8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या में 24 घंटे में दो गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या में 24 घंटे में दो गिरफ्तार

सारांश

कोयंबटूर के सुलूर में 10 साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की घटना ने तमिलनाडु को हिला दिया। पुलिस ने 250 सीसीटीवी फुटेज खँगाल कर 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों — कार्थी और मोहनराज — को दबोचा। पॉक्सो के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।

मुख्य बातें

कोयंबटूर के सुलूर में 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या की गई; शव कन्नामपलयम तालाब के पास मिला।
पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी कार्थी (33) और सहयोगी मोहनराज (30) को गिरफ्तार किया।
लगभग 250 सीसीटीवी फुटेज की जाँच और 5 विशेष जाँच दलों के गठन से मामला सुलझाया गया।
कार्थी गिरफ्तारी से बचने के लिए इमारत से कूदा; फिलहाल कोयंबटूर सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन।
दोनों आरोपियों पर पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज; पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।
पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने के लिए कदम उठाए गए हैं।

कोयंबटूर जिले के सुलूर के निकट एक गाँव में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या की दिल दहला देने वाली घटना ने तमिलनाडु को झकझोर दिया है। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों — कार्थी (33) और मोहनराज (30) — को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पेशे से दिहाड़ी मजदूर बताए जा रहे हैं।

घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला

पीड़ित बच्ची गुरुवार शाम अपने घर के पास एक दुकान पर गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी देर प्रतीक्षा के बाद माता-पिता ने आस-पास तलाश की और सुलूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उसी रात कन्नामपलयम तालाब के किनारे झाड़ियों में बच्ची का शव मिला। जाँच में खुलासा हुआ कि उसका अपहरण कर यौन उत्पीड़न किया गया, फिर हत्या कर शव को वहाँ फेंक दिया गया।

जाँच और गिरफ्तारी

पुलिस महानिरीक्षक (पश्चिमी क्षेत्र) आरवी रम्या भारती ने मीडिया को बताया कि शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई और पाँच विशेष जाँच दल गठित किए गए। लगभग 250 सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के बाद आरोपियों की पहचान हुई।

मुख्य आरोपी कार्थी, जो मूलतः नागपट्टिनम का निवासी है और पल्लापलयम में रहता था, पीड़ित परिवार का परिचित था। गिरफ्तारी के दौरान उसने इमारत की ऊपरी मंजिल से कूदकर भागने की कोशिश की, जिसमें उसके हाथ और पैर में चोट आई। वह अभी कोयंबटूर के सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन है। दूसरे आरोपी मोहनराज को भी हिरासत में ले लिया गया है।

कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सहायता

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम के तहत कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अभी इंतजार है। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

आम जनता और राज्य पर असर

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बच्चों की सुरक्षा को लेकर तमिलनाडु में पहले से चिंताएँ बनी हुई हैं। गौरतलब है कि पॉक्सो मामलों में त्वरित गिरफ्तारी को पुलिस की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक सामुदायिक उपायों की भी उतनी ही ज़रूरत है।

आगे क्या होगा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोप पत्र में और धाराएँ जोड़ी जा सकती हैं। पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला विशेष अदालत में चलेगा, जहाँ त्वरित सुनवाई का प्रावधान है। पुलिस ने संकेत दिया है कि जाँच अभी जारी है और किसी अन्य संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना उस गहरी विफलता की ओर भी इशारा करती है जो बच्चों — खासकर ग्रामीण इलाकों में — को परिचितों से भी असुरक्षित बनाती है। आरोपी पीड़ित परिवार का जानकार था — पॉक्सो के अधिकांश मामलों में यही पैटर्न सामने आता है। सवाल यह है कि क्या त्वरित गिरफ्तारी के बाद न्याय भी उतनी ही तेज़ी से मिलेगा, क्योंकि विशेष पॉक्सो अदालतें अक्सर लंबित मामलों के बोझ तले दबी रहती हैं। पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता का आश्वासन ज़रूरी है, पर उसकी निगरानी भी उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची के साथ क्या हुआ?
सुलूर के पास एक गाँव में रहने वाली 10 वर्षीय बच्ची गुरुवार शाम दुकान पर गई और वापस नहीं लौटी। जाँच में पता चला कि उसका अपहरण कर यौन उत्पीड़न किया गया और फिर हत्या कर शव कन्नामपलयम तालाब के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने मुख्य आरोपी कार्थी (33), जो नागपट्टिनम मूल का दिहाड़ी मजदूर था, और उसके साथी मोहनराज (30) को गिरफ्तार किया है। दोनों पीड़ित के परिवार के परिचित थे और आस-पास रहते थे।
पुलिस ने आरोपियों को इतनी जल्दी कैसे पकड़ा?
पुलिस महानिरीक्षक आरवी रम्या भारती के अनुसार, शिकायत मिलते ही 5 विशेष जाँच दल बनाए गए और करीब 250 सीसीटीवी फुटेज की जाँच की गई, जिससे 24 घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी संभव हुई।
आरोपियों पर कौन-सी धाराओं में मामला दर्ज हुआ है?
दोनों आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा और अतिरिक्त धाराएँ भी जोड़ी जा सकती हैं।
पीड़ित परिवार को क्या सहायता मिलेगी?
पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। विस्तृत सहायता पैकेज का ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले