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भुवनेश्वर: नौकरी धोखाधड़ी के बहाने 23 वर्षीय महिला से यौन उत्पीड़न, आरोपी हिमांशु सामल गिरफ्तार

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भुवनेश्वर: नौकरी धोखाधड़ी के बहाने 23 वर्षीय महिला से यौन उत्पीड़न, आरोपी हिमांशु सामल गिरफ्तार

सारांश

भुवनेश्वर में नौकरी धोखाधड़ी के जाल में फँसी एक 23 वर्षीय महिला को पुलिस अधिकारी बनकर बुलाया गया, होटल में ले जाया गया और कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। आरोपी हिमांशु सामल उर्फ जीतू को पुलिस ने 8 जून को गिरफ्तार किया।

मुख्य बातें

हिमांशु सामल उर्फ जीतू (36 वर्ष, जाजपुर) को 8 जून को भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार किया।
आरोपी ने धौली पुलिस स्टेशन के अधिकारी का रूप धारण कर 23 वर्षीय पीड़िता को 6 जून को बुलाया।
पीड़िता की माँ के खाते में धोखाधड़ी से अर्जित करीब ₹2 लाख जमा किए गए थे, जिससे पुलिस जांच का डर पैदा किया गया।
आरोपी ने कथित तौर पर पुरी जिले के पिपिली क्षेत्र के एक होटल में पीड़िता का यौन उत्पीड़न किया और वीडियो-तस्वीरें रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल किया।
पीड़िता ने 7 जून को धौली थाने में शिकायत दर्ज कराई; अगले दिन आरोपी गिरफ्तार।

भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने सोमवार, 8 जून को जाजपुर जिले के बडाचाना थाना क्षेत्र निवासी हिमांशु सामल उर्फ जीतू (36 वर्ष) को गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि उसने एक 23 वर्षीय महिला को नौकरी धोखाधड़ी से जुड़ी पुलिस जांच में मदद का झांसा देकर बहला-फुसलाया और फिर कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया तथा उसे ब्लैकमेल किया। भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जगमोहन मीना ने मीडिया को यह जानकारी दी।

मामले की पृष्ठभूमि

पीड़िता की माँ भुवनेश्वर के भरतपुर क्षेत्र में घरेलू कामगार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कथित तौर पर एक अज्ञात धोखेबाज को अपनी बेटी को नौकरी दिलाने के एवज में ₹30,000 दिए थे, परंतु उस व्यक्ति ने वादा पूरा नहीं किया। डीसीपी मीना के अनुसार, ऐसे जालसाज प्रायः पीड़ितों के बैंक खातों का दुरुपयोग करते हैं — इस मामले में भी धोखाधड़ी से अर्जित करीब ₹2 लाख पीड़िता के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए गए।

इस अप्रत्याशित ट्रांसफर के बाद पुलिस कार्रवाई की आशंका से घबराई पीड़िता और उसकी माँ ने आरोपी जीतू से संपर्क किया, जिसने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह स्थिति संभाल लेगा।

मुख्य घटनाक्रम

डीसीपी मीना के अनुसार, आरोपी ने धौली पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी का रूप धारण किया — अपनी प्रोफाइल तस्वीर में पुलिसकर्मी की फोटो लगाई — और 5 जून को एक अलग नंबर से पीड़िता को फोन किया। उसने दावा किया कि धौली थाने में उनके खिलाफ नौकरी धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज हुई है और उसे वहाँ आने को कहा।

पीड़िता 6 जून को उसके निर्देश पर धौली पहुँची। आरोपी उसे पुलिस स्टेशन ले जाने के बजाय पुरी जिले के पिपिली पुलिस स्टेशन क्षेत्र स्थित एक होटल में ले गया। वहाँ उसने पुलिस अधिकारियों से मिलने का बहाना बनाकर बाहर चला गया और देर रात लौटा। कथित तौर पर उसने पीड़िता को रात भर रुकने के लिए मजबूर किया, उसकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए तथा उसकी इच्छा के विरुद्ध उसका यौन उत्पीड़न किया।

ब्लैकमेल और शिकायत

अगली सुबह आरोपी ने पीड़िता को उसके हॉस्टल के पास छोड़ा और कथित तौर पर उसे धमकाया तथा ब्लैकमेल किया। हॉस्टल पहुँचने पर पीड़िता ने अपनी माँ को पूरी घटना बताई। दोनों ने 7 जून को धौली पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की कार्रवाई

शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल कदम उठाए और सोमवार सुबह फरार आरोपी हिमांशु सामल उर्फ जीतू को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी जगमोहन मीना ने बताया कि यह मामला उस बड़े जालसाजी नेटवर्क की ओर भी इशारा करता है जो नौकरी के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठता है और फिर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग करता है। आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर उसी भरोसे का हथियार बनाकर उत्पीड़न। ओडिशा में नौकरी-धोखाधड़ी की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन ऐसे मामलों में 'मनी म्यूल' के रूप में पीड़ितों के खातों के दुरुपयोग की प्रवृत्ति पर अभी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। जांच एजेंसियों को मूल धोखेबाज की पहचान तक पहुँचना होगा — जिसने ₹30,000 लिए और ₹2 लाख ट्रांसफर किए — वरना यह गिरफ्तारी नेटवर्क की एक कड़ी तोड़ने तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर नौकरी धोखाधड़ी यौन उत्पीड़न मामले में क्या हुआ?
भुवनेश्वर में एक 36 वर्षीय व्यक्ति हिमांशु सामल उर्फ जीतू ने नौकरी धोखाधड़ी मामले में पुलिस से बचाने का झांसा देकर 23 वर्षीय महिला को बुलाया और कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया तथा ब्लैकमेल किया। पुलिस ने 8 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी हिमांशु सामल ने पीड़िता को कैसे फँसाया?
आरोपी ने धौली पुलिस स्टेशन के अधिकारी का रूप धारण कर 5 जून को पीड़िता को फोन किया और उसके खिलाफ शिकायत का डर दिखाया। 6 जून को उसे पुलिस स्टेशन के बजाय पुरी जिले के पिपिली स्थित एक होटल में ले जाया गया, जहाँ कथित उत्पीड़न हुआ।
पीड़िता के बैंक खाते में ₹2 लाख कैसे आए?
डीसीपी जगमोहन मीना के अनुसार, मूल जालसाज ने अन्य लोगों से धोखाधड़ी से अर्जित करीब ₹2 लाख पीड़िता के बैंक खाते में ट्रांसफर किए थे। यह एक सामान्य तरीका है जिसमें पीड़ितों के खातों को 'मनी म्यूल' के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
पीड़िता ने शिकायत कब और कहाँ दर्ज कराई?
पीड़िता और उसकी माँ ने 7 जून को धौली पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अगले ही दिन, 8 जून सोमवार की सुबह, आरोपी को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया।
क्या मूल नौकरी धोखेबाज को भी गिरफ्तार किया गया है?
अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिस अज्ञात व्यक्ति ने पीड़िता की माँ से ₹30,000 लिए और बेटी को नौकरी दिलाने का वादा किया था, उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है। पुलिस ने बताया है कि आगे की जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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