भुवनेश्वर में फर्जी एनआईए अधिकारी गिरफ्तार: झूठी एफआईआर बनवाई, महिला का शोषण किया
सारांश
मुख्य बातें
भुवनेश्वर की कमिश्नरेट पुलिस ने शुक्रवार, 22 मई को एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का वरिष्ठ अधिकारी बनकर एक आपराधिक मामले की जांच को प्रभावित कर रहा था और एक महिला से झूठी शिकायत दर्ज कराने में अहम भूमिका निभा चुका था। आरोपी के पास से फर्जी एनआईए पहचान पत्र, एनआईए लोगो वाली टी-शर्ट और हथियार बरामद किए गए हैं।
कौन है आरोपी
आरोपी की पहचान आशीष रेड्डी (45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो दिल्ली के लाजपत नगर का निवासी है। पुलिस के अनुसार, रेड्डी खुद को एनआईए का वरिष्ठ अधिकारी बताकर खारवेल नगर थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। जब पुलिस ने एनआईए से सत्यापन किया, तो पुष्टि हुई कि रेड्डी एजेंसी से किसी भी रूप में संबद्ध नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
पीड़िता ने पहले शिकायत दर्ज कराई थी कि अप्रैल में पुरी-कोणार्क रोड के पास एक वाहन में अज्ञात लोगों ने उसका यौन उत्पीड़न किया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पीड़िता की जान-पहचान का आरोपी रेड्डी फर्जी पहचान के आधार पर जांच अधिकारियों पर दबाव बना रहा था और शिकायत तैयार कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।
आगे की पूछताछ में पीड़िता ने स्वयं स्वीकार किया कि अपहरण और यौन उत्पीड़न के आरोप झूठे थे। उसने पुलिस को बताया कि यह शिकायत एक व्यक्तिगत विवाद के बाद आरोपी के प्रभाव में आकर लिखी गई थी।
शोषण और फर्जी एफआईआर का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया कि रेड्डी ने महिला से मदद करने के बहाने संपर्क बनाया और बाद में कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया। आरोपी ने एक झूठी एफआईआर भी तैयार की, जिसे पहले इंफोसिटी थाने में जमा किया गया था और बाद में खारवेल नगर थाने को स्थानांतरित किया गया।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी एनआईए पहचान पत्र, एनआईए लोगो वाली टी-शर्ट, एक वाहन, मोबाइल फोन और हथियार सहित अन्य सामान बरामद किया है। रेड्डी पर भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आगे की जांच
पुलिस ने बताया कि आरोपी के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों में संभावित संलिप्तता की जांच अभी जारी है। यह मामला उस व्यापक समस्या की ओर ध्यान दिलाता है, जहाँ फर्जी सरकारी पहचान का इस्तेमाल कर आपराधिक षड्यंत्र रचे जाते हैं। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।