18 अगस्त 2026
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चामराजनगर गोलीकांड: तमिलनाडु सरकार की चुप्पी पर उदयनिधि स्टालिन ने उठाए सवाल

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चामराजनगर गोलीकांड: तमिलनाडु सरकार की चुप्पी पर उदयनिधि स्टालिन ने उठाए सवाल

सारांश

कर्नाटक के चामराजनगर में वन विभाग की गोलीबारी में तीन तमिल नागरिकों की मौत के बाद DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने अपनी ही सरकार को घेरा — आधिकारिक निंदा न होने, न्यायिक जाँच न माँगने और पीड़ित परिवारों के लिए अतिरिक्त मुआवज़े की अनदेखी पर तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

15 अगस्त को कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर क्षेत्र में वन विभाग की गोलीबारी में एंथनी सामी , जॉन रोज पीटर और कुमार — तीन तमिल नागरिकों की मौत हुई।
DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने 18 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर तमिलनाडु सरकार की आधिकारिक चुप्पी पर सवाल उठाए।
उन्होंने घटना की स्वतंत्र न्यायिक जाँच और कर्नाटक पुलिस पर निर्भरता न रखने की माँग की।
NHRC दिशा-निर्देशों और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के तहत दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को अतिरिक्त मुआवज़े की माँग की गई।
बुधवार को चेन्नई में दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में यह मुद्दा उठाने की माँग की गई।

तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन ने कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर क्षेत्र में वन विभाग की गोलीबारी में तीन तमिल नागरिकों की मौत के मामले में अपनी ही राज्य सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने मंगलवार, 18 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह चौंकाने वाला है कि तमिलनाडु सरकार ने अब तक इस घटना की आधिकारिक निंदा नहीं की है। मृतकों की पहचान एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार के रूप में हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

यह गोलीकांड 15 अगस्त को कर्नाटक के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य से जुड़े रिजर्व फॉरेस्ट में हुआ। कर्नाटक सरकार के अनुसार, वन विभाग के कर्मचारियों ने कथित शिकारियों की ओर से की गई गोलीबारी के जवाब में आत्मरक्षा में गोलियाँ चलाईं, जिसमें तीनों की मौत हो गई। हालाँकि, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना को 'नरसंहार' करार देते हुए कर्नाटक के इस दावे पर सवाल उठाया था।

उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि विधानसभा में जवाब देते समय संबंधित मंत्री ने केवल कर्नाटक सरकार के पक्ष को दोहराया, जो पीड़ित परिवारों के साथ न्याय के दृष्टिकोण से अपर्याप्त है।

उदयनिधि की माँगें

उदयनिधि स्टालिन ने कई ठोस माँगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को कर्नाटक के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर घटना पर स्पष्टीकरण माँगना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने घटना की स्वतंत्र एवं विश्वसनीय न्यायिक जाँच की माँग की और कहा कि मामले की जाँच केवल कर्नाटक पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ी जानी चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशा-निर्देशों और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के अनुरूप दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। मृतकों के परिवारों के लिए अतिरिक्त मुआवज़े की माँग भी उठाई गई।

दक्षिणी राज्यों की बैठक में उठाने की माँग

उदयनिधि ने यह भी कहा कि बुधवार को चेन्नई में दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने माँग की कि इस बैठक के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को कर्नाटक के मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर घटना के संबंध में उचित स्पष्टीकरण माँगना चाहिए।

कर्नाटक सरकार का पक्ष

कर्नाटक सरकार ने अपनी विधानसभा में कहा था कि तीनों की मौत उस समय हुई जब वन कर्मचारियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, क्योंकि कथित शिकारियों ने पहले उन पर गोलीबारी की थी। हालाँकि, इस दावे को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सहित कई पक्षों ने चुनौती दी है।

आगे की राह

उदयनिधि स्टालिन ने स्पष्ट किया कि ऐसी गंभीर स्थिति में केवल औपचारिक या सामान्य बयान पर्याप्त नहीं है और सरकार को मृतकों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। यह मामला दो पड़ोसी राज्यों के बीच राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में न्यायिक जाँच की माँग और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विधानसभा में मंत्री ने कर्नाटक का पक्ष दोहराया — यह विरोधाभास सत्ता के भीतर की दरार को दर्शाता है। असली सवाल यह है कि क्या न्यायिक जाँच की माँग केवल राजनीतिक दबाव बनाने का ज़रिया है, या तमिलनाडु सरकार वाकई कर्नाटक से जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चामराजनगर गोलीकांड में कौन से तीन तमिल नागरिक मारे गए?
कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर क्षेत्र में कावेरी वन्यजीव अभयारण्य से जुड़े रिजर्व फॉरेस्ट में 15 अगस्त को हुई गोलीबारी में एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार की मौत हुई। कर्नाटक वन विभाग के कर्मचारियों ने इन्हें कथित शिकारी बताते हुए आत्मरक्षा में गोली चलाने का दावा किया है।
उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने अब तक इस घटना की आधिकारिक निंदा नहीं की और न ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण माँगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा में मंत्री ने केवल कर्नाटक सरकार का पक्ष दोहराया।
उदयनिधि स्टालिन ने इस मामले में क्या माँगें रखी हैं?
उन्होंने स्वतंत्र न्यायिक जाँच, NHRC दिशा-निर्देशों के अनुसार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को अतिरिक्त मुआवज़ा और दक्षिणी राज्यों की बैठक में कर्नाटक के मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से स्पष्टीकरण माँगने की माँग रखी है।
कर्नाटक सरकार ने इस गोलीकांड पर क्या कहा है?
कर्नाटक सरकार ने अपनी विधानसभा में कहा कि वन कर्मचारियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई क्योंकि कथित शिकारियों ने पहले उन पर गोलीबारी की थी। हालाँकि, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस दावे को चुनौती देते हुए घटना को 'नरसंहार' करार दिया था।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
बुधवार को चेन्नई में दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में यह मुद्दा उठाए जाने की माँग की गई है। उदयनिधि स्टालिन ने माँग की है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री इस बैठक के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर स्पष्टीकरण माँगें और न्यायिक जाँच की प्रक्रिया शुरू कराएँ।
राष्ट्र प्रेस
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