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आंध्र प्रदेश सरकार के 2 साल: सीएम चंद्रबाबू नायडू ने 10 विषयों पर 'प्रोग्रेस रिपोर्ट 2024-26' जारी करने के दिए आदेश

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आंध्र प्रदेश सरकार के 2 साल: सीएम चंद्रबाबू नायडू ने 10 विषयों पर 'प्रोग्रेस रिपोर्ट 2024-26' जारी करने के दिए आदेश

सारांश

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दो साल की सरकार का हिसाब जनता को देने की तैयारी कर ली है — 10 विषयों पर 'प्रोग्रेस रिपोर्ट 2024-26' के ज़रिए। पहली रिपोर्ट बिजली क्षेत्र पर सोमवार को आएगी, और 18 जुलाई तक सभी रिपोर्ट सार्वजनिक होंगी।

मुख्य बातें

चंद्रबाबू नायडू ने 21 जून को 'प्रोग्रेस रिपोर्ट 2024-26' जारी करने के निर्देश दिए।
कुल 10 विषयों पर रिपोर्ट तैयार — 7 श्वेत पत्रों पर आधारित एक्शन टेकन रिपोर्ट और 3 नए विषय (विकास, सुशासन, कल्याण)।
मुख्यमंत्री स्वयं 4 रिपोर्ट (वित्त, विकास, कल्याण, सुशासन) जारी करेंगे; शेष 6 संबंधित मंत्री पेश करेंगे।
पहली रिपोर्ट बिजली क्षेत्र पर 22 जून को सार्वजनिक होगी।
सभी रिपोर्ट 18 जुलाई तक जारी करने की समयसीमा; भविष्य में हर वर्ष रिपोर्ट जारी करना अनिवार्य किया जाएगा।
बैठक में मुख्य सचिव साई प्रसाद और डीजीपी हरिश कुमार गुप्ता भी शामिल हुए।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर 'प्रोग्रेस रिपोर्ट 2024-26' जारी करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें विकास, कल्याण और प्रशासनिक सुधारों का विस्तृत ब्यौरा शामिल होगा। अमरावती स्थित कैंप कार्यालय में रविवार, 21 जून को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए गए। सभी 10 रिपोर्ट को 18 जुलाई तक सार्वजनिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

रिपोर्ट की संरचना और विषय

मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि कुल 10 विषयों पर प्रगति रिपोर्ट तैयार की गई हैं। इनमें वित्तीय स्थिति, पोलावरम परियोजना, अमरावती राजधानी, बिजली, कानून-व्यवस्था, खनन और आबकारी — ये सात विषय 2024 में सरकार गठन के बाद जारी किए गए सात श्वेत पत्रों पर आधारित एक्शन टेकन रिपोर्ट के रूप में काम करेंगे। इन श्वेत पत्रों में पिछली सरकार के कार्यकाल में कथित तौर पर हुई अव्यवस्थाओं और चुनौतियों का उल्लेख किया गया था।

इसके अतिरिक्त विकास, सुशासन और कल्याण — तीन नए विषयों पर भी रिपोर्ट तैयार की गई हैं, जो पिछले दो वर्षों में हुए सकारात्मक बदलावों को रेखांकित करेंगी।

तीन प्रमुख रिपोर्टों का दायरा

विकास प्रगति रिपोर्ट में कृषि, उद्योग, बुनियादी ढाँचे और पर्यटन क्षेत्र में हुए कार्यों का विवरण होगा। सुशासन प्रगति रिपोर्ट में नई नीतियों, प्रशासनिक सुधारों और शासन व्यवस्था में किए गए बदलावों को शामिल किया जाएगा।

कल्याण एवं सशक्तिकरण प्रगति रिपोर्ट में पी-4 कार्यक्रम समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सशक्तिकरण कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन रिपोर्टों का उद्देश्य केवल सरकारी कार्यों का विवरण देना नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर भ्रामक और फर्जी सूचनाओं का जवाब देना भी है।

रिपोर्ट जारी करने की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू स्वयं वित्त, विकास, कल्याण और सुशासन से जुड़ी चार प्रमुख रिपोर्ट जनता के सामने रखेंगे। शेष छह रिपोर्ट संबंधित विभागों के मंत्री सार्वजनिक करेंगे।

पहली रिपोर्ट बिजली क्षेत्र से संबंधित होगी, जिसे सोमवार, 22 जून को सार्वजनिक किए जाने की योजना है। नायडू ने यह भी निर्देश दिया कि सभी रिपोर्टों को बाद में पुस्तक रूप में संकलित कर प्रकाशित किया जाए और भविष्य में हर वर्ष प्रगति रिपोर्ट जारी करना अनिवार्य प्रक्रिया बनाई जाए।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

समीक्षा बैठक में कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। पुलिस महानिदेशक हरिश कुमार गुप्ता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े, जबकि मुख्य सचिव साई प्रसाद समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे।

आगे क्या होगा

यह पहल आंध्र प्रदेश में शासन की पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 18 जुलाई 2025 की समयसीमा के साथ, सरकार की कोशिश है कि जनता को दो वर्षों की उपलब्धियों का व्यापक और तथ्य-आधारित लेखा-जोखा मिले, जो भविष्य की नीतिगत जवाबदेही की नींव रखे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये रिपोर्ट स्वतंत्र रूप से सत्यापन-योग्य आँकड़े पेश करती हैं या केवल सरकारी कथा को पुष्ट करती हैं। गौरतलब है कि श्वेत पत्र भी पिछली सरकार की आलोचना के लिए जारी किए गए थे — अब उन्हीं पर आधारित एक्शन टेकन रिपोर्ट एक राजनीतिक चक्र को पूरा करती दिखती है। आंध्र प्रदेश में विपक्ष और नागरिक समाज की भूमिका होगी कि वे इन रिपोर्टों में दावों की स्वतंत्र जाँच करें, विशेषकर पोलावरम परियोजना और अमरावती राजधानी जैसे विवादास्पद विषयों पर।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश की 'प्रोग्रेस रिपोर्ट 2024-26' क्या है?
यह आंध्र प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर जारी की जाने वाली 10 विषयों पर प्रगति रिपोर्टों की श्रृंखला है, जिसमें वित्त, पोलावरम, अमरावती, बिजली, कानून-व्यवस्था, खनन, आबकारी, विकास, सुशासन और कल्याण शामिल हैं। ये रिपोर्ट 2024 में जारी सात श्वेत पत्रों पर आधारित एक्शन टेकन रिपोर्ट के रूप में भी काम करेंगी।
ये प्रगति रिपोर्ट कब तक जारी होंगी?
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने सभी 10 रिपोर्ट 18 जुलाई तक जारी करने की समयसीमा निर्धारित की है। पहली रिपोर्ट बिजली क्षेत्र पर 22 जून को सार्वजनिक की जानी थी।
इन रिपोर्टों को कौन जारी करेगा?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू स्वयं वित्त, विकास, कल्याण और सुशासन से जुड़ी चार रिपोर्ट जारी करेंगे। शेष छह रिपोर्ट संबंधित विभागों के मंत्री सार्वजनिक करेंगे।
श्वेत पत्रों और इन प्रगति रिपोर्टों में क्या संबंध है?
2024 में सरकार गठन के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने सात श्वेत पत्र जारी किए थे, जिनमें पिछली सरकार के कार्यकाल की कथित अव्यवस्थाओं का उल्लेख था। अब जारी होने वाली प्रगति रिपोर्ट उन्हीं श्वेत पत्रों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट के रूप में काम करेंगी, यानी यह बताएंगी कि उन चुनौतियों से निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए।
क्या भविष्य में भी ऐसी रिपोर्ट जारी होती रहेंगी?
हाँ, सीएम नायडू ने निर्देश दिया है कि भविष्य में हर वर्ष प्रगति रिपोर्ट जारी करना अनिवार्य प्रक्रिया बनाई जाए। साथ ही सभी रिपोर्टों को पुस्तक रूप में संकलित कर प्रकाशित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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