कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची की अपहरण के बाद हत्या, उदयनिधि स्टालिन ने विजय सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के कोयंबटूर में 10 वर्षीय एक बच्ची के अपहरण और उसके बाद हत्या की जघन्य घटना ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। बच्ची का शव शुक्रवार की शाम सुलूर इलाके के कन्नमपालयम टैंक के पास बरामद हुआ। इस मामले में मोहन और कार्तिक नाम के दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
घटना का विवरण
बच्ची के चाचा पलानीसामी के अनुसार, उनका परिवार कोलातुर का निवासी है। बच्ची शाम को एक दुकान से लौटने के बाद दो दिन पहले लापता हो गई थी। परिजनों को बाद में पता चला कि उसका अपहरण किया गया था और उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। कोयंबटूर के लोग इस बर्बर कृत्य के विरोध में सड़कों पर उतर आए और दोषियों को कड़ी सजा देने की माँग कर रहे हैं।
उदयनिधि स्टालिन की प्रतिक्रिया
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा, 'कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण और हत्या की घटना ने गहरा सदमा और दुख पहुंचाया है। इस बर्बर कृत्य के असली दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलनी चाहिए। संकट की इस घड़ी में, मैं लड़की के माता-पिता के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) उनके साथ खड़ी है।'
विजय सरकार पर निशाना
उदयनिधि स्टालिन ने विजय के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नई सरकार के सत्ता में आने के महज 12 दिनों के भीतर 30 से अधिक बड़ी आपराधिक घटनाएँ सामने आई हैं — जिनमें यौन हिंसा, गांजा तस्करी, गुंडागर्दी और सत्ताधारी पार्टी की मनमानी शामिल हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे कानून और व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब तमिलनाडु में नई सरकार ने अभी-अभी कार्यभार संभाला है और विपक्ष पहले दिन से ही उसे कठघरे में खड़ा करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि राज्य में बच्चों की सुरक्षा और महिला अपराधों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। DMK ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में पीड़ित परिवार के साथ न्याय की लड़ाई में खड़ी रहेगी।
आगे क्या
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जाँच जारी है। कोयंबटूर में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच राज्य सरकार पर त्वरित न्याय सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।