तमिलनाडु: तीन साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न, इलाज के दौरान मौत; आरोपी बिपिन मांझी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के गुम्मिडीपोंडी स्थित पुडुपेट्टई गाँव में एक तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना के बाद सोमवार को चेन्नई के अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में बिहार के रहने वाले 19 वर्षीय प्रवासी मजदूर बिपिन मांझी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, रविवार शाम बच्ची अचानक लापता हो गई, जिसके बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। कई घंटों की खोजबीन के बाद बच्ची झाड़ियों में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली — उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और काफी रक्तस्राव हो रहा था।
बच्ची को तत्काल गुम्मिडीपोंडी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे चेन्नई के स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, आरोपी बिपिन मांझी बच्ची के परिवार के घर के पास ही रहता था और उसी स्टील फैक्ट्री में कार्यरत था जहाँ बच्ची के माता-पिता काम करते हैं। स्थानीय लोगों और प्रवासी मजदूरों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक जाँच में केवल बिपिन मांझी की ही संलिप्तता सामने आई है। स्थानीय स्तर पर कई लोगों के शामिल होने की अटकलों को पुलिस ने फिलहाल खारिज कर दिया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
प्रवासी मजदूरों का केंद्र है यह इलाका
यह घटना सिपकोट औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थित पुडुपेट्टई गाँव की है, जहाँ करीब 300 निजी फैक्ट्रियाँ हैं। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और ओडिशा से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर यहाँ काम करते हैं। मृत बच्ची के माता-पिता भी बिहार से आए प्रवासी मजदूर हैं। यह ऐसे समय में आया है जब प्रवासी श्रमिक बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने राज्य में बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की उप महासचिव और सांसद कनिमोझी ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार से महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की माँग की।
आगे क्या होगा
आरोपी बिपिन मांझी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस मामले की आगे की जाँच जारी रखे हुए है। गौरतलब है कि पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में विशेष अदालतों में सुनवाई का प्रावधान है, जो तेज़ सुनवाई सुनिश्चित करती है। इस मामले में न्याय की माँग को लेकर स्थानीय स्तर पर तनाव बना हुआ है।