बेंगलुरु के 64 पीजी में खाद्य सुरक्षा जांच: 23 को नोटिस, नंदना एलीट पीजी का डाइनिंग एरिया सील
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 4 सितंबर 2026 को बेंगलुरु शहर, बेंगलुरु ग्रामीण और ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) क्षेत्र के 64 पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों में एक विशेष खाद्य सुरक्षा निरीक्षण अभियान चलाया। जांच में 23 पीजी को नोटिस जारी किए गए और बोम्मासंद्रा स्थित नंदना एलीट पीजी के डाइनिंग एरिया को सील कर दिया गया।
अभियान की पृष्ठभूमि और दायरा
यह कार्रवाई स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यूटी खादर के सीधे निर्देश पर की गई। पीजी आवासों में परोसे जा रहे भोजन की खराब गुणवत्ता और अस्वच्छता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह विशेष अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत भोजन निर्माण, भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता, वैधता अवधि और लेबलिंग की जांच की।
मुख्य उल्लंघन और जब्ती
निरीक्षण के दौरान कई पीजी में एक्सपायर्ड दही, स्वास्तिक बिसीबेले भात पाउडर, चावल का आटा, सिंथेटिक फूड कलर, काली मिर्च और गलत लेबल वाले मिश्रण (मिसब्रांडेड मिक्सचर) का उपयोग पाया गया। इन सभी सामग्रियों को कानूनी प्रावधानों के तहत मौके पर ही जब्त कर लिया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों की प्रयोगशाला जांच के लिए 12 खाद्य नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।
नंदना एलीट पीजी: गंभीर अनियमितताएं, डाइनिंग एरिया सील
बोम्मासंद्रा स्थित नंदना एलीट पीजी में अधिकारियों को सबसे गंभीर स्थिति मिली। खाने की मेज पर खाद्य सामग्री के साथ खटमल मारने वाला पाउडर रखा हुआ पाया गया। पीने के पानी के स्थान पर गैर-खाद्य और अनुपयोगी सामान रखा था, और परिसर में व्यापक अस्वच्छता की स्थिति थी। इन गंभीर खामियों के मद्देनजर अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से उस पीजी के डाइनिंग एरिया को सील कर दिया।
विभाग के निर्देश और चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी पीजी संचालकों और भोजन से जुड़े कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए, गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का ही उपयोग हो और रसोई में साफ-सफाई अनिवार्य रूप से बनाए रखी जाए। किसी भी परिस्थिति में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री का उपयोग या वितरण न किया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
प्रयोगशाला में भेजे गए 12 नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद अतिरिक्त कार्रवाई की संभावना है। यह अभियान बेंगलुरु में पीजी संस्कृति की बढ़ती निर्भरता के बीच आया है, जहाँ हज़ारों छात्र और कामकाजी युवा दैनिक भोजन के लिए इन्हीं आवासों पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित और अघोषित निरीक्षण ही इस क्षेत्र में दीर्घकालिक अनुपालन सुनिश्चित कर सकते हैं।