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क्या मिर्गी के मरीजों के लिए राहत की नई सुविधा शुरू हुई है?

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क्या मिर्गी के मरीजों के लिए राहत की नई सुविधा शुरू हुई है?

सारांश

एम्स ने मिर्गी के मरीजों के लिए एक नई सेवा शुरू की है, जिससे उन्हें थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह सुविधा पूरी तरह से निशुल्क है और मरीजों को आर्थिक और समय की बचत होगी।

मुख्य बातें

एम्स ने मिर्गी के मरीजों के लिए निशुल्क जांच सेवा शुरू की है।
थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग से दवाओं के स्तर की जांच होगी।
यह सुविधा ओपीडी और भर्ती मरीजों दोनों के लिए उपलब्ध है।
मरीजों को आर्थिक बोझ से मुक्ति मिलेगी।
जांच के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है।

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एम्स में मिर्गी के मरीजों के लिए एक सुखद समाचार सामने आया है। अब इन मरीजों को थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें यह सुविधा पूरी तरह से निशुल्क मिलेगी।

एम्स प्रशासन ने यह निशुल्क सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है ताकि मिर्गी के मरीज अपने दवाओं के स्तर की जांच अस्पताल में ही करा सकें और कोई अतिरिक्त खर्च न उठाना पड़े।

एम्स ने सभी विभागों और केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि मरीजों के ब्लड सैंपल को नामित प्रयोगशालाओं में भेजा जाए। इस प्रक्रिया में मिर्गी में उपयोग की जाने वाली दवाओं जैसे फेनोबार्बिटल, कार्बामाजेपाइन, वैल्प्रोइक एसिड और फिनाइटोइन की जांच की जाएगी।

थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीज को दवा की सही मात्रा मिल रही है या नहीं। यदि खुराक में कोई समस्या होती है, तो डॉक्टर उसे सही कर सकते हैं। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि दवा से कोई विषाक्तता तो नहीं हो रही है। मिर्गी के मरीजों को कई प्रकार की दवाएं दी जाती हैं, और इनमें से कुछ की सही निगरानी आवश्यक होती है।

एम्स ने स्पष्ट किया है कि यह जांच सेवा ओपीडी और अस्पताल में भर्ती मरीजों दोनों के लिए उपलब्ध होगी। दिल्ली में ओपीडी मरीज कलेक्शन सेंटर, रूम नंबर 3 में सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर एक बजे तक जांच करवा सकते हैं। इसके साथ ही, झज्जर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान/एम्स में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी।

इस पहल से मरीजों को पहले की तरह बाहर जाकर जांच करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पूर्व में मिर्गी के मरीजों को विभिन्न दवाओं की थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग के लिए लगभग 390 से लेकर 1880 रुपए तक खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब यह सुविधा एम्स में निशुल्क उपलब्ध होगी, जिससे मरीजों का आर्थिक और समय का बोझ दोनों कम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। निशुल्क सेवाओं की उपलब्धता से मरीजों को समय और धन की बचत होगी, जो एक सकारात्मक बदलाव है। ऐसे कदमों से देश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह सेवा कब से शुरू हुई है?
यह सेवा 6 जनवरी से शुरू हुई है।
क्या यह जांच सभी मिर्गी के मरीजों के लिए उपलब्ध है?
हाँ, यह जांच ओपीडी और अस्पताल में भर्ती सभी मिर्गी के मरीजों के लिए उपलब्ध है।
क्या इस जांच के लिए कोई शुल्क लेना होगा?
नहीं, यह जांच पूरी तरह से निशुल्क है।
इस जांच में कौन सी दवाओं की निगरानी की जाएगी?
इसमें फेनोबार्बिटल, कार्बामाजेपाइन, वैल्प्रोइक एसिड और फिनाइटोइन की जांच की जाएगी।
जांच के लिए मरीजों को कहाँ जाना होगा?
दिल्ली में ओपीडी मरीज कलेक्शन सेंटर, रूम नंबर 3 में जांच करवा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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