कुड्डालोर हत्याकांड पर उदयनिधि स्टालिन का CM विजय पर हमला, तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के कुड्डालोर में करीब 25 वर्षीय एक युवती की निर्मम हत्या के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने शुक्रवार, 29 मई को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार पर राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा हमला बोला। उन्होंने इस घटना को राज्य में बढ़ती अपराध की प्रवृत्ति का हिस्सा बताया।
मुख्य घटनाक्रम
उदयनिधि स्टालिन ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कुड्डालोर की इस हत्या को 'बेहद चौंकाने वाला' करार दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु भर में बार-बार हो रही हत्याओं, लूटपाट और यौन हिंसा की घटनाओं ने आम जनता को यह सवाल उठाने पर मजबूर कर दिया है कि क्या राज्य में कानून-व्यवस्था अभी भी कायम है।
सत्तारूढ़ दल को सीधे निशाने पर लेते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जब से 'सोफा मॉडल सरकार' सत्ता में आई है, शायद ही कोई दिन ऐसा गुजरा हो जब हत्या, लूटपाट या यौन हिंसा की कोई घटना सामने न आई हो।
CM विजय पर सीधा निशाना
उदयनिधि ने मुख्यमंत्री विजय पर चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान कानून-व्यवस्था पर विस्तार से भाषण देने वाले और पहले से तैयार भाषणों के साथ अपनी बात रखने वाले व्यक्ति मुख्यमंत्री बनने के बाद मानो 'गहरी नींद' में चले गए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे और विपक्ष सरकार को घेरने के अवसर तलाश रहा था।
सिंगाप्पन फोर्स पर सवाल
महिला सुरक्षा से जुड़ी पहलों पर चिंता जताते हुए उदयनिधि ने उन रिपोर्टों का हवाला दिया, जिनके अनुसार महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित विशेष पहल 'सिंगाप्पन फोर्स' का शुभारंभ अंतिम समय में रद्द कर दिया गया था। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या यह कार्यक्रम केवल स्थगित किया गया है या पूरी पहल को ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या केवल पुलिस बल का नाम और वर्दी बदल देना ही सरकार का एकमात्र सुधार है, या राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सरकार को और समय चाहिए।
विपक्ष का आरोप और आगे की राह
उदयनिधि ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तमिलनाडु की जनता सरकार के धीरे-धीरे जन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के तरीके सीखने का इंतजार नहीं कर सकती। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राज्य में किसी हत्याकांड के बाद सत्ताधारी दल को विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा हो।
कुड्डालोर हत्याकांड को लेकर अब राज्य सरकार पर जवाब देने का दबाव बढ़ता जा रहा है और यह मामला आने वाले दिनों में विधानसभा में भी गूंज सकता है।