कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची की हत्या: मंत्री संपतकुमार ने परिवार से मुलाकात की, अधिकतम सजा का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले ने तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मचा दी है। पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री वी. संपतकुमार ने 23 मई को कोयंबटूर ईएसआई अस्पताल पहुँचकर पीड़ित परिवार से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, बच्ची के लापता होने के महज एक घंटे के भीतर यह जघन्य कृत्य हुआ। शिकायत रात 8:00 बजे से 9:00 बजे के बीच दर्ज की गई थी। बच्ची का शव सुलूर इलाके के कन्नमपालयम टैंक के निकट बरामद किया गया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज व ईएसआई अस्पताल भेजा गया।
यह ऐसे समय में आया है जब बाल सुरक्षा और महिला सुरक्षा को लेकर तमिलनाडु में पहले से ही बहस जारी है। गौरतलब है कि औपचारिक शिकायत दर्ज होने से पहले ही यह घटना घटित हो गई, जो पुलिस की प्रतिक्रिया प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मंत्री की प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत में मंत्री संपतकुमार ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल परामर्श किया। उन्होंने स्वीकार किया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिकायत दर्ज होने से पहले ही यह अपराध हो गया।
मंत्री ने कहा, 'सरकार दोषियों को अधिकतम दंड दिलाने के लिए दृढ़संकल्प है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस तरह की घटना आखिरी हो।' उन्होंने अधिकारियों से तत्काल आरोपपत्र दाखिल करने का भी आग्रह किया।
पीड़ित परिवार को राहत
मंत्री ने बताया कि पीड़ित परिवार को आवश्यक राहत सहायता प्रदान की जाएगी और मुख्यमंत्री जल्द ही वित्तीय सहायता की घोषणा करेंगे। अभी तक केवल दो व्यक्तियों की पहचान दोषियों के रूप में की गई है और दोनों न्यायिक हिरासत में हैं।
सुरक्षा उपाय और नई योजना
मंत्री संपतकुमार ने अपराध-प्रवण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु भर में जल्द ही 'सिंगा पेंगल थिट्टम' (शेरनी महिला योजना) शुरू की जाएगी, जो 27 तारीख से लागू होने की संभावना है। यह योजना सुरक्षा और निगरानी दोनों में सुधार के उद्देश्य से तैयार की गई है।
इसके अतिरिक्त, आरटीओ और पुलिस ने जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बनाई है। आपराधिक गतिविधियों की उच्च दर वाले क्षेत्रों में सतर्कता और तेज की जाएगी।
क्या होगा आगे
जाँच एजेंसियाँ मामले में तेजी लाने पर काम कर रही हैं और शीघ्र आरोपपत्र दाखिल होने की उम्मीद है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और दोषियों के मन में कानून का भय स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है।