गौतमबुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा अभियान: डेरी फन और ज्ञानी आइसक्रीम के नमूने जांच को भेजे
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 27 मई 2025 को ग्रीष्म ऋतु विशेष जांच अभियान के तहत दो खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर नमूने एकत्र किए और उन्हें प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा। गर्मी के मौसम में आइसक्रीम व डेयरी उत्पादों की बढ़ती माँग को देखते हुए विभाग मिलावट और मानकविहीन बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पूरी सतर्कता से काम कर रहा है।
अभियान की पृष्ठभूमि
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि यह विशेष जांच अभियान आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गर्मियों में आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स और डेयरी उत्पादों की माँग में तेज़ी आती है, जिससे मिलावटी या घटिया उत्पादों की बिक्री का जोखिम बढ़ जाता है।
मुख्य घटनाक्रम
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की संयुक्त टीम ने ग्रेटर नोएडा स्थित डेरी फन ब्रांड की निर्माण इकाई का निरीक्षण किया, जहाँ से फ्रोज़न डेजर्ट का एक नमूना लिया गया। इसके अतिरिक्त सेक्टर-104, हाजीपुर स्थित बीएसआर फूड एंड बेवरेज प्रतिष्ठान से ज्ञानी ब्रांड आइसक्रीम का एक नमूना संग्रहित किया गया। दोनों नमूनों को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
हलाल प्रमाणन जांच
विभाग ने हाल ही में जनपद में हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री संबंधी शिकायतों को भी गंभीरता से लिया है। इसी के तहत विभिन्न स्टोरों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर नियमित जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को की गई जांच में किसी भी प्रतिष्ठान पर हलाल प्रमाणन युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं पाई गई।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि गर्मियों में खाद्य पदार्थों में मिलावट और भंडारण की अनुचित स्थितियाँ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ा देती हैं। विभाग की यह सक्रियता उन उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है जो बाज़ार से आइसक्रीम और डेयरी उत्पाद खरीदते हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद मानक उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आगे की कार्रवाई
सहायक आयुक्त सर्वेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विभाग की प्राथमिकता आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी इसी प्रकार के अभियान जारी रहेंगे और मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर अगले कदम तय किए जाएंगे।