3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एफएसएसएआई की दिल्ली-हरियाणा में बड़ी छापेमारी: 6,500 लीटर मिलावटी घी जब्त, अंतर-राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एफएसएसएआई की दिल्ली-हरियाणा में बड़ी छापेमारी: 6,500 लीटर मिलावटी घी जब्त, अंतर-राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़

सारांश

एफएसएसएआई ने डिकॉय ऑपरेशन और लैब जाँच के जरिए एक अंतर-राज्यीय नकली घी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। दिल्ली के द्वारका और हरियाणा के सोनीपत से कुल 6,500 लीटर से अधिक मिलावटी घी जब्त हुआ — जो वनस्पति तेल से बनाकर बाजार में बेचा जा रहा था।

मुख्य बातें

एफएसएसएआई ने 18 जून 2026 को दिल्ली और हरियाणा में एक साथ छापेमारी की।
6,500 लीटर से अधिक मिलावटी घी और कच्ची सामग्री जब्त; दिल्ली से 2,500 लीटर , सोनीपत से 4,000 लीटर ।
बाला जी फूड प्रोडक्ट्स , सोनीपत (प्लॉट नंबर 29ए, सेक्टर 53, फेज V) से सबसे बड़ी बरामदगी।
एनएबीएल-मान्यता प्राप्त लैब जाँच में घी के नमूनों में वनस्पति तेल और गैर-डेयरी पदार्थ पाए गए।
दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज; जब्त सामग्री एफबीओ की नियामक अभिरक्षा में।
जाँच की शुरुआत एफएसएसएआई लाइसेंस-रहित डिजिटल व प्रिंट विज्ञापनों से हुई संदेह के बाद हुई।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 18 जून 2026 को दिल्ली और हरियाणा में एक साथ छापेमारी कर 6,500 लीटर से अधिक मिलावटी घी और संबंधित कच्ची सामग्री जब्त की। यह कार्रवाई एक अंतर-राज्यीय नकली घी आपूर्ति शृंखला के खिलाफ की गई, जो बाजार में बिक्री के लिए पूरी तरह तैयार थी।

छापेमारी का विवरण: कहाँ-क्या मिला

दिल्ली के द्वारका स्थित धूलसिरस गाँव में एक गुप्त ठिकाने पर की गई कार्रवाई में अधिकारियों ने 1,500 लीटर मिलावटी घी और लगभग 1,020 लीटर अज्ञात वनस्पति तेल बरामद किया — जिसे कथित तौर पर नकली घी बनाने में कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। दोनों को मिलाकर दिल्ली इकाई से कुल 2,500 लीटर से अधिक सामग्री जब्त की गई।

हरियाणा के सोनीपत में बाला जी फूड प्रोडक्ट्स (प्लॉट नंबर 29ए, सेक्टर 53, फेज V) पर की गई कार्रवाई में 4,000 लीटर से अधिक मिलावटी घी बरामद हुआ, जो बाजार में बिक्री के लिए पैक किया जा चुका था। यह इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी एकल बरामदगी रही।

जाँच कैसे शुरू हुई

एफएसएसएआई के अधिकारियों की नजर तब पड़ी जब उन्होंने प्रीमियम गाय के घी और सामान्य घी के डिजिटल व प्रिंट विज्ञापन देखे, जिनमें अनिवार्य एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और लेबलिंग की जानकारी नदारद थी। इस संदेह के आधार पर केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (सीएफएसओ) ने एक डिकॉय ऑपरेशन चलाया, जिसमें अधिकारी नकली ग्राहक बनकर विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर के जरिए विक्रेताओं से संपर्क करते थे और उत्पाद के नमूने प्राप्त करते थे।

इन नमूनों को एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा गया। जाँच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि नमूने घी के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे — उनमें वनस्पति तेल और अन्य गैर-डेयरी पदार्थ मिले हुए थे। इसके बाद एफएसएसएआई की इंटेलिजेंस टीमों ने पूरे नेटवर्क का पता लगाया।

कानूनी कार्रवाई और कस्टडी

एफएसएसएआई ने यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस और केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय में की। जब्त सामग्री को फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (एफबीओ) की नियामक अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

आम उपभोक्ता पर असर

मिलावटी घी में वनस्पति तेल और गैर-डेयरी पदार्थों की मिलावट न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती है — विशेषकर उन परिवारों के लिए जो धार्मिक या पारंपरिक कारणों से शुद्ध देसी घी का उपयोग करते हैं। गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब देश में खाद्य मिलावट के मामले लगातार चर्चा में हैं।

आगे क्या होगा

एफएसएसएआई के अनुसार जाँच अभी जारी है और अंतर-राज्यीय आपूर्ति शृंखला के अन्य सदस्यों की पहचान की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित नेटवर्क है — जिसके खिलाफ एफआईआर से आगे बढ़कर आपूर्ति शृंखला के हर स्तर पर जवाबदेही तय करना जरूरी है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफएसएसएआई ने दिल्ली-हरियाणा में क्या कार्रवाई की?
एफएसएसएआई ने 18 जून 2026 को दिल्ली के द्वारका और हरियाणा के सोनीपत में छापेमारी कर कुल 6,500 लीटर से अधिक मिलावटी घी और कच्ची सामग्री जब्त की। दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मिलावटी घी में क्या मिलाया गया था?
एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला की जाँच में पुष्टि हुई कि जब्त घी के नमूनों में वनस्पति तेल और अन्य गैर-डेयरी पदार्थ मिले हुए थे, जो घी के निर्धारित मानकों का उल्लंघन है।
एफएसएसएआई को इस नेटवर्क का पता कैसे चला?
अधिकारियों ने प्रीमियम घी के ऐसे विज्ञापन देखे जिनमें अनिवार्य एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और लेबलिंग जानकारी नहीं थी। इसके बाद डिकॉय ऑपरेशन चलाकर नमूने लिए गए और लैब जाँच में मिलावट की पुष्टि के बाद छापेमारी की गई।
सोनीपत में किस कंपनी पर कार्रवाई हुई?
हरियाणा के सोनीपत में बाला जी फूड प्रोडक्ट्स (प्लॉट नंबर 29ए, सेक्टर 53, फेज V) पर छापा मारा गया, जहाँ से 4,000 लीटर से अधिक मिलावटी घी जब्त किया गया।
जब्त सामग्री और आरोपियों के खिलाफ आगे क्या होगा?
जब्त सामग्री को फूड बिजनेस ऑपरेटर्स की नियामक अभिरक्षा में रखा गया है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफएसएसएआई के अनुसार अंतर-राज्यीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले