कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या में 24 घंटे में दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
कोयंबटूर जिले के सुलूर के निकट एक गाँव में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या की दिल दहला देने वाली घटना ने तमिलनाडु को झकझोर दिया है। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों — कार्थी (33) और मोहनराज (30) — को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पेशे से दिहाड़ी मजदूर बताए जा रहे हैं।
घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला
पीड़ित बच्ची गुरुवार शाम अपने घर के पास एक दुकान पर गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी देर प्रतीक्षा के बाद माता-पिता ने आस-पास तलाश की और सुलूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उसी रात कन्नामपलयम तालाब के किनारे झाड़ियों में बच्ची का शव मिला। जाँच में खुलासा हुआ कि उसका अपहरण कर यौन उत्पीड़न किया गया, फिर हत्या कर शव को वहाँ फेंक दिया गया।
जाँच और गिरफ्तारी
पुलिस महानिरीक्षक (पश्चिमी क्षेत्र) आरवी रम्या भारती ने मीडिया को बताया कि शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई और पाँच विशेष जाँच दल गठित किए गए। लगभग 250 सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के बाद आरोपियों की पहचान हुई।
मुख्य आरोपी कार्थी, जो मूलतः नागपट्टिनम का निवासी है और पल्लापलयम में रहता था, पीड़ित परिवार का परिचित था। गिरफ्तारी के दौरान उसने इमारत की ऊपरी मंजिल से कूदकर भागने की कोशिश की, जिसमें उसके हाथ और पैर में चोट आई। वह अभी कोयंबटूर के सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन है। दूसरे आरोपी मोहनराज को भी हिरासत में ले लिया गया है।
कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सहायता
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम के तहत कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अभी इंतजार है। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
आम जनता और राज्य पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बच्चों की सुरक्षा को लेकर तमिलनाडु में पहले से चिंताएँ बनी हुई हैं। गौरतलब है कि पॉक्सो मामलों में त्वरित गिरफ्तारी को पुलिस की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक सामुदायिक उपायों की भी उतनी ही ज़रूरत है।
आगे क्या होगा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोप पत्र में और धाराएँ जोड़ी जा सकती हैं। पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला विशेष अदालत में चलेगा, जहाँ त्वरित सुनवाई का प्रावधान है। पुलिस ने संकेत दिया है कि जाँच अभी जारी है और किसी अन्य संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है।