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सुलूर में 10 वर्षीय बच्ची की हत्या: CM विजय ने पीड़ित परिवार को न्याय का दिया भरोसा, आरोपी गिरफ्तार

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सुलूर में 10 वर्षीय बच्ची की हत्या: CM विजय ने पीड़ित परिवार को न्याय का दिया भरोसा, आरोपी गिरफ्तार

सारांश

सुलूर में 10 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या ने पूरे तमिलनाडु को झकझोर दिया। CM विजय ने पीड़ित परिवार से सीधे बात कर न्याय का वादा किया। पड़ोसी कार्तिक गिरफ्तार, मोहन राज हिरासत में — जाँच जारी है।

मुख्य बातें

सुलूर (कोयंबटूर) में एक 10 वर्षीय बच्ची की हत्या, शव झाड़ीदार क्षेत्र में मिला।
जोसेफ विजय ने 24 मई को पीड़ित माता-पिता से फोन पर बात कर न्याय का आश्वासन दिया।
मुख्य आरोपी पड़ोसी कार्तिक (33 वर्ष) गिरफ्तार; सहयोगी संदिग्ध मोहन राज हिरासत में।
CM ने इस अपराध को 'अमानवीय और अक्षम्य' करार दिया।
तमिलनाडु के राजनीतिक दलों और संगठनों ने निंदा कर त्वरित न्याय की माँग की।

तमिलनाडु के सुलूर में एक 10 वर्षीय बच्ची की हत्या की घटना ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार, 24 मई को पीड़िता के माता-पिता से फोन पर बात कर उन्हें संवेदनाएँ दीं और यह आश्वासन दिया कि राज्य सरकार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस ने मुख्य आरोपी 33 वर्षीय कार्तिक को गिरफ्तार कर लिया है, जो पीड़िता का पड़ोसी बताया जा रहा है।

घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला

पीड़िता सुलूर के निकटवर्ती एक गाँव की निवासी थी। वह खरीदारी के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार ने जब उसे खोजा तो नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया और एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। जाँच के दौरान पुलिस की टीमों को बच्ची का शव इलाके के एक झाड़ीदार क्षेत्र में मिला।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस अपराध को 'अमानवीय और अक्षम्य कृत्य' करार देते हुए कहा कि ऐसे कृत्य का समाज में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने फोन पर शोकाकुल माता-पिता को सांत्वना देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से लेगी और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में बच्चों के विरुद्ध अपराधों को लेकर जनता में गहरा आक्रोश है।

गिरफ्तारी और जाँच की स्थिति

विस्तृत जाँच के बाद पुलिस ने पीड़िता के पड़ोसी कार्तिक (33 वर्ष) को मुख्य संदिग्ध के रूप में पहचानकर गिरफ्तार किया। इसके अलावा मोहन राज को भी हिरासत में लिया गया है, जिन पर इस अपराध में सहयोगी होने का संदेह है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जाँच अभी जारी है और चल रही पूछताछ के परिणामों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक और सामाजिक आक्रोश

इस घटना ने तमिलनाडु के राजनीतिक नेताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी मुखर कर दिया है। सभी ने इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करते हुए त्वरित न्याय की माँग की है। गौरतलब है कि इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है, और अपराधियों के खिलाफ कानूनों को और सख्ती से लागू करने की माँग तेज हो गई है।

आगे क्या होगा

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जाँच पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेगी। मोहन राज से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा सकती है। बच्चों के विरुद्ध अपराधों में कठोरतम दंड की माँग को देखते हुए यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या दोषियों को त्वरित और कठोर न्यायिक सज़ा मिलती है। गौरतलब है कि इस तरह की घटनाओं के बाद सख्त कार्रवाई के वादे तो होते हैं, लेकिन दीर्घकालिक निवारक उपाय — जैसे बाल सुरक्षा तंत्र, पड़ोस-स्तरीय निगरानी — अक्सर पीछे छूट जाते हैं। इस मामले में जनदबाव और राजनीतिक संकल्प दोनों की परीक्षा होगी।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुलूर में 10 वर्षीय बच्ची की हत्या का मामला क्या है?
कोयंबटूर जिले के सुलूर के पास एक गाँव की 10 वर्षीय बच्ची खरीदारी के लिए निकली थी और घर नहीं लौटी। तलाशी के बाद उसका शव इलाके के एक झाड़ीदार क्षेत्र में मिला। पुलिस ने पड़ोसी कार्तिक (33 वर्ष) को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है।
CM विजय ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 24 मई को पीड़िता के माता-पिता से फोन पर बात कर संवेदनाएँ व्यक्त कीं और आश्वासन दिया कि सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलाएगी। उन्होंने इस अपराध को 'अमानवीय और अक्षम्य' बताया।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने मुख्य संदिग्ध कार्तिक (33 वर्ष) को गिरफ्तार किया है और मोहन राज को सहयोगी होने के संदेह में हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जाँच अभी जारी है।
इस घटना का तमिलनाडु में क्या असर पड़ा है?
इस घटना ने राज्यभर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा किया है। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने निंदा करते हुए त्वरित न्याय और बाल-अपराध कानूनों को सख्ती से लागू करने की माँग की है।
आगे इस मामले में क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोहन राज से चल रही पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा सकती है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जाँच पूरी पारदर्शिता के साथ जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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