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सीएम नायडू ने गोदावरी जल के उपयोग हेतु एक्शन प्लान बनाने का दिया निर्देश

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सीएम नायडू ने गोदावरी जल के उपयोग हेतु एक्शन प्लान बनाने का दिया निर्देश

सारांश

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने पोलावरम परियोजना के बाद गोदावरी जल के प्रभावी उपयोग के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने का आदेश दिया है। इस योजना में जल प्रबंधन और सिंचाई में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

मुख्य बातें

पोलावरम परियोजना से जल प्रबंधन में सुधार होगा।
जलाशयों तक पानी की पहुँच बढ़ाई जाएगी।
सिंचाई के लिए गोदावरी जल का प्रभावी उपयोग।
भूजल स्तर में सुधार के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पोलावरम को विकसित किया जाएगा।

अमरावती, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को पोलावरम परियोजना के पूर्ण होने के उपरांत गोदावरी जल के प्रभावी उपयोग हेतु एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है।

बुधवार को जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में, मुख्यमंत्री ने कहा कि दाएं और बाएं मुख्य नहरों के माध्यम से पानी को जलाशयों और तालाबों तक कुशलता से पहुँचाया जाए, ताकि सिंचाई सहित अन्य आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

बैठक के दौरान उन्होंने पोलावरम परियोजना, वेलिगोंडा, हंद्री-नीवा सुजला स्रवंती, पोलावरम-नल्लमाला सागर लिंक, चिंतलापुडी लिफ्ट इरिगेशन योजना, वरिकापुडिसेलु और नॉर्थ आंध्र परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा, भूजल वृद्धि हेतु चल रहे जलधारा और जल हराथी कार्यक्रमों का भी मूल्यांकन किया गया।

मुख्यमंत्री ने नॉर्थ आंध्र की परियोजनाओं थाराकरामा, महेंद्रतनया, थोटापल्ली बैराज, मद्दुलावलासा, जंजावती और हिरामंडलम लिफ्ट योजनाओं में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नदियों को जोड़ने के कार्य के लिए एक समयसीमा भी निर्धारित की, जिसमें वंशधारा-नागावली लिंक को दिसंबर और नागावली-चंपावती लिंक को जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वंशधारा नदी पर श्रीकाकुलम जिले में प्रस्तावित नेरडी बैराज के लिए सभी बाधाएं दूर हो गई हैं और जल्द से जल्द टेंडर जारी करने के लिए कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने पोलावरम परियोजना को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का भी सुझाव दिया। इसके तहत होटल, शॉपिंग क्षेत्रों, सौंदर्यीकरण और पोलावरम से पापिकोंडालु व भद्राचलम तक बोटिंग सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही जल, रॉक, वन और खेल आधारित आकर्षण भी विकसित किए जाएंगे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोदावरी पुष्करम तक इस परियोजना का उद्घाटन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने वेलिगोंडा परियोजना के पहले चरण को जून के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसकी अनुमानित लागत 2,042 करोड़ रुपये है।

अधिकारियों ने बताया कि मल्याला लिफ्ट के माध्यम से श्रीशैलम बैकवाटर के 52 टीएमसी पानी को पहले ही रायलसीमा क्षेत्र में पहुँचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से भूजल की उपलब्धता 1 अप्रैल तक 625 टीएमसी पहुँच गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 टीएमसी अधिक है।

उन्होंने बताया कि राज्य में भूजल स्तर में औसतन 0.79 मीटर का सुधार हुआ है और 5,697 गाँवों में 8 मीटर की गहराई के भीतर भूजल उपलब्ध है।

बैठक में जल संसाधन मंत्री निम्माला रामानायडू, मुख्य सचिव जी साई प्रसाद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह स्थानीय किसानों के लिए भी बेहतर सिंचाई सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री का यह कदम जल संकट के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोदावरी जल का उपयोग कैसे किया जाएगा?
मुख्यमंत्री ने जलाशयों और तालाबों के माध्यम से पानी को पहुँचाने की योजना बनाई है, जिससे सिंचाई और अन्य आवश्यकताएं पूरी की जा सकें।
पोलावरम परियोजना का क्या महत्व है?
पोलावरम परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल संसाधनों का प्रबंधन और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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