तमिलनाडु में 3 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म-हत्या: तमिलिसाई सुंदरराजन बोलीं — दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में 3 वर्षीय एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। इस जघन्य अपराध पर तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, सरकार से दोषी को कठोरतम दंड दिलाने की माँग की है। पीड़िता और आरोपी दोनों प्रवासी मजदूर समुदाय से बताए जा रहे हैं।
तमिलिसाई की प्रतिक्रिया — 'यह हैवानियत है'
तमिलिसाई सुंदरराजन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, 'यह बहुत पीड़ादायक घटना है। कोई शख्स इतनी क्रूरता से मासूम की जान कैसे ले सकता है? यह हैवानियत से भरी पाशविकता है और समाज के लिए गंभीर चिंताजनक बात है।' उन्होंने कहा कि इस घटना ने उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर भी बेहद व्यथित किया है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में माँग रखी कि 'ऐसी घटनाओं को रोकने और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा सरकार को दिलानी चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब बाल यौन अपराधों के मामलों में त्वरित न्याय की माँग पूरे देश में जोर पकड़ रही है।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
तमिलिसाई ने इस घटना को प्रवासी मजदूरों की दशा से जोड़ते हुए कहा कि पीड़िता प्रवासी मजदूर परिवार से थी और आरोपी भी एक प्रवासी मजदूर है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मजदूरों के साथ खड़ा होना चाहिए और उन्हें हो रही दिक्कतों की गहन जाँच होनी चाहिए। गौरतलब है कि तमिलनाडु में बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से प्रवासी मजदूर काम करते हैं और उनकी सुरक्षा व अधिकारों का सवाल लंबे समय से चर्चा में है।
अन्य मुद्दों पर भी बोलीं तमिलिसाई
इसी बातचीत में तमिलिसाई सुंदरराजन ने अमेरिका-ईरान समझौते पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जब युद्ध खत्म होता है तो हम सभी खुश होते हैं और मानवीय सोच रखने वाले हर व्यक्ति को यही महसूस होना चाहिए। उनके अनुसार, 'युद्ध हमेशा मानवता और इंसानों के खिलाफ होते हैं।'
एक चिकित्सक के रूप में अपने अनुभव का हवाला देते हुए उन्होंने 'मेड इन इंडिया' पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले अल्ट्रासाउंड मशीनों के फ्यूज और स्पेयर पार्ट्स भी विदेश से मँगाने पड़ते थे, जबकि अब अल्ट्रासाउंड मशीनें, रक्षा उपकरण, स्पेसक्राफ्ट और हवाई जहाज — सब भारत में ही निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने मेडिकल इक्विपमेंट कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन का भी उल्लेख किया।
आगे क्या होगा
इस मामले में अधिकारियों के अनुसार जाँच जारी है। बाल सुरक्षा कानूनों के तहत POCSO अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई अपेक्षित है। राजनीतिक दलों और नागरिक समाज की बढ़ती माँग के बीच यह देखना होगा कि तमिलनाडु सरकार इस मामले में कितनी त्वरित न्यायिक कार्रवाई सुनिश्चित करती है।