28 जून 2026
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उत्तर बंगाल में भारी बारिश का कहर: दार्जिलिंग-कूचबिहार समेत 5 जिलों में रेड अलर्ट, पर्यटक फंसे

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उत्तर बंगाल में भारी बारिश का कहर: दार्जिलिंग-कूचबिहार समेत 5 जिलों में रेड अलर्ट, पर्यटक फंसे

सारांश

उत्तर बंगाल में मानसून का कहर — मिरिक में भूस्खलन, अलीपुरद्वार में जलभराव, तोर्सा नदी उफान पर। मौसम विभाग ने 5 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है और 200 मिमी बारिश की चेतावनी दी है। दार्जिलिंग-कालिम्पोंग के हिल स्टेशनों पर बड़ी संख्या में पर्यटक फंसे हैं।

मुख्य बातें

मौसम विभाग ने दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में रेड अलर्ट जारी किया; 200 मिमी तक बारिश का अनुमान।
मिरिक में रविवार सुबह भूस्खलन हुआ; मलबा हटाने का काम तुरंत शुरू किया गया।
अलीपुरद्वार के वार्ड नंबर 1, 4, 5, 8 और 9 जलमग्न; दीमा और कालजानी नदियों के उफान से स्लुइस गेट बंद।
कूचबिहार में तोर्सा नदी का जलस्तर बढ़ा; मधुपुर क्षेत्र बाढ़ प्रभावित।
BDO कार्यालयों में राहत सामग्री संग्रहीत; सिविल डिफेंस हाई अलर्ट पर।
उत्तर दिनाजपुर में ऑरेंज अलर्ट; दक्षिण दिनाजपुर और मालदा में गरज-चमक की चेतावनी।

उत्तर बंगाल के पहाड़ी और मैदानी जिलों में 28 जून 2025 को लगातार भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में मौसम विभाग ने 200 मिलीमीटर तक बारिश का अनुमान जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। भूस्खलन के कारण पहाड़ी क्षेत्रों का मैदानी इलाकों से सड़क संपर्क कट गया है और बड़ी संख्या में पर्यटक हिल स्टेशनों पर फंसे हुए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद रविवार सुबह मिरिक में भूस्खलन हुआ, जिसके बाद मलबा हटाने का कार्य तत्काल शुरू किया गया। अलीपुरद्वार जिले के फालाकाटा रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। शहर के वार्ड नंबर 1, 4, 5, 8 और 9 समेत कई क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति है। दीमा और कालजानी नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण स्लुइस गेट बंद कर दिए गए हैं, जिससे शहर का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा।

कूचबिहार में बाढ़ जैसे हालात

कूचबिहार जिले में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक बनी हुई है। तोर्सा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कूचबिहार ब्लॉक-2 के अंतर्गत मधुपुर क्षेत्र बाढ़ प्रभावित इलाके में तब्दील हो गया है। कूचबिहार उत्तर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सुकुमार रॉय ने रविवार को प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।

पर्यटकों पर असर

लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और मिरिक के हिल स्टेशनों पर बड़ी संख्या में पर्यटक फंसे हुए हैं। उन्हें वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ रहा है और सड़कें साफ होने तक होटलों में रुकने के लिए विवश होना पड़ रहा है। खराब मौसम के कारण कई इलाकों में होटल बुकिंग रद्द होने की भी खबरें सामने आई हैं।

प्रशासन की तैयारी

जिला प्रशासन मौसम की स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए है। BDO कार्यालयों में राहत सामग्री का भंडारण किया गया है, जबकि सिविल डिफेंस के कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर तैनात किया गया है। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राहत दल तैयार रखे गए हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने सोमवार तक उत्तर बंगाल के पाँच जिलों — दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार — में रेड अलर्ट जारी रखा है। उत्तर दिनाजपुर में ऑरेंज अलर्ट और दक्षिण दिनाजपुर तथा मालदा में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। शेष जिलों में येलो अलर्ट लागू है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की सक्रियता पूरे पूर्वोत्तर भारत में असामान्य रूप से तेज बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भूस्खलन, जलभराव और फंसे हुए पर्यटक। सवाल यह है कि पहाड़ी सड़कों के स्थायी सुदृढ़ीकरण और नदियों के तटबंध निर्माण पर वर्षों से चली आ रही घोषणाएँ ज़मीन पर क्यों नहीं उतरतीं। अलीपुरद्वार के स्लुइस गेट का बंद होना और शहरी जलभराव बुनियादी ड्रेनेज नियोजन की विफलता को उजागर करता है। जब तक आपदा-प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर आपदा-रोकथाम को प्राथमिकता नहीं दी जाती, यह चक्र हर साल जारी रहेगा।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर बंगाल में रेड अलर्ट किन जिलों में जारी है?
मौसम विभाग ने दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में सोमवार तक रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 200 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है।
मिरिक में भूस्खलन कब और कैसे हुआ?
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, रातभर हुई लगातार बारिश के बाद रविवार सुबह मिरिक में भूस्खलन हुआ। इसके तुरंत बाद मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया।
अलीपुरद्वार में जलभराव की स्थिति क्यों बनी?
दीमा और कालजानी नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण स्लुइस गेट बंद कर दिए गए, जिससे शहर का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा। इससे वार्ड नंबर 1, 4, 5, 8 और 9 समेत कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है।
फंसे हुए पर्यटकों के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और मिरिक के हिल स्टेशनों पर फंसे पर्यटकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। सड़कें साफ होने तक उन्हें होटलों में रुकने के लिए कहा गया है।
प्रशासन ने राहत के लिए क्या कदम उठाए हैं?
BDO कार्यालयों में राहत सामग्री का भंडारण किया गया है और सिविल डिफेंस कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर तैनात किया गया है। प्रशासन मौसम की स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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