गौतमबुद्ध नगर: खाद्य सुरक्षा विभाग ने 3 फूड यूनिट्स पर छापेमारी कर 8 प्रोसेस्ड फूड नमूने जांच को भेजे
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 15 जून 2025 को जिले की तीन प्रमुख प्रोसेस्ड फूड निर्माण इकाइयों पर एक साथ छापेमारी कर 8 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे। यह अभियान उत्तर प्रदेश के आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ तथा जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर के निर्देश पर चलाया गया, जिसका उद्देश्य जनपदवासियों को मानक अनुरूप और सुरक्षित खाद्य सामग्री सुनिश्चित करना है।
किन इकाइयों पर हुई कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमर बहादुर सरोज ने सेक्टर-63 स्थित एसटीएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया, जहाँ से टोमेटो पेस्ट और मोमो सॉस के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों सैयद इबादुल्लाह और रितु सक्सेना की संयुक्त टीम ने दादरी स्थित अरियाना फूड्स प्राइवेट लिमिटेड में छापेमारी की। यहाँ से मिक्स अचार, ग्रीन चिली अचार, ग्रीन चिली सॉस और इमली चटनी — चार उत्पादों के नमूने लिए गए।
इसके अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार ने साइट-सी, सूरजपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित न्यूटी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड से टोमेटो कैचअप और टोमेटो पेस्ट के नमूने एकत्र किए।
मुख्य घटनाक्रम
तीनों इकाइयों से विधिवत संग्रहित कुल 8 नमूने अब प्रयोगशाला में मानक परीक्षण के लिए भेजे जा चुके हैं। गौरतलब है कि प्रोसेस्ड फ्रूट और वेजिटेबल उत्पादों में मिलावट, संरक्षक तत्वों की अधिकता और लेबलिंग उल्लंघन राष्ट्रीय स्तर पर नियामकों की प्राथमिक चिंता बने हुए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में खाद्य सुरक्षा नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशानिर्देशों के तहत प्रोसेस्ड फूड सेगमेंट पर निगरानी कड़ी कर रहे हैं।
विभाग का रुख और अगली कार्रवाई
सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) सर्वेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी उत्पाद में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मिश्रा ने कहा, 'खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और जनपदवासियों को सुरक्षित एवं मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आगे भी इसी प्रकार के सघन जांच अभियान जारी रहेंगे।
आम जनता पर असर
गौतमबुद्ध नगर एक तेजी से विकसित होता औद्योगिक और आवासीय जिला है, जहाँ बड़ी संख्या में प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य उत्पादों की खपत होती है। इस अभियान से स्थानीय उपभोक्ताओं को यह भरोसा मिलता है कि बाजार में उपलब्ध उत्पाद नियामकीय मानकों पर खरे हैं या नहीं, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। जांच परिणाम सार्वजनिक होने पर उपभोक्ता अधिक सूचित निर्णय ले सकेंगे।