7 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भुवनेश्वर में फर्जी एनआईए अधिकारी गिरफ्तार: झूठी एफआईआर बनवाई, महिला का शोषण किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भुवनेश्वर में फर्जी एनआईए अधिकारी गिरफ्तार: झूठी एफआईआर बनवाई, महिला का शोषण किया

सारांश

भुवनेश्वर में एनआईए अधिकारी का फर्जी पहचान पत्र लेकर घूम रहे दिल्ली के आशीष रेड्डी को पुलिस ने दबोचा। उसने न केवल जांच प्रभावित करने की कोशिश की, बल्कि एक महिला से झूठी एफआईआर भी बनवाई और उसका शोषण किया। फर्जी पहचान पत्र, एनआईए टी-शर्ट और हथियार बरामद।

मुख्य बातें

आशीष रेड्डी ( 45 वर्ष , लाजपत नगर, दिल्ली ) को 22 मई को भुवनेश्वर में गिरफ्तार किया गया।
आरोपी खुद को एनआईए का वरिष्ठ अधिकारी बताकर खारवेल नगर थाना क्षेत्र के मामले की जांच प्रभावित कर रहा था।
एनआईए से सत्यापन में पुष्टि हुई कि रेड्डी एजेंसी से किसी भी रूप में संबद्ध नहीं है।
पीड़िता ने स्वीकार किया कि अपहरण और यौन उत्पीड़न के आरोप झूठे थे और व्यक्तिगत विवाद में आरोपी के प्रभाव में आकर दर्ज कराए गए थे।
पुलिस ने फर्जी एनआईए पहचान पत्र , एनआईए लोगो वाली टी-शर्ट , वाहन , मोबाइल फोन और हथियार बरामद किए।
आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज; पिछले रिकॉर्ड की जांच जारी।

भुवनेश्वर की कमिश्नरेट पुलिस ने शुक्रवार, 22 मई को एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का वरिष्ठ अधिकारी बनकर एक आपराधिक मामले की जांच को प्रभावित कर रहा था और एक महिला से झूठी शिकायत दर्ज कराने में अहम भूमिका निभा चुका था। आरोपी के पास से फर्जी एनआईए पहचान पत्र, एनआईए लोगो वाली टी-शर्ट और हथियार बरामद किए गए हैं।

कौन है आरोपी

आरोपी की पहचान आशीष रेड्डी (45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो दिल्ली के लाजपत नगर का निवासी है। पुलिस के अनुसार, रेड्डी खुद को एनआईए का वरिष्ठ अधिकारी बताकर खारवेल नगर थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। जब पुलिस ने एनआईए से सत्यापन किया, तो पुष्टि हुई कि रेड्डी एजेंसी से किसी भी रूप में संबद्ध नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

पीड़िता ने पहले शिकायत दर्ज कराई थी कि अप्रैल में पुरी-कोणार्क रोड के पास एक वाहन में अज्ञात लोगों ने उसका यौन उत्पीड़न किया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पीड़िता की जान-पहचान का आरोपी रेड्डी फर्जी पहचान के आधार पर जांच अधिकारियों पर दबाव बना रहा था और शिकायत तैयार कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।

आगे की पूछताछ में पीड़िता ने स्वयं स्वीकार किया कि अपहरण और यौन उत्पीड़न के आरोप झूठे थे। उसने पुलिस को बताया कि यह शिकायत एक व्यक्तिगत विवाद के बाद आरोपी के प्रभाव में आकर लिखी गई थी।

शोषण और फर्जी एफआईआर का खुलासा

जांच में यह भी सामने आया कि रेड्डी ने महिला से मदद करने के बहाने संपर्क बनाया और बाद में कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया। आरोपी ने एक झूठी एफआईआर भी तैयार की, जिसे पहले इंफोसिटी थाने में जमा किया गया था और बाद में खारवेल नगर थाने को स्थानांतरित किया गया।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी एनआईए पहचान पत्र, एनआईए लोगो वाली टी-शर्ट, एक वाहन, मोबाइल फोन और हथियार सहित अन्य सामान बरामद किया है। रेड्डी पर भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आगे की जांच

पुलिस ने बताया कि आरोपी के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों में संभावित संलिप्तता की जांच अभी जारी है। यह मामला उस व्यापक समस्या की ओर ध्यान दिलाता है, जहाँ फर्जी सरकारी पहचान का इस्तेमाल कर आपराधिक षड्यंत्र रचे जाते हैं। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर में गिरफ्तार फर्जी एनआईए अधिकारी कौन है?
गिरफ्तार आरोपी का नाम आशीष रेड्डी है, जो 45 वर्षीय है और दिल्ली के लाजपत नगर का रहने वाला है। वह फर्जी एनआईए पहचान पत्र के जरिए खुद को एजेंसी का वरिष्ठ अधिकारी बताकर भुवनेश्वर में एक आपराधिक मामले की जांच प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
आरोपी पर क्या-क्या आरोप हैं?
आरोपी पर फर्जी सरकारी पहचान का उपयोग कर जांच प्रभावित करने, एक महिला से झूठी एफआईआर बनवाने और उसका यौन शोषण करने के आरोप हैं। उस पर भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस को आरोपी के फर्जी होने का कैसे पता चला?
जांच के दौरान पुलिस ने एनआईए से सत्यापन किया, जिसमें पुष्टि हुई कि आशीष रेड्डी एजेंसी से किसी भी रूप में संबद्ध नहीं है। इसके बाद आरोपी के पास से फर्जी पहचान पत्र और एनआईए लोगो वाली टी-शर्ट भी बरामद की गई।
पीड़िता की शिकायत झूठी कैसे साबित हुई?
आगे की जांच में पीड़िता ने स्वयं स्वीकार किया कि पुरी-कोणार्क रोड पर अपहरण और यौन उत्पीड़न के आरोप झूठे थे। उसने बताया कि यह शिकायत एक व्यक्तिगत विवाद के बाद आरोपी रेड्डी के प्रभाव में आकर दर्ज कराई गई थी।
आरोपी के खिलाफ जांच आगे कहाँ तक पहुँची है?
पुलिस ने आरोपी के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों में संभावित संलिप्तता की जांच शुरू कर दी है। बरामद मोबाइल फोन, वाहन और हथियारों की फोरेंसिक जांच भी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले