डीएमके की राजनीति में अश्लीलता और मानहानि समाई है: तमिलनाडु मंत्री एस. रमेश का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती मंत्री एस. रमेश ने 14 सितंबर 2026 को तिरुचि में पत्रकारों से बात करते हुए विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पर अश्लील, अपमानजनक और अपशब्दों से भरी राजनीतिक संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उनकी यह टिप्पणी वरिष्ठ डीएमके नेता ए. राजा द्वारा एक प्रदर्शन के दौरान कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार पर कथित तौर पर व्यक्तिगत हमले करने की घटना के एक दिन बाद सामने आई है।
मंत्री रमेश का सीधा आरोप
रमेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'अश्लील भाषा बोलना, मानहानिकारक टिप्पणियाँ करना और झूठ फैलाना डीएमके के डीएनए में समाया हुआ है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि डीएमके नेता ऐसी भाषा का प्रयोग न करें तो यह आश्चर्य की बात होगी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की वर्तमान सरकार इस राजनीतिक संस्कृति का विरोध करती रहेगी।
मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि विरोध प्रदर्शन और धरने देना मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार हैं, लेकिन राजनीतिक नेताओं को इन अवसरों का उपयोग व्यक्तिगत हमले या आपत्तिजनक भाषा के लिए नहीं करना चाहिए।
स्टालिन परिवार पर निशाना
रमेश ने पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर पार्टी के भीतर इस प्रकार के व्यवहार को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि वे अक्सर दोहरे अर्थ वाली टिप्पणियाँ करते हैं और मंत्रियों के विरुद्ध घटिया एवं अपमानजनक आलोचना करते हैं।
सरकार की चेतावनी और कानूनी कार्रवाई
डीएमके के एक पूर्व मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के सवाल का जवाब देते हुए रमेश ने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री, महिलाओं या आम जनता के बारे में अपमानजनक बयान देने वालों के विरुद्ध सरकार सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग का प्रभार संभालने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए नैतिकता और संयम विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
अन्नाद्रमुक के आरोपों का खंडन
रमेश ने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि TVK सरकार के पहले तीन महीनों में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में तेज़ वृद्धि हुई है। उनका तर्क था कि वर्तमान कानून-व्यवस्था की चुनौतियाँ पिछले पाँच वर्षों की प्रशासनिक विफलताओं का परिणाम हैं और नई सरकार इन व्यवस्थागत समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा — 'बारिश रुकने के बाद भी हवा तुरंत शांत नहीं होती।' इसी तर्ज पर पूर्व सरकार के भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं के परिणाम अभी भी जारी हैं, लेकिन मौजूदा सरकार उन्हें सुधारने में जुटी है।
महिला सुरक्षा और खेल विकास पर जोर
मंत्री रमेश ने बताया कि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करने और कानून-व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सिंगापुर विशेष कार्य बल का गठन किया है और एक समर्पित नशा-विरोधी विंग की स्थापना की है। उन्होंने तमिलनाडु को एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में विकसित करने और राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विजय के प्रयासों की भी सराहना की। आने वाले दिनों में सरकार इस दिशा में और व्यापक बदलाव लाने का दावा कर रही है।