13 जुलाई 2026
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गौतमबुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा अभियान: डेयरी फन और ज्ञानी आइसक्रीम के नमूने जांच को भेजे

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गौतमबुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा अभियान: डेयरी फन और ज्ञानी आइसक्रीम के नमूने जांच को भेजे

सारांश

गर्मी के मौसम में मिलावट रोकने के लिए गौतमबुद्ध नगर के खाद्य सुरक्षा विभाग ने ग्रेटर नोएडा के दो प्रतिष्ठानों — डेरी फन और बीएसआर फूड एंड बेवरेज — से आइसक्रीम व फ्रोज़न डेजर्ट के नमूने लिए। रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई का संकेत दिया गया है।

मुख्य बातें

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 27 मई 2025 को ग्रेटर नोएडा में विशेष जांच अभियान चलाया।
डेरी फन निर्माण इकाई से फ्रोज़न डेजर्ट और बीएसआर फूड एंड बेवरेज से ज्ञानी ब्रांड आइसक्रीम के नमूने एकत्र किए गए।
दोनों नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
जांच के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान पर हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं मिली।
सहायक आयुक्त सर्वेश मिश्रा ने मानक उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

गौतमबुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 27 मई 2025 को ग्रीष्मकाल के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष जांच अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा के दो प्रतिष्ठानों से आइसक्रीम और फ्रोज़न डेजर्ट के नमूने एकत्र किए। दोनों नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) सर्वेश मिश्रा के अनुसार, यह विशेष अभियान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देशों पर संचालित किया जा रहा है। गर्मी के मौसम में आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स और डेयरी उत्पादों की माँग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जिसके चलते मानकविहीन या मिलावटी उत्पादों के बाज़ार में आने की आशंका भी बढ़ जाती है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में खाद्य गुणवत्ता को लेकर नागरिक शिकायतें बढ़ी हैं और विभाग राज्यभर में सतर्कता अभियान चला रहा है।

किन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने ग्रेटर नोएडा स्थित डेरी फन ब्रांड की निर्माण इकाई का निरीक्षण किया और वहाँ से फ्रोज़न डेजर्ट का एक नमूना लिया। इसके अतिरिक्त, सेक्टर-104, हाजीपुर स्थित बीएसआर फूड एंड बेवरेज प्रतिष्ठान से ज्ञानी ब्रांड आइसक्रीम का एक नमूना संग्रहित किया गया।

दोनों नमूने अब प्रयोगशाला में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप जाँचे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उत्पाद मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

हलाल प्रमाणन की जांच का पहलू

विभाग ने हाल ही में जनपद में हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री से जुड़ी शिकायतों को भी गंभीरता से लिया है। इसी के तहत विभिन्न स्टोरों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर निरंतर जाँच अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को की गई जाँच के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान पर हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं पाई गई।

विभाग की आगे की रणनीति

सहायक आयुक्त सर्वेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विभाग की प्राथमिकता आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के अभियान जारी रहेंगे और मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि यह कोई एकल घटना नहीं है — उत्तर प्रदेश में प्रत्येक ग्रीष्मकाल में इस प्रकार के अभियान चलाए जाते हैं, परंतु प्रयोगशाला रिपोर्टों पर आधारित अनुवर्ती कार्रवाई ही विभाग की वास्तविक प्रभावशीलता को परिभाषित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद की कार्रवाई है — जो अक्सर सुर्खियों से दूर रहती है। विभाग ने हलाल प्रमाणन की जांच को भी इस अभियान से जोड़ा है, जो एक अलग नीतिगत प्राथमिकता को दर्शाता है और इस पर स्पष्टता ज़रूरी है। उत्तर प्रदेश में खाद्य मिलावट के मामलों में दोष-सिद्धि की दर ऐतिहासिक रूप से कम रही है; इसलिए नमूना संग्रह से आगे बढ़कर पारदर्शी अनुवर्ती कार्रवाई ही विभाग की विश्वसनीयता तय करेगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा अभियान क्यों चलाया जा रहा है?
गर्मी के मौसम में आइसक्रीम और डेयरी उत्पादों की माँग बढ़ने के साथ मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिलाधिकारी और राज्य आयुक्त के निर्देश पर यह विशेष अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य मानकविहीन उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाना है।
किन प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए और क्या जांचा जाएगा?
ग्रेटर नोएडा स्थित डेरी फन की निर्माण इकाई से फ्रोज़न डेजर्ट और सेक्टर-104, हाजीपुर स्थित बीएसआर फूड एंड बेवरेज से ज्ञानी ब्रांड आइसक्रीम के नमूने लिए गए। इन्हें प्रयोगशाला में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप परीक्षण के लिए भेजा गया है।
जांच में हलाल प्रमाणन का मुद्दा क्यों उठाया गया?
विभाग को जनपद में हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर शिकायतें मिली थीं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार, 27 मई की जांच में ऐसे किसी उत्पाद की बिक्री नहीं पाई गई।
नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद क्या होगा?
प्रयोगशाला रिपोर्ट में यदि कोई नमूना खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो सहायक आयुक्त सर्वेश मिश्रा के अनुसार संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने भविष्य में भी इसी प्रकार के अभियान जारी रखने की बात कही है।
आम उपभोक्ता इस अभियान से कैसे लाभान्वित होंगे?
इस अभियान का सीधा लाभ यह है कि बाज़ार में बिकने वाले आइसक्रीम और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी बढ़ेगी, जिससे मिलावटी या मानकविहीन उत्पादों की संभावना कम होगी। विभाग की सक्रियता उपभोक्ताओं को गर्मी के मौसम में सुरक्षित खाद्य सामग्री सुनिश्चित कराने की दिशा में एक कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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