क्या विटामिन के की कमी आपके स्वास्थ्य के लिए है गंभीर खतरा?
सारांश
Key Takeaways
- विटामिन के रक्त जमने में मदद करता है।
- यह हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में सहायक होता है।
- दिल की धमनियों की सुरक्षा करता है।
- नवजात शिशुओं के लिए इसकी अत्यधिक आवश्यकता होती है।
- कम मात्रा में इसकी कमी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकती है।
नई दिल्ली, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्वास्थ्य में गिरावट आने पर प्रायः कैल्शियम, आयरन, या विटामिन डी की कमी पर चर्चा होती है। लेकिन एक ऐसा महत्वपूर्ण विटामिन है, जिसकी कमी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकती है। यह विटामिन है विटामिन के। सामान्यतः लोगों को इसके बारे में जानकारी कम होती है। रक्त को आवश्यकता पड़ने पर जमने में सहायता करना, हड्डियों की मजबूती बनाए रखना, और दिल की धमनियों की सुरक्षा करना, ये सभी कार्य विटामिन के से जुड़े हुए हैं। जब शरीर में इसकी मात्रा घटती है, तब समस्याएं धीरे-धीरे उभरने लगती हैं।
विज्ञान की भाषा में, विटामिन के एक फैट-घुलनशील आवश्यक यौगिक है, जो शरीर के भीतर कई प्रोटीन को सक्रिय करता है। ये प्रोटीन रक्त के थक्के बनाने में मददगार होते हैं, ताकि चोट लगने पर अत्यधिक रक्त न बहे। यही कारण है कि विटामिन के की कमी के समय मामूली चोट भी गंभीर हो सकती है। कई व्यक्तियों को बिना किसी स्पष्ट कारण के नाक से रक्तस्राव, मसूड़ों से खून बहना, या शरीर पर आसानी से नीले निशान दिखाई देने लगते हैं। यह संकेत हो सकता है कि शरीर में रक्त जमने की क्षमता कमजोर हो रही है।
विटामिन के का कार्य केवल रक्त तक सीमित नहीं है। यह हड्डियों को भी मजबूती प्रदान करता है। यह ऑस्टियोकैल्सिन नामक प्रोटीन के निर्माण में सहायता करता है, जो कैल्शियम को हड्डियों के साथ जोड़ता है। जब विटामिन के की कमी होती है, तो कैल्शियम हड्डियों में सही तरीके से नहीं जुड़ पाता, जिसके परिणामस्वरूप हड्डियाँ धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
दिल की सेहत से भी विटामिन के का गहरा संबंध है। यह शरीर की धमनियों में कैल्शियम के अनावश्यक जमाव को रोकने में मदद करता है। जब इसका स्तर कम होता है, तो कैल्शियम धमनियों में जमा होने लगता है, जिससे वे कठोर हो जाती हैं। इससे दिल में रक्त पहुंचाने में समस्या होती है और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है। इस प्रकार, विटामिन के दिल की सेहत का भी ध्यान रखता है।
नवजात शिशुओं के लिए विटामिन के और भी अधिक आवश्यक होता है। जन्म के समय बच्चों के शरीर में इसका भंडार बहुत कम होता है और उनकी आंतों में ऐसे बैक्टीरिया भी नहीं होते जो विटामिन के का निर्माण कर सकें। इसी कारण कुछ बच्चों में हेमोरेजिक डिजीज ऑफ द न्यूबॉर्न नामक गंभीर समस्या हो सकती है, जिसमें शरीर के भीतर या मस्तिष्क में रक्तस्राव का खतरा रहता है। यही कारण है कि जन्म के तुरंत बाद डॉक्टर नवजात को विटामिन के का इंजेक्शन देने की सलाह देते हैं ताकि इस जानलेवा स्थिति से बचा जा सके।