एफएसएसएआई की दिल्ली-हरियाणा में बड़ी छापेमारी: 6,500 लीटर मिलावटी घी जब्त, अंतर-राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 18 जून 2026 को दिल्ली और हरियाणा में एक साथ छापेमारी कर 6,500 लीटर से अधिक मिलावटी घी और संबंधित कच्ची सामग्री जब्त की। यह कार्रवाई एक अंतर-राज्यीय नकली घी आपूर्ति शृंखला के खिलाफ की गई, जो बाजार में बिक्री के लिए पूरी तरह तैयार थी।
छापेमारी का विवरण: कहाँ-क्या मिला
दिल्ली के द्वारका स्थित धूलसिरस गाँव में एक गुप्त ठिकाने पर की गई कार्रवाई में अधिकारियों ने 1,500 लीटर मिलावटी घी और लगभग 1,020 लीटर अज्ञात वनस्पति तेल बरामद किया — जिसे कथित तौर पर नकली घी बनाने में कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। दोनों को मिलाकर दिल्ली इकाई से कुल 2,500 लीटर से अधिक सामग्री जब्त की गई।
हरियाणा के सोनीपत में बाला जी फूड प्रोडक्ट्स (प्लॉट नंबर 29ए, सेक्टर 53, फेज V) पर की गई कार्रवाई में 4,000 लीटर से अधिक मिलावटी घी बरामद हुआ, जो बाजार में बिक्री के लिए पैक किया जा चुका था। यह इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी एकल बरामदगी रही।
जाँच कैसे शुरू हुई
एफएसएसएआई के अधिकारियों की नजर तब पड़ी जब उन्होंने प्रीमियम गाय के घी और सामान्य घी के डिजिटल व प्रिंट विज्ञापन देखे, जिनमें अनिवार्य एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और लेबलिंग की जानकारी नदारद थी। इस संदेह के आधार पर केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (सीएफएसओ) ने एक डिकॉय ऑपरेशन चलाया, जिसमें अधिकारी नकली ग्राहक बनकर विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर के जरिए विक्रेताओं से संपर्क करते थे और उत्पाद के नमूने प्राप्त करते थे।
इन नमूनों को एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा गया। जाँच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि नमूने घी के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे — उनमें वनस्पति तेल और अन्य गैर-डेयरी पदार्थ मिले हुए थे। इसके बाद एफएसएसएआई की इंटेलिजेंस टीमों ने पूरे नेटवर्क का पता लगाया।
कानूनी कार्रवाई और कस्टडी
एफएसएसएआई ने यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस और केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय में की। जब्त सामग्री को फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (एफबीओ) की नियामक अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
आम उपभोक्ता पर असर
मिलावटी घी में वनस्पति तेल और गैर-डेयरी पदार्थों की मिलावट न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती है — विशेषकर उन परिवारों के लिए जो धार्मिक या पारंपरिक कारणों से शुद्ध देसी घी का उपयोग करते हैं। गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब देश में खाद्य मिलावट के मामले लगातार चर्चा में हैं।
आगे क्या होगा
एफएसएसएआई के अनुसार जाँच अभी जारी है और अंतर-राज्यीय आपूर्ति शृंखला के अन्य सदस्यों की पहचान की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई संभव है।