रक्षाबंधन से पहले नोएडा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी छापेमारी, 100 किलो दूषित रसगुल्ले नष्ट
सारांश
मुख्य बातें
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, गौतमबुद्धनगर ने 24 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन पर्व से पूर्व मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान सरफाबाद, सेक्टर-72, नोएडा स्थित एक रसगुल्ला निर्माणशाला में करीब 100 किलोग्राम दूषित रसगुल्ले मौके पर ही नष्ट कराए गए तथा सात खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा आयुक्त, लखनऊ और जिलाधिकारी, गौतमबुद्धनगर के निर्देशों पर की जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
23 अगस्त की रात खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ओपी सिंह और रविन्द्र नाथ वर्मा की टीम ने जेवर टोल प्लाजा पर चेकिंग अभियान चलाया। चौधरी डेरी, पिसावा, जलालपुर, अलीगढ़ से दिल्ली सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे पनीर का एक नमूना संग्रहित किया गया। इसके अतिरिक्त बाजना, मथुरा की भीमसेन डेरी से दिल्ली-एनसीआर सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे पनीर के दो और नमूने भी लिए गए।
24 अगस्त को अधिकारी अमर बहादुर सरोज की टीम ने सेक्टर-134 स्थित बीएस बीकानेर स्वीट्स से घेवर का एक नमूना लिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने इकोटेक-2, प्लॉट नंबर-66 स्थित शगुन स्वीट्स की निर्माणशाला का निरीक्षण कर खोया और घेवर के एक-एक नमूने जांच के लिए संग्रहित किए।
सबसे बड़ी कार्रवाई: 100 किलो रसगुल्ले नष्ट
अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारियों विशाल गुप्ता और रितु सक्सेना की टीम ने सरफाबाद, सेक्टर-72 स्थित प्रदीप कुमार की रसगुल्ला निर्माणशाला में की। अधिकारियों के अनुसार, रसगुल्लों पर मक्खी-मच्छर पड़े हुए थे और उनकी स्थिति मानव उपभोग के लिए उचित नहीं थी। खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत टीम ने मौके पर ही लगभग 100 किलोग्राम रसगुल्लों को नष्ट करा दिया।
सरकार की प्रतिक्रिया
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग की टीमें मिठाई की दुकानों, डेयरियों, निर्माण इकाइयों और खाद्य पदार्थ सप्लाई करने वाले वाहनों की जांच करती रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावट या दूषित खाद्य पदार्थ पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीजन में बाजार में दूध, पनीर, खोया, घेवर और रसगुल्ला जैसे दुग्ध उत्पादों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। गौरतलब है कि मिलावटी मिठाइयों से स्वास्थ्य संबंधी खतरे विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए गंभीर हो सकते हैं। विभाग का कहना है कि त्योहार के दौरान लोगों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
क्या होगा आगे
अभियान के तहत संग्रहित सात नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि रक्षाबंधन तक यह अभियान निर्बाध रूप से चलता रहेगा।