क्या एमके स्टालिन अपने बेटे उदयनिधि को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?
सारांश
Key Takeaways
- डीएमके सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है।
- उदयनिधि स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाने की आशंका।
- भाजपा ने चुनाव में विश्वास का मुद्दा उठाया है।
मुंबई, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेता तुहिन सिन्हा ने डीएमके पर हमला बोलते हुए समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पूरे तमिलनाडु में सीएम एमके स्टालिन और उनके पुत्र उदयनिधि स्टालिन के प्रति व्यापक गुस्सा है।
उन्होंने कहा कि डीएमके के शासन में तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ गई है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि हुई है। तमिलनाडु के युवा ड्रग्स माफिया के जाल में फंसते जा रहे हैं और बेरोजगारी की समस्या भी बढ़ रही है। इस सबका परिणाम डीएमके गठबंधन के प्रति लोगों में गुस्सा है।
उन्होंने आगे कहा कि लोगों को यह आशंका है कि एमके स्टालिन भविष्य में उदयनिधि को मुख्यमंत्री बनाने की योजना बना रहे हैं। पीयूष गोयल ने बार-बार एमके स्टालिन को चुनौती दी है कि वे स्पष्ट करें कि क्या वे उदयनिधि को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं? क्या डीएमके परिवारवाद के चक्कर में फंसी रहेगी या तमिलनाडु के हितों के लिए काम करेगी? एमके स्टालिन इन सवालों के जवाब नहीं दे पाए हैं।
तुहिन सिन्हा ने आगे बताया कि केरल में अप्रत्याशित वोटिंग हुई है, क्योंकि नॉन एनडीए सरकार के प्रति लोगों में गुस्सा है। सभी नॉन एनडीए सरकारें जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही हैं। जहां केरल के मतदाताओं ने भारी मतदान करके अपना गुस्सा जाहिर किया है, वहीं तमिलनाडु में भी यह गुस्सा 23 अप्रैल को मतदान के दौरान देखने को मिलेगा। तमिलनाडु के लोग एमके स्टालिन को अलविदा कह देंगे।
पश्चिम बंगाल विधानसभ चुनाव के संदर्भ में तुहिन सिन्हा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भय और विश्वास के बीच सीधा मुकाबला है। टीएमसी का भय और भाजपा का विश्वास इस लड़ाई में मुख्य तत्व हैं। इस मुकाबले में हमेशा विश्वास की जीत होती है। भाजपा ने शुक्रवार को अपना घोषणा पत्र जारी किया है जिसमें बंगाल को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।