इंदौर में खाद्य सुरक्षा अभियान: ₹3 लाख का 640 लीटर संदिग्ध घी जब्त, 21 नमूने जाँच को भेजे
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने 25 जुलाई 2026 को एक विशेष निरीक्षण अभियान के तहत लगभग ₹3 लाख मूल्य का करीब 640 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया और खाद्य पदार्थों के 21 नमूने प्रयोगशाला जाँच के लिए एकत्र किए। यह कार्रवाई राज्य सरकार के मिलावटी और घटिया खाद्य उत्पादों के विरुद्ध चल रहे अभियान का हिस्सा है।
निरीक्षण अभियान का दायरा
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली (RBIS) के अंतर्गत शहर के पाँच खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। यह प्रणाली विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले खाद्य व्यवसायों की निगरानी पर केंद्रित है।
मुख्य घटनाक्रम: घी जब्ती और नमूना संग्रह
लासुडिया मोरी स्थित कृष एंटरप्राइजेज में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को गुजरात से आयातित 'वास्तु' ब्रांड के घी का बड़ा स्टॉक मिला। घी की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत होने पर प्रयोगशाला विश्लेषण लंबित रहने तक एहतियातन पूरा माल जब्त कर लिया गया। विभिन्न पैक आकारों से 10 नमूने परीक्षण के लिए लिए गए।
नवलाखा स्थित येओले टी आउटलेट पर निरीक्षण में एक्सपायर्ड 'येओले विदाउट शुगर प्रीमिक्स' का स्टॉक पाया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। अदरक की चाय, प्रीमिक्स और आम पन्ना के नमूने जाँच के लिए एकत्र किए गए।
इसके अलावा एफए गिफ्ट प्राइवेट लिमिटेड, साईं कृपा मिल्क डेयरी और आशिक डेयरी फार्म से भी दूध, पनीर, घी, दही, मफिन और प्रीमिक्स उत्पादों के नमूने लिए गए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा, 'शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।' उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मिलावट या एक्सपायर्ड उत्पादों की बिक्री की सूचना कलेक्टर हेल्पलाइन, सीएम हेल्पलाइन या अन्य अधिकृत शिकायत निवारण मंचों के माध्यम से दें।
आगे क्या होगा
सभी 21 नमूने भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला को भेज दिए गए हैं। परीक्षण रिपोर्ट में किसी भी उल्लंघन की पुष्टि होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि यह अभियान राज्य में खाद्य मिलावट के बढ़ते मामलों के बीच प्रशासन की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है।