पोलावरम परियोजना का हवाई निरीक्षण: CM चंद्रबाबू नायडू ने 13 जुलाई को ECRF डैम और हाइड्रोपावर कार्यों की समीक्षा की
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 13 जुलाई 2026 को एलुरु जिले में स्थित महत्वाकांक्षी पोलावरम सिंचाई परियोजना का हेलीकॉप्टर से हवाई निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरे में जल संसाधन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि भी उनके साथ रहे।
निरीक्षण के प्रमुख बिंदु
मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान स्पिलवे से प्रवाहित हो रहे गोदावरी नदी के बाढ़ के पानी का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम कॉफरडैम के बीच जारी निर्माण गतिविधियों का भी जायजा लिया।
निरीक्षण में विशेष ध्यान अर्थ-कम-रॉक फिल (ECRF) डैम के गैप-1 और गैप-2 में चल रहे कार्यों पर केंद्रित रहा। साथ ही हाइड्रोपावर जनरेशन स्टेशन के निर्माण की स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया।
उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक
हवाई निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जल संसाधन मंत्री निम्मला रामा नायडू, जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, MEIL ग्रुप के प्रोजेक्ट्स डायरेक्टर (हेवी इंजीनियरिंग) सी.एच. सुब्बैया और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना के तकनीकी पहलुओं, निर्माण की समयसीमा और आगे की कार्ययोजना पर विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने परियोजना में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पोलावरम जैसी महत्वपूर्ण परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने निर्माण कार्यों में लगे अधिकारियों, इंजीनियरों और संबद्ध एजेंसियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।
परियोजना का महत्व
पोलावरम परियोजना आंध्र प्रदेश की प्रमुख बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं में से एक है। यह ऐसे समय में विशेष महत्व रखती है जब राज्य कृषि उत्पादकता बढ़ाने और पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए दीर्घकालिक जल प्रबंधन समाधानों की तलाश में है। सरकार के अनुसार, परियोजना के पूर्ण होने पर सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और राज्य के समग्र विकास को गति मिलेगी।
गौरतलब है कि पोलावरम परियोजना वर्षों से निर्माण की विभिन्न चुनौतियों और प्रशासनिक पड़ावों से गुजरती रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इसे प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।