क्या दवा और सही आहार के बाद भी हीमोग्लोबिन का स्तर नहीं बढ़ रहा है? जानें सही उपाय!
सारांश
Key Takeaways
- चुकंदर और अनार का सेवन करें।
- काले तिल और गुड़ से बनाएं लड्डू।
- रात में किशमिश भिगोकर सुबह खाएं।
- चाय और कॉफी से परहेज करें।
- अच्छी नींद लें और विटामिन सी का सेवन बढ़ाएं।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या है। यह समस्या बच्चों से लेकर गर्भवती महिलाओं तक में सबसे अधिक पाई जाती है।
रक्त की कमी को दूर करने के लिए चिकित्सक अक्सर आयरन की गोलियाँ लेने की सलाह देते हैं, लेकिन कई बार दवा लेने के बावजूद भी हीमोग्लोबिन का स्तर नहीं बढ़ता है, जिसका मुख्य कारण सेवन का गलत तरीका हो सकता है।
आयुर्वेद में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, लेकिन कुछ आदतें हैं जो आयरन की कमी को बनाए रखती हैं, जैसे कि अत्यधिक चाय या कॉफी का सेवन, पेट से जुड़ी समस्याएँ, गलत आहार के साथ दवा का सेवन, आयरन युक्त आहार से परहेज करना, पूरी नींद न लेना, और तनाव में रहना। ये सभी कारण हीमोग्लोबिन के स्तर को प्रभावित करते हैं और शरीर को कमजोर बनाते हैं।
रोजाना चुकंदर खाना हीमोग्लोबिन में सुधार के लिए लाभकारी होता है। चुकंदर का रस, चुकंदर की रोटियाँ, और सलाद में इसका सेवन फायदेमंद है। इसके अतिरिक्त, अनार का सेवन भी हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है, लेकिन इसे सही तरीके से खाना जरूरी है। बहुत से लोग इसे जूस के रूप में लेते हैं, जबकि अनार को सीधे खाना अधिक प्रभावी होता है।
काले तिल और गुड़ का सेवन भी हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में सहायक होता है। इन दोनों में आयरन की भरपूर मात्रा होती है। इसके लिए तिल और गुड़ के लड्डू बनाए जा सकते हैं। साथ ही, खजूर और किशमिश भी हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में सहायक होते हैं। इनका सेवन सुबह के समय करना चाहिए और इससे पहले रात में भिगोना चाहिए।
इस बीच, क्या नहीं करना चाहिए: हीमोग्लोबिन की कमी के दौरान चाय, कॉफी, और डिब्बाबंद चीजों से परहेज करें। इसके अलावा, अच्छी नींद लेना भी बहुत आवश्यक है। यदि नींद पूरी नहीं होती है, तो शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिलता और शरीर थका हुआ महसूस करता है। ध्यान रखें कि आयरन के अवशोषण के लिए शरीर में विटामिन सी की मात्रा भी अधिक होनी चाहिए, इसलिए आहार में खट्टी चीजें शामिल करें।