गोदावरी जल का अधिकतम उपयोग करेगा तेलंगाना, CM रेवंत रेड्डी ने येल्लमपल्ली-देवदुला-सीताराम प्रोजेक्ट से लिफ्ट ऑपरेशन के दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना सरकार ने गोदावरी नदी के जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार, 12 अगस्त को सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को येल्लमपल्ली, देवदुला और सीताराम प्रोजेक्ट से तत्काल लिफ्ट ऑपरेशन शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि गोदावरी में उपलब्ध जल का पूरा लाभ उठाया जा सके। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब कालेश्वरम परियोजना के प्रमुख बैराजों पर संरचनात्मक कमियों की जाँच जारी है।
कालेश्वरम बैराजों में जल संचयन पर रोक
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, राष्ट्रीय बाँध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) की सिफारिशों के तहत फिलहाल सुंडिला, अन्नाराम और मेदिगड्डा बैराज — जो कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के अंग हैं — में जल संचयन नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इन सिफारिशों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मेदिगड्डा और सुंडिला में संरचनात्मक कमियाँ
बैठक में सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि मेदिगड्डा और सुंडिला दोनों बैराजों में तकनीकी कमियाँ पाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर तत्काल NDSA से परामर्श लेने का सुझाव दिया। गौरतलब है कि कालेश्वरम परियोजना की संरचनात्मक स्थिति पहले से ही राज्य की राजनीतिक बहस का केंद्र रही है।
देवदुला में नौ पंपों से ऐतिहासिक लिफ्टिंग
उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया कि देवदुला प्रोजेक्ट में नौ पंपों के ज़रिये जल लिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा है, जिसे एक अभूतपूर्व उपलब्धि बताया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को देवदुला और सीताराम प्रोजेक्ट की लिफ्ट सिंचाई प्रक्रिया में आ रही छोटी-मोटी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का आदेश दिया।
किसान मुआवजा और पुनर्वास पर जोर
बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के लिए अधिगृहीत भूमि के किसानों को लंबित मुआवजे के भुगतान की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया, जिससे प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा सुनिश्चित किया जा सके। सिंचाई और राजस्व अधिकारियों को आदेश दिया गया कि वे डूब-प्रभावित गाँवों का दौरा कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जिसमें लंबित मुआवजे और पुनर्वास के मुद्दों का विवरण हो। रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि तत्काल प्रभावित गाँवों को प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा मिलना चाहिए, और इस प्रक्रिया के पूरा होने पर बसवापुर और गौरावल्ली प्रोजेक्ट में जल भराव का मार्ग प्रशस्त होगा।
गट्टू और गुडेमदोड्डी परियोजनाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को गट्टू और गुडेमदोड्डी लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए व्यापक अध्ययन करने का आदेश दिया। साथ ही, गुडेमदोड्डी पंप-स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए एक सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया। यह कदम राज्य की दीर्घकालिक जल प्रबंधन रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।