गौतमबुद्धनगर में खाद्य सुरक्षा अभियान: 8 नमूने जांच को भेजे, निरूला ब्रांड के 25 डिब्बे सीज
सारांश
मुख्य बातें
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 28 मई 2026 को गौतमबुद्धनगर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक छापेमारी करते हुए आइसक्रीम, डेयरी उत्पाद और शीतल पेय सहित कुल 8 खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे। इस दौरान सेक्टर-64, नोएडा स्थित एक निर्माण इकाई से निरूला ब्रांड की रेड वेलवेट क्रीम के 25 डिब्बे लेबलिंग अनियमितता के कारण सीज किए गए।
अभियान की पृष्ठभूमि
ग्रीष्म ऋतु में आइसक्रीम, कुल्फी, शीतल पेय और डेयरी उत्पादों की माँग तेज़ी से बढ़ती है, जिससे मिलावट और गुणवत्ता में कमी की आशंका भी बढ़ जाती है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर यह समन्वित अभियान चलाया गया। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि शिकायतों की रोकथाम और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
मुख्य निरीक्षण और नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा स्थित लक्ष्मी आइसक्रीम निर्माण इकाई से आइसकैंडी का एक नमूना और डिवाइन आइसक्रीम निर्माण इकाई से आइसक्रीम का एक नमूना लिया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमर बहादुर सरोज और रितु सक्सेना की टीम ने सेक्टर-64, नोएडा स्थित गोल्ड स्मिथ रिटेल सर्विसेज लिमिटेड की निर्माण इकाई पर निरीक्षण किया, जहाँ से निरूला ब्रांड के दूध, क्रीम और रेड वेलवेट क्रीम के नमूने संग्रहित किए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और एसके पाण्डेय की टीम ने सेक्टर-73, नोएडा स्थित क्वार्ले आइसक्रीम से आइसक्रीम का नमूना लिया। इसी के साथ अधिकारी सैयद इबादुल्लाह, ओपी सिंह और एसके पाण्डेय की संयुक्त टीम ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सेक्टर-4, रोजा जलालपुर स्थित भवनाथ आइसक्रीम एवं कोल्ड ड्रिंक्स निर्माण इकाई से कुल्फी और बादाम शेक के नमूने एकत्र किए।
लेबलिंग उल्लंघन पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान निरूला ब्रांड की रेड वेलवेट क्रीम के लेबल पर पोषण संबंधी अनिवार्य जानकारियाँ अंकित नहीं पाई गईं। विभाग ने इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए 2.3 किलोग्राम वजन वाले 25 डिब्बों को अग्रिम आदेश तक सीज कर दिया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई।
हलाल प्रमाणन की जांच
विभाग ने हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री की शिकायतों के मद्देनजर जिले के विभिन्न स्टोरों पर भी जांच की। हालांकि, निरीक्षण के दौरान कहीं भी ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं पाई गई।
आगे क्या होगा
सभी 8 नमूने प्रयोगशाला को भेजे जा चुके हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित इकाइयों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त सर्वेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार के अभियान जारी रहेंगे, ताकि जनपदवासियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ मिल सकें।