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उत्तर बंगाल में भारी बारिश का रेड अलर्ट, दार्जिलिंग-कलिम्पोंग में भूस्खलन और तीस्ता-तोर्सा के उफनने का खतरा

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उत्तर बंगाल में भारी बारिश का रेड अलर्ट, दार्जिलिंग-कलिम्पोंग में भूस्खलन और तीस्ता-तोर्सा के उफनने का खतरा

सारांश

उत्तर बंगाल में बुधवार को रेड अलर्ट — दार्जिलिंग और कलिम्पोंग की पहाड़ियों में भूस्खलन और तीस्ता-तोर्सा के उफनने का खतरा सबसे गंभीर। दक्षिण बंगाल में डिप्रेशन हटने से राहत, लेकिन वीकेंड तक आंधी-तूफान जारी रहेगा।

मुख्य बातें

IMD ने 8 जुलाई को उत्तर बंगाल के पाँच पहाड़ी जिलों — दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी — के लिए रेड अलर्ट जारी किया।
7 जुलाई को इन्हीं जिलों में ऑरेंज अलर्ट और शेष उत्तर बंगाल में येलो अलर्ट प्रभावी है।
तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायदक नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर जा सकती हैं; निचले इलाकों में बाढ़ और फसल नुकसान की आशंका।
दक्षिण बंगाल में डिप्रेशन हटने से भारी बारिश की संभावना कम; मंगलवार-बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट।
कोलकाता में गुरुवार से फिर बारिश; शनिवार-रविवार को आंधी-तूफान का येलो अलर्ट।
सोमवार को अधिकतम तापमान 29°C , पिछले 24 घंटे में 3.7 मिमी वर्षा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 जुलाई 2026 को उत्तर बंगाल के पहाड़ी और तराई जिलों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार इससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और तीस्ता, तोर्सा, जलढाका तथा रायदक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने का जोखिम है।

अलर्ट की स्थिति और प्रभावित जिले

मौसम विभाग ने मंगलवार, 7 जुलाई को दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तर बंगाल के शेष जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी है। बुधवार, 8 जुलाई को स्थिति और गंभीर होने की आशंका है — पाँचों पहाड़ी जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जो अत्यधिक भारी वर्षा का संकेत है। उत्तर दिनाजपुर जिले में भी भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

भूस्खलन और बाढ़ का खतरा

मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार दार्जिलिंग और कलिम्पोंग की पहाड़ियों में मिट्टी खिसकने यानी भूस्खलन की आशंका सबसे अधिक है। लगातार भारी वर्षा से तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायदक नदियाँ उफान पर आ सकती हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ और खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून पहले ही उत्तर बंगाल में सक्रिय है और पहाड़ी ढलानें पहले से संतृप्त हैं।

दक्षिण बंगाल में राहत, लेकिन सतर्कता बरकरार

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बंगाल के ऊपर से कम दबाव का क्षेत्र (डिप्रेशन) हट रहा है, जिससे वहाँ भारी बारिश की संभावना कम हो गई है। मंगलवार और बुधवार को दक्षिण बंगाल के जिलों में आसमान में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश व आंधी-तूफान के लिए येलो अलर्ट जारी है। गुरुवार से कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल में फिर से आंधी-तूफान की संभावना बताई जा रही है।

कोलकाता का मौसम पूर्वानुमान

शुक्रवार को उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों में भारी बारिश हो सकती है। शनिवार और रविवार को दक्षिण बंगाल के जिलों में आंधी-तूफान के लिए येलो अलर्ट जारी है। कोलकाता में सोमवार को न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिछले 24 घंटों में 3.7 मिलीमीटर वर्षा हुई।

आगे क्या

गौरतलब है कि उत्तर बंगाल के पहाड़ी जिले हर वर्ष मानसून में भूस्खलन और नदी-उफान से प्रभावित होते हैं। रेड अलर्ट के मद्देनज़र प्रशासन से आग्रह किया गया है कि संवेदनशील इलाकों में निवासियों को सतर्क किया जाए और राहत तंत्र को तैयार रखा जाए। आने वाले 48 से 72 घंटे उत्तर बंगाल के लिए निर्णायक रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

भूस्खलन होते हैं, और राहत कार्य देरी से पहुँचता है। रेड अलर्ट एक तकनीकी चेतावनी है, लेकिन असली सवाल यह है कि दार्जिलिंग और कलिम्पोंग की संवेदनशील बस्तियों तक यह जानकारी समय पर पहुँचती है या नहीं। तीस्ता और तोर्सा का बार-बार उफनना दर्शाता है कि नदी-प्रबंधन और तटबंध रखरखाव में दीर्घकालिक निवेश अभी भी अपर्याप्त है। जब तक पूर्व-चेतावनी को ज़मीनी निकासी योजना से नहीं जोड़ा जाता, अलर्ट की संख्या बढ़ाने से जान-माल की सुरक्षा नहीं होगी।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर बंगाल में रेड अलर्ट किन जिलों के लिए जारी किया गया है?
IMD ने 8 जुलाई को दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जो अत्यधिक भारी वर्षा का संकेत है। 7 जुलाई को इन्हीं जिलों में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी था।
उत्तर बंगाल में भूस्खलन का खतरा क्यों है?
दार्जिलिंग और कलिम्पोंग की पहाड़ी ढलानें मानसून में पहले से संतृप्त रहती हैं और अत्यधिक वर्षा से मिट्टी खिसकने का जोखिम बढ़ जाता है। IMD ने विशेष रूप से इन पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी दी है।
कौन-सी नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर जा सकती हैं?
मौसम विभाग के अनुसार तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायदक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जा सकता है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ और खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका है।
दक्षिण बंगाल और कोलकाता में मौसम कैसा रहेगा?
दक्षिण बंगाल में डिप्रेशन हटने से भारी बारिश की संभावना कम हो गई है; मंगलवार-बुधवार को हल्की-मध्यम बारिश का येलो अलर्ट है। कोलकाता में गुरुवार से फिर बारिश और वीकेंड पर आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी है।
क्या दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना में भी भारी बारिश होगी?
हाँ, IMD के अनुसार शुक्रवार को उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए शनिवार-रविवार को आंधी-तूफान का येलो अलर्ट भी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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