चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश में सरकारी सेवाओं के सरलीकरण की समीक्षा की, 3 माह में कनेक्टिविटी सुधार का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार, 29 जून को अमरावती स्थित सचिवालय के रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी (RTGS) केंद्र से विभिन्न विभागों की व्यापक समीक्षा की और अधिकारियों को सरकारी सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सुलभ एवं सरल बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए। यह समीक्षा बैठक राज्य में शासन-सुधार की दिशा में जारी प्रयासों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सेवा सरलीकरण की मौजूदा स्थिति
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही 11 श्रेणियों की सेवाओं से शुरुआत करते हुए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के ठोस कदम उठाए हैं। सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए विभागीय स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि नायडू सरकार ने सत्ता में वापसी के बाद से ही 'टेक्नोलॉजी-फर्स्ट गवर्नेंस' को अपनी प्राथमिकता बनाया है।
शिकायत निवारण और डिजिटल पहुँच
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली को और मज़बूत करने के निर्देश दिए तथा सुझाव दिया कि नागरिक ऑनलाइन माध्यम के साथ-साथ 'मना मित्र' व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म के ज़रिए भी शिकायत दर्ज कर सकें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि प्लेटफॉर्म पर भेजे गए वॉइस मैसेज भी स्वीकार किए जाएं, ताकि डिजिटल साक्षरता की कमी वाले नागरिकों को भी समान पहुँच मिले।
जब अधिकारियों ने बताया कि राज्य में लगभग 3,000 स्थानों पर मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या बनी हुई है, तो नायडू ने निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में तीन महीने के भीतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए।
'नवचेतना' बाल विकास कार्यक्रम की प्रगति
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लागू 'नवचेतना' प्रारंभिक बाल विकास स्क्रीनिंग कार्यक्रम पर भी प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्यक्रम बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास का आकलन करता है और अब तक राज्यभर में 33,949 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। आंगनवाड़ी केंद्रों के अलावा टीमें घर-घर जाकर भी स्क्रीनिंग कर रही हैं। आगे उचित फॉलो-अप सुनिश्चित करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट भी लागू किया जाएगा।
फील्ड विजिट और अधिकारियों की जवाबदेही
अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के लिए फील्ड विजिट अनिवार्य करने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की गई है। इसके तहत सचिव हर माह 3 दिन, विभाग प्रमुख 6 दिन और जिला कलेक्टर 8 दिन फील्ड विजिट करेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में गंभीर समस्याएं हैं, उनकी पहचान कर तत्काल समाधान किया जाए।
CII और AI तकनीक का उपयोग
मुख्यमंत्री ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी और अन्य प्रतिनिधियों के साथ RTGS केंद्र का दौरा किया। आईटी सचिव कटमनेनी भास्कर ने रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी की कार्यप्रणाली और प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित अन्य तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी, तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान RTGS द्वारा की गई कार्रवाई की केस स्टडी भी प्रस्तुत की। नायडू ने CII प्रतिनिधियों से आंध्र प्रदेश में CII ग्लोबल लीडरशिप सेंटर की स्थापना में तेजी लाने का आग्रह किया। बैठक में मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद और डीजीपी हरि कुमार गुप्ता भी उपस्थित रहे।
यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हुई है जब आंध्र प्रदेश सरकार नागरिक सेवाओं में तकनीक के व्यापक उपयोग और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर ठोस कदम उठा रही है। आने वाले महीनों में कनेक्टिविटी सुधार और पायलट प्रोजेक्ट के नतीजे इन प्रयासों की असली परीक्षा होंगे।