तमिलनाडु में 3 वर्षीय बच्ची की मौत: उदयनिधि स्टालिन ने CM विजय से माँगा जवाब, राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के गुम्मिडीपोंडी क्षेत्र में कथित यौन उत्पीड़न की शिकार 3 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने 15 जून 2026 को मुख्यमंत्री विजय पर सीधा हमला बोलते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाने की माँग की। इस घटना ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरे तमिलनाडु में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
गुम्मिडीपोंडी में कथित यौन उत्पीड़न की शिकार 3 साल की बच्ची की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में आरोप लगाया कि इस तरह के जघन्य अपराध, जो पहले देश के कुछ उत्तरी हिस्सों से जुड़े माने जाते थे, अब तमिलनाडु में भी लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाने वाली सरकार उन्हें पर्याप्त सुरक्षा देने में विफल रही है।
विपक्ष के आरोप
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन ने कई कथित घटनाओं का हवाला देते हुए राज्य में सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था के कमज़ोर पड़ने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, सलेम में सत्तारूढ़ दल के सदस्यों पर 500 से अधिक महिलाओं के यौन शोषण के आरोप लगे हैं। इसके अलावा, अलंदूर में पार्टी के एक पदाधिकारी पर एक विधवा के साथ दुर्व्यवहार करने का और शिवगंगा में एक महिला पुलिस कांस्टेबल के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला भी सामने आया है।
उदयनिधि स्टालिन ने यह भी कहा कि नई सरकार को सत्ता संभाले एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन कानून-व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री विजय राजनीतिक गतिविधियों को शासन और जनसुरक्षा से अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।
सरकार पर दबाव
बच्ची की मौत के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ता जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। उदयनिधि स्टालिन ने माँग की कि मुख्यमंत्री वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी करें।
राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
उदयनिधि स्टालिन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि राज्य में इस तरह की घटनाएं जारी रहीं तो वह DMK नेतृत्व से अनुमति लेकर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर पूरे तमिलनाडु में राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नई सरकार के गठन के बाद से ही विपक्ष लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता रहा है।
आगे क्या
गुम्मिडीपोंडी मामले में पुलिस की जाँच जारी है। राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बीच अब सभी की नज़रें मुख्यमंत्री विजय की प्रतिक्रिया और राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का यह मुद्दा आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में केंद्रीय बहस का विषय बना रहेगा।