिक विश्वास का भी संकट है — और गुजरात में ऐसी घटनाएँ पहली बार नहीं हो रहीं। SOG की यह कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि वनस्पति घी और मिल्क पाउडर की आपूर्ति श्रृंखला कहाँ से आ रही थी — केवल अंतिम कड़ी पर कार्रवाई से समस्या की जड़ नहीं कटती। नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और आपूर्तिकर्ताओं तक जाँच विस्तारित हो, तभी यह अभियान वास्तविक निवारक साबित होगा।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जामनगर में मिलावटी दूध छापे में क्या मिला?
जामनगर SOG ने कलावद के एक रिहायशी मकान पर छापेमारी में लगभग 1,200 लीटर संदिग्ध मिलावटी दूध, 75 किलो वनस्पति घी और 75 किलो दूध बनाने वाला पाउडर बरामद किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने इन सभी सामग्रियों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से नष्ट कर दिया।
इस मामले में संदिग्ध कौन है?
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध दूध व्यापारी कांजीभाई उर्फ कानो देपालभाई मलानी के घर पर यह मिलावटी दूध तैयार किया जा रहा था। वह कलावड़ तालुका के जलसाना गाँव के निवासी बताए जाते हैं।
क्या आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है?
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने लागू प्रावधानों के तहत दूध व्यापार में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। नमूनों की प्रयोगशाला जाँच के परिणाम आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अभियोजन की कार्यवाही हो सकती है।
यह छापेमारी किसके आदेश पर की गई?
यह कार्रवाई राजकोट डिवीजन के पुलिस उप महानिरीक्षक निर्लिप्त राय और जामनगर के पुलिस अधीक्षक डॉ. रवि मोहन सैनी के निर्देशों पर की गई, जिन्होंने रोज़मर्रा की उपभोग वस्तुओं में मिलावट करने वाले व्यापारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आदेश दिया था।
मिलावटी दूध से स्वास्थ्य को क्या खतरा है?
दूध में वनस्पति घी और रासायनिक पाउडर मिलाने से उपभोक्ताओं को पाचन संबंधी गड़बड़ी, लिवर क्षति और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए ऐसा मिलावटी दूध अधिक हानिकारक माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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