क्या केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने जम्मू-कश्मीर में एनएचपीसी हाइड्रो प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की?
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का दो दिवसीय दौरा
- एनएचपीसी के हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स की समीक्षा
- पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की प्रतिबद्धता
- स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बढ़ाने की आवश्यकता
- स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि का लक्ष्य
जम्मू, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय बिजली, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को जम्मू-कश्मीर की यात्रा की, जहां उन्होंने एनएचपीसी के विभिन्न हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा के लिए दो दिवसीय दौरा आरंभ किया। इस यात्रा में बिजली मंत्रालय के सचिव (बिजली) पंकज अग्रवाल और एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता भी उनके साथ हैं।
दौरे का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में एनएचपीसी द्वारा संचालित हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजनाओं की प्रगति को तेज करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित करना है। पहले दिन मंत्री ने रियासी, रामबन और किश्तवाड़ जिलों में स्थित प्रमुख प्रोजेक्ट्स का दौरा किया।
शुरुआत में, मनोहर लाल ने एनएचपीसी के सलाल पावर प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। यह पावर स्टेशन चिनाब नदी पर स्थित है और इसकी क्षमता महत्वपूर्ण है। मंत्री को प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने विशेष रूप से सलाल जलाशय से गाद (सिल्ट) हटाने के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। यह कार्य सिंधु जल संधि के प्रावधानों के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जलाशय में जमा गाद को हटाकर जल भंडारण क्षमता बढ़ाना और बिजली उत्पादन को अधिकतम करना है।
सलाल पावर स्टेशन परिसर में मंत्री ने एक पौधारोपण अभियान भी चलाया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति केंद्र सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों में बेहतर तालमेल और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसके बाद, मनोहर लाल ने किश्तवाड़ जिले की ओर प्रस्थान किया। रास्ते में उन्होंने 1856 मेगावाट क्षमता वाले सावलकोट हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का हवाई निरीक्षण किया। किश्तवाड़ पहुंचने पर, उन्होंने रैटल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का दौरा किया। यहां उन्होंने बांध के कंक्रीटिंग कार्यों का शिलान्यास किया और प्रोजेक्ट टीम को प्रोत्साहित किया कि कार्यों को प्रभावी, सुरक्षित और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
इन एनएचपीसी प्रोजेक्ट्स से जम्मू-कश्मीर में न केवल स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हाइड्रो पावर को राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ मानती है और इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।
इस दौरे के दूसरे दिन अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की समीक्षा और निरीक्षण जारी रहेगा। इस दौरान पर्यावरण, सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।