तमिलनाडु में 15 दिनों में 25 हत्याएं, 19 यौन अपराध: उदयनिधि स्टालिन ने TVK सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के युवा विंग सचिव और तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने 25 मई 2025 को तमिलनाडु में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर TVK सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले 15 दिनों में 25 हत्याएं, चार दोहरी हत्याएं और 19 यौन अपराध सामने आए हैं, जो सरकार की विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।
मुख्य घटनाक्रम
कोयंबटूर के सुलूर में एक लड़की के साथ हुए अत्याचार का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि विल्लुपुरम जिले में एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न की घटना सामने आई। उदयनिधि ने कहा कि सुलूर पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार उसकी माँ को बिना सूचित किए जल्दबाजी में कर दिया गया — जो कथित तौर पर प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा है।
मदुरै में मीनाक्षी अम्मन मंदिर के निकट एक किशोर की बेरहमी से हत्या की गई। कोयंबटूर में एक युवती के घर पर पेट्रोल बम फेंका गया। मुख्यमंत्री के अपने निर्वाचन क्षेत्र पेरम्बूर में नशे में धुत एक गिरोह ने 13 वाहनों के शीशे तोड़कर क्षति पहुँचाई।
उदयनिधि स्टालिन का सीधा सवाल
उदयनिधि ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मुख्यमंत्री से पूछा: 'मुख्यमंत्री जी, क्या यह तमिलनाडु है या उत्तर प्रदेश? आपकी "महिलाओं के लिए विशेष कार्यबल" कहाँ गायब हो गई? चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाले मुख्यमंत्री अब चुप क्यों बैठे हैं?'
उन्होंने आगे कहा, 'बढ़ते अपराधों के कारण जनता में डर का माहौल है, ऐसे में सोमवार सुबह पुलिस अधिकारियों के साथ औपचारिक बैठक करना और एक अस्पष्ट बयान जारी करना स्वीकार्य नहीं है। सरकार को सबसे पहले स्थिति की गंभीरता को समझना होगा।'
सरकार की प्रतिक्रिया
उदयनिधि की यह आलोचना तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम को लेकर बुलाई गई समीक्षा बैठक के बाद आई है। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जघन्य अपराधों में लिप्त लोगों के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए, जाँच में तेजी लाई जाए, प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित किया जाए और कड़ी सजा दिलाई जाए।
गौरतलब है कि सरकार ने कानूनी प्रक्रिया में तेजी, निवारक उपायों और जन-जागरूकता अभियान पर भी जोर देने की बात कही है — हालाँकि विपक्ष इसे 'अस्पष्ट आश्वासन' से अधिक नहीं मान रहा।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में महिला सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हो रही है। सुलूर और विल्लुपुरम की घटनाएँ राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर रही हैं। आलोचकों का कहना है कि 'बदलाव' के नारे पर सत्ता में आई TVK सरकार के कार्यकाल में अपराध के आँकड़े उसके चुनावी वादों के विपरीत जाते दिख रहे हैं।
क्या होगा आगे
उदयनिधि स्टालिन ने माँग की है कि मुख्यमंत्री विजय महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए ठोस और सत्यापन-योग्य कदमों की घोषणा करें। राजनीतिक दबाव के बीच अब सरकार पर त्वरित और दृश्यमान कार्रवाई की जिम्मेदारी है।