9 सितंबर 2026
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बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम पर छापा: ₹3 करोड़ के एक्सपायर्ड उत्पाद जब्त, मंत्री खादर ने जनता को किया सतर्क

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बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम पर छापा: ₹3 करोड़ के एक्सपायर्ड उत्पाद जब्त, मंत्री खादर ने जनता को किया सतर्क

सारांश

बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम पर छापा महज एक कार्रवाई नहीं — यह क्विक-कॉमर्स की नियामकीय खामियों का पर्दाफाश है। ₹3 करोड़ के एक्सपायर्ड उत्पाद, दोबारा लेबलिंग की आशंका और एक रहस्यमय 'पेप्टाइड पार्टी' — कर्नाटक का यह अभियान पूरे देश के लिए एक चेतावनी है।

मुख्य बातें

कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने 8 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम पर छापा मारा।
पिछले एक सप्ताह में राज्यभर में लगभग ₹3 करोड़ मूल्य के एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ और दवाइयाँ जब्त।
होसकोटे और लिंगराजपुरम के गोदामों में करीब ₹45-45 लाख मूल्य के उत्पाद मिले; कुछ पर दोबारा लेबलिंग की आशंका।
कथित 'पेप्टाइड पार्टी' की सोशल मीडिया सूचना से शुरू हुई जाँच ने छापेमारी का रास्ता खोला।
खादर ने जनता को क्यूआर कोड और बारकोड प्रणाली से उत्पाद जाँचने की सलाह दी।
सरकार एक्सपायर्ड उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ आपराधिक कानून के तहत सख्त प्रावधान लाने पर विचार कर रही है।

कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने 8 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के एक गोदाम पर छापा मारा — यह कार्रवाई एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों और दवाइयों की अवैध बिक्री व भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान का हिस्सा है। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर ने इस अवसर पर जनता से आग्रह किया कि वे कोई भी खाद्य पदार्थ या दवा खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट अनिवार्य रूप से जाँचें।

मुख्य घटनाक्रम

खाद्य सुरक्षा विभाग और औषधि सुरक्षा विभाग की तीन संयुक्त टीमों ने मंगलवार को अनेकल समेत कई स्थानों पर एक साथ निरीक्षण किया। होसकोटे स्थित डार्क स्टोर में अधिकारियों को करीब ₹45 लाख मूल्य की दवाइयाँ मिलीं, जिनमें से कुछ पर कथित तौर पर दोबारा लेबल लगाया गया था। लिंगराजपुरम स्थित एक अन्य गोदाम की जाँच में भी करीब ₹45 लाख मूल्य के एक्सपायर्ड उत्पाद बरामद हुए।

मंत्री खादर ने मीडिया को बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान राज्यभर में लगभग ₹3 करोड़ मूल्य के एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ और दवाइयाँ जब्त की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'अब तक लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के एक्सपायर्ड उत्पादों का पता चल चुका है।' जब्त सामग्री को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है और जाँच जारी है।

पेप्टाइड पार्टी कनेक्शन

इस पूरे अभियान की शुरुआत एक कथित 'पेप्टाइड पार्टी' की सूचना से हुई, जो मंत्री खादर को सोशल मीडिया के ज़रिए मिली थी। उन्होंने तुरंत विभागीय आयुक्त को जाँच के निर्देश दिए। विभाग के अधिकारियों ने ग्राहक बनकर ऑनलाइन पंजीकरण कराने की कोशिश की, लेकिन आयोजकों ने उन्हें रजिस्ट्रेशन की अनुमति नहीं दी — केवल चुनिंदा लोगों को ही कार्यक्रम में शामिल होने दिया जा रहा था।

बार-बार प्रयास विफल होने पर विभाग ने आयोजकों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया। कानूनी कार्रवाई की चेतावनी मिलने के बाद आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द कर दिया, परंतु विभाग ने जाँच जारी रखी। पूछताछ में आयोजकों ने दावा किया कि कार्यक्रम का उद्देश्य फार्मास्यूटिकल और न्यूट्रास्यूटिकल क्षेत्र के नए उत्पादों से लोगों को परिचित कराना था, और कुछ उत्पाद अमेज़न के डार्क स्टोर के ज़रिए उपलब्ध कराए गए थे। इसी सूचना के आधार पर संबंधित गोदामों पर छापेमारी की गई।

सरकार की प्रतिक्रिया और जनता से अपील

मंत्री खादर ने जनता को सतर्क करते हुए कहा, 'मैं सभी लोगों से आग्रह करता हूँ कि कोई भी खाद्य पदार्थ, दवा या अन्य उत्पाद खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट ज़रूर देखें। यदि आपको कोई छोटी-सी भी गड़बड़ी या संदेह नज़र आए तो तुरंत इसकी सूचना दें, क्योंकि इससे किसी बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।' उन्होंने बताया कि विभाग ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए क्यूआर कोड और बारकोड प्रणाली शुरू की है, जिससे लोग उत्पादों की जानकारी और वैधता की जाँच स्वयं कर सकते हैं।

खादर ने सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे इस व्यवस्था की जानकारी आम जनता तक पहुँचाएँ और लोगों को जागरूक करें। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि वे चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और बिना किसी पक्षपात के लगातार निरीक्षण व छापेमारी कर रहे हैं।

सख्त कानूनी प्रावधानों की तैयारी

मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल चेतावनी, जुर्माना और नियामकीय कार्रवाई से कुछ लोग बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जो लोग स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में जनता को धोखा देते हैं और उनकी जान जोखिम में डालते हैं, उनके खिलाफ आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।' सरकार विधि विभाग से इस विषय पर चर्चा कर रही है और केंद्र सरकार से भी हस्तक्षेप का आग्रह करने की योजना है।

गौरतलब है कि यह अभियान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों को कवर करता है — यह ऐसे समय में आया है जब क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ज़रिए खाद्य और औषधि उत्पादों की बिक्री तेज़ी से बढ़ी है और नियामकीय निगरानी की चुनौतियाँ भी उतनी ही बढ़ी हैं। आने वाले दिनों में विभाग की जाँच रिपोर्ट और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित मुनाफाखोरी हो सकती है। असली सवाल यह है कि जब डार्क स्टोर मॉडल पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, तो FSSAI और राज्य खाद्य सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी क्षमता उस रफ्तार से क्यों नहीं बढ़ी। केवल छापेमारी और जुर्माने से काम नहीं चलेगा — ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रियल-टाइम इन्वेंटरी ऑडिट और स्वतंत्र तृतीय-पक्ष सत्यापन की व्यवस्था बनाए बिना उपभोक्ता सुरक्षा एक नारा ही बनी रहेगी।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु में स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम पर छापा क्यों मारा गया?
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों और दवाइयों की अवैध बिक्री व भंडारण के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत 8 सितंबर 2026 को यह छापेमारी की। प्रारंभिक जाँच में पाया गया कि होसकोटे स्थित डार्क स्टोर में करीब ₹45 लाख मूल्य की दवाइयाँ थीं, जिनमें से कुछ पर कथित तौर पर दोबारा लेबल लगाया गया था।
कर्नाटक में एक्सपायर्ड उत्पादों के खिलाफ अभियान में अब तक क्या बरामद हुआ?
पिछले एक सप्ताह में राज्यभर में लगभग ₹3 करोड़ मूल्य के एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ और दवाइयाँ जब्त की गई हैं। मंत्री यू.टी. खादर के अनुसार अकेले मंगलवार की छापेमारी में लिंगराजपुरम और होसकोटे के गोदामों से करीब ₹45-45 लाख मूल्य के उत्पाद बरामद हुए।
'पेप्टाइड पार्टी' का इस छापेमारी से क्या संबंध है?
मंत्री खादर को सोशल मीडिया के ज़रिए एक कथित 'पेप्टाइड पार्टी' की जानकारी मिली थी, जिसमें चुनिंदा लोगों को फार्मास्यूटिकल उत्पादों से परिचित कराया जाना था। जब विभागीय अधिकारी ग्राहक बनकर पंजीकरण नहीं करा पाए तो नोटिस जारी किया गया; आयोजकों की पूछताछ से अमेज़न के डार्क स्टोर कनेक्शन का सुराग मिला, जिसके बाद संबंधित गोदामों पर छापे पड़े।
उपभोक्ता एक्सपायर्ड या नकली उत्पादों की पहचान कैसे करें?
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने क्यूआर कोड और बारकोड प्रणाली शुरू की है, जिससे उपभोक्ता उत्पाद की जानकारी और वैधता स्वयं जाँच सकते हैं। मंत्री खादर ने सलाह दी है कि खरीदारी से पहले एक्सपायरी डेट अवश्य देखें और किसी भी संदेह पर तुरंत विभाग को सूचित करें।
सरकार एक्सपायर्ड उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ क्या कदम उठाने की योजना बना रही है?
कर्नाटक सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ आपराधिक कानून के तहत सख्त प्रावधान लाने पर विचार कर रही है जो जानबूझकर जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं। मंत्री खादर ने बताया कि विधि विभाग से चर्चा चल रही है और केंद्र सरकार से भी इस विषय पर हस्तक्षेप का आग्रह किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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