बेंगलुरु में ₹1.4 करोड़ से अधिक के एक्सपायर्ड व गलत लेबल खाद्य उत्पाद और दवाइयाँ जब्त, Amazon-Instamart केंद्र भी निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने 8 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में एक विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत ₹1.4 करोड़ से अधिक मूल्य के एक्सपायर्ड, गलत लेबल वाले खाद्य उत्पाद और बिना लाइसेंस संग्रहीत दवाइयाँ जब्त की हैं। यह कार्रवाई अमेज़न के दो वेयरहाउस केंद्रों, एक इंस्टामार्ट डिपो और कई अन्य प्रतिष्ठानों पर की गई, जिनमें खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए गए।
अभियान की पृष्ठभूमि और कानूनी आधार
यह प्रवर्तन अभियान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर के निर्देश पर चलाया गया। कार्रवाई का आधार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006, खाद्य सुरक्षा नियम-2011 और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट-1940 बने। अधिकारियों ने उत्पादों की अनिवार्य लेबलिंग, निर्माण एवं एक्सपायरी तिथि, शेल्फ लाइफ, खाद्य सुरक्षा मानकों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक रहे सामान की गुणवत्ता की गहन जाँच की।
यह ऐसे समय में आया है जब ई-कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउस में खाद्य भंडारण की गुणवत्ता को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि यह बेंगलुरु में FSDA द्वारा चलाए गए हालिया बड़े अभियानों में से एक है।
मुख्य घटनाक्रम: कहाँ-कहाँ हुई छापेमारी
देवनहल्ली स्थित अमेज़न के BLR6 हाईटेक डिफेंस एंड एयरोस्पेस पार्क केंद्र से ₹14 लाख के गलत लेबल वाले और ₹10 लाख के एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। इस केंद्र से कुल ₹24 लाख के खाद्य उत्पाद और ₹2.45 लाख की बिना लाइसेंस रखी दवाइयाँ बरामद हुईं।
अनेकल तालुक के मडिवाला और थट्टनहल्ली गाँव स्थित अमेज़न के BLR7 RKV डेवलपर्स केंद्र से ₹19 लाख के गलत लेबल वाले और ₹13 लाख के एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद जब्त हुए। यहाँ से कुल ₹32 लाख के खाद्य उत्पाद और ₹1.57 लाख की दवाइयाँ बरामद की गईं।
बेंगलुरु ग्रामीण जिले के होसकोटे स्थित इंस्टामार्ट केंद्र से ₹42 लाख के एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। अधिकारियों ने परिसर में गंदगी और खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर केंद्र को तत्काल बंद करा दिया। इस केंद्र के करीब ₹1 करोड़ के संदिग्ध उत्पादों की जाँच अभी जारी है।
एचबीआर लेआउट स्थित सप्ता बाजार में जाँच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि दुकान विभिन्न ई-कॉमर्स कंपनियों से किराना, दूध, सब्जियाँ, दही और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदकर उनकी एक्सपायरी के बाद उपभोक्ताओं को बेच रही थी। यहाँ से करीब ₹10,000 के एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद जब्त किए गए।
लिंगराजपुरम स्थित लियो 7 एंटरप्राइजेज से पोषण उत्पाद, पेय पदार्थ, चॉकलेट, मिठाइयाँ, घी और सूखे मेवे सहित करीब ₹56 लाख के एक्सपायर्ड या एक्सपायरी के करीब पहुँच चुके खाद्य उत्पाद बरामद किए गए। इसके बाद गोदाम को सील कर दिया गया।
कुल जब्ती का विवरण
विभाग के अनुसार, अब तक की पुष्टि के आधार पर ₹33 लाख के गलत लेबल वाले और ₹65.10 लाख के एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद जब्त किए गए हैं। कुल मिलाकर ₹98.10 लाख के खाद्य उत्पाद और ₹4.02 लाख की दवाइयाँ जब्त हुई हैं। होसकोटे केंद्र के करीब ₹1 करोड़ के संदिग्ध उत्पादों की जाँच अभी जारी होने के कारण उन्हें अंतिम जब्ती राशि में शामिल नहीं किया गया है।
आम जनता पर असर
एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों और बिना लाइसेंस दवाइयों की बिक्री सीधे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा है। विशेष रूप से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से घर बैठे सामान मँगाने वाले उपभोक्ता इस जोखिम से अनजान रहते हैं। आलोचकों का कहना है कि बड़े ई-कॉमर्स वेयरहाउस में नियमित और कड़ी निगरानी का अभाव इस तरह के उल्लंघनों को पनपने देता है।
क्या होगा आगे
FSDA ने स्पष्ट किया है कि सभी मामलों की जाँच जारी है और संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। होसकोटे इंस्टामार्ट केंद्र बंद है और उसके संदिग्ध उत्पादों का परीक्षण चल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अभियान से बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन को नई गति मिलेगी और ई-कॉमर्स कंपनियों पर अनुपालन का दबाव बढ़ेगा।